भारत-चीन सैनिक संघर्ष पर विदेशी मीडिया ने क्‍या कहा?

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New Delhi: भारत-चीन के बीच गलवान (Galwan Valley) में हुए सैनिक संघर्ष (Face off) में भारत के 20 जवान शहीद हुए हैं, शुरुआत में खबर आई थी कि 1 आर्मी कर्नल और दो जवान इस फेस-ऑफ मे शहीद हुए हुए हैं, बाद में ये संख्या बढ़ गई. मंगलवार देर रात भारतीय सेना ने बयान जारी करते हुए कहा, “भारतीय और चीनी सैनिक गलवान एरिया में अब पीछे हट गए हैं.

इसी जगह पर 15/16 जून 2020 की रात को दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हो गई थी. हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस झड़प में चीन के भी कई सैनिक मारे गए हैं, लेकिन संख्या का अभी खुलासा नहीं हो पाया है. इस खबर को विदेशी मीडिया ने प्रमुखता दी है, रिपोर्ट्स में जानते हैं कि इस घटना पर इंटरनेशनल मीडिया का क्या रुख है.

डोकलाम के बाद तनाव की खराब स्थिति

इंडिपेंडेंट ने लिखा है कि 2017 के डोकलाम (Doklam) संकट के बाद से दोनों पड़ोसी एशियाई दिग्गजों के बीच तनाव सबसे खराब स्थिति में है. रिपोर्ट में कहा गया है कि रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि चीन को इस पूरे विवाद के बाद 60 वर्ग किमी जमीन हासिल हुई है. रिपोर्ट में भारतीय पक्ष का हवाला देते हए लिखा गया है कि वर्तमान स्थिति, चीन के शुरुआती चुपचाप किए गए कब्जे से हुई. जब तक चीनी सैनिक पीछे नहीं हटते आगे संघर्ष का जोखिम ज्यादा है.

भारतीय सैनिकों पर लोहे की छडों से हमला हुआ

एबीसी ने भारतीय सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सीमावर्ती झड़प में भारतीय सैनिकों पर लोहे की छड़ों और पत्थरों से हमला किया गया, लेकिन इस दौरान फायरिंग नहीं हुई. रिपोर्ट में आगे लिखा गया है कि उन्होंने (चीनी सैनिकों ने) लोहे की छड़ से हमला किया, जिसके बाद भारतीय कमांडिंग अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए, बाद में सैनिकों ने झुंड बनाकर पत्थरों से हमला कर दिया.

सीमाओं को लेकर चीन की आक्रामक नीति जिम्मेदार

गार्जियन (Guardian) ने लिखा है कि दो परमाणु हथियारों वाली ताकतों (India-China) ने पत्थरों के साथ एक-दूसरे पर हमला किया. व्यापक अर्थों में ये टकराव चीन (China) की सीमाओं के लेकर आक्रामक नीति का लक्षण दिखाई देता है.

भारतीय सेना के 20 जवान शहीद

इस खबर पर वाशिंगटन पोस्ट ने कहा है कि सालों तक शांतिपूर्ण तरीके से सीमा साझा करने वाले दो बड़ी जनसंख्या वाले देशों के सैन्य संघर्ष में भारत के 20 सैनिक मारे गए हैं. वाशिंगटन पोस्ट ने ये भी लिखा है कि दोनों तरफ से 1975 के बाद हुए सीमा संघर्ष में कोई भी सैनिक इससे पहले नहीं मारा गया था.

देश की क्षेत्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध भारत

वहीं अलजजीरा ने भारतीय सेना के स्टेटमेंट को प्रमुखता देते हुए लिखा है कि भारत-और चीनी सैनिकों (India and China Troops) के बीच खूनी संघर्ष में 20 भारतीय सैनिकों की जान गई है. भारत ने कहा है कि वो देश की क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है.

वॉशिंगटन एग्जामिनर ने जर्नलिस्ट टॉम रोगन के एक पीस में लिखा है कि चीन ने इस खूनी संघर्ष के जरिए ‘इंडियन नेशनलिस्ट टाइगर’ को उकसाया है. इस पीस में पीएम मोदी को संवेदनशील बताने के साथ ही कहा गया है कि वो भारतीयता की भावना से जुड़े हुए है.

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