असम में बाढ़ का कहर जारी, अब तक 16 की मौत, 4.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित

by

New Delhi: असम में शनिवार को बाढ़ के बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई. बाढ़ का पानी राज्य के 21 जिलों में प्रवेश कर चुका है, जिससे 4.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. राज्य में इसमें दो और लोगों की मौत हुई है. वहीं, बागजान में क्षतिग्रस्त गैस कुएं में आग बुझाने के सारे कार्य स्थगित कर दिये गये हैं क्योंकि वहां बाढ़ का पानी घुस गया है.

तिनसुकिया जिले में बागजान स्थित कुआं संख्या पांच से पिछले 32 दिनों से लगातार गैस का अनियंत्रित रिसाव हो रहा है. कुएं में 27 मई को एक विस्फोट होने के बाद आग लग गई थी और इसमें ऑयल इंडिया लिमिटेड के दो कर्मी मारे गये थे.

कंपनी ने बताया कि बागजान में और इसके आसपास की सभी नदियों में जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. डांगोरी नदी उफान पर है और आग बुझाने के लिये कुएं के ऊपर लगाया गया पंप उसके पानी में डूब गया है. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के मुताबिक, गोवालपारा जिले के बालिजाना और मटिया में बाढ़ के पानी के कारण दो लोगों की मौत हो गई. राज्य में अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हुई है. राज्य में धेमाजी सार्वधिक प्रभावित जिला है और इसके बाद तिनसुकिया, नलबाड़ी जिला भी बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

एएसडीएमए ने कहा कि धेमाजी, लखीमपुर, बिश्वनाथ, उदलगुड़ी, दरंग, बक्सा, नलबाड़ी, चिरांग, गोवालपारा, कामरूप, कोकराझार, बारपेटा, नगांव, गोलाघाट, जोरहाट, माजुली, शिवसागर, डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया समेत अन्य जिलों में बाढ़ के कारण 4.6 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बुलेटिन के मुताबिक, प्रशासन ने पिछले 24 घंटे के दौरान तीन जिले में 261 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

एएसडीएमए ने कहा कि बारिश जारी रहने के कारण डिब्रूगढ़ शहर पिछले चार दिन से पानी में डूबा हुआ है. बाढ़ के कारण 37,313.46 हेक्टेयर क्षेत्र में लगी फसल को नुकसान पहुंचा है. एएसडीएमए ने कहा कि जिला विभागों ने 10 जिलों में 132 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहां 19,496 लोग रहे रहे हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.