थूकने के मामले पर थाने में FIR का आवेदन, DGP पूछ रहे किस पर थूका गया सामने लाइए

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Ranchi: एक ओर जहां झारखंड पर कोरोना संक्रमण गहराता जा रहा है. वही रांची का हिन्दपीढ़ी जो कि 7 कोरोना पॉजिटिव मरीज देकर कोरोना का एपिक सेंटर बन गया है अब एक नए विवादों में उलझता जा रहा है. यह विवाद गहराने का सबसे बड़ा कारण यह है कि पुलिस अधिकारियों के बीच ही सही तालमेल का अभाव है. आनन फानन में चंद मिनटों में कभी थाना प्रभारी निलंबित कर दिए जाते है तो कभी मीडिया पर की एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया जाता है.

झारखंड के लॉकडाउन के बीच कानून व्‍यवस्‍था का खुलेआम मजाक बन गया है. एक ओर कोरोना योद्धा पुलिस प्रशासन सहयोग और सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं. कहीं मारपीट की शिकायतें आर रही हैं तो कहीं लोगों द्वारा थुका जा रहा है. इन सब घटनाओं के बीच सूबे के पुलिस महानिरीक्षक एमवी राव का एक बयान सामने आया है.

डीजीपी के एक बयान ने कई सवाल खड़ा कर दिया है. डीजीपी एमवी राव ने एक मामले पर मीडिया के सवाल पर कहा कि मैं आप लोगों से पूछना चाहता हूं कि किस पर थूका गया उस आदमी को आइडेंटिफाई किया आपलोगों ने. पहले उनको लाइए न. किस पर थूका गया पहले उनको सामने लाइए. वहीं से हमलोगों को जांच करना है. हम उसी आदमी को खोज रहे हैं जिस पर थूका गया है.

डीजीपी साहब ने अपने जवाब के साथ एक मिसाल भी दिया और कहा कि एक कहावत है कि सब कह रहे थे कि नाक ले गया, नाक ले गया. पहले ये भी देख लिजिए कि नाक है भी या नही.

मेयर द्वारा एफआईआर का आदेश

आपको बता दें कि रांची का हिंदपीढ़ी क्षेत्र कोरोना वायरस का हॉट स्‍पॉट बन गया है. यहां सात मरीज कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. पूरा एरिया सील है. इन सबके बावजूद सफाई कर्मचारी जान जोखिम में डालकर यहां सैनिटाइजेशन के काम में जुटे हैं, पर कुछ असामाजिक तत्व इन पर थूक कर इनका मनोबल तोड़ने में लगे हैं.

गुरुवार को नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम के साथ ये लोग घरों को सैनिटाइज करने में जुटे थे. नाला रोड पर जैसे ही टीम ने केमिकल का छिड़काव शुरू किया, कई युवकों ने छत से उन पर थूकना शुरू कर दिया. कुछ लोगों ने 10-10 रुपए के नोट पर थूक लगाकर निगम कर्मियों पर फेंका. इसके बाद इंफोर्समेंट अफसर राजेश गुप्ता मुहल्ले को सैनिटाइज किए बिना ही वाहन लेकर वहां से निकल गए. उप नगर आयुक्त रजनीश कुमार को इसकी जानकारी दी.

इस वाकये के बाद रांची नगर निगम की मेयर आशा लकड़ा की ओर से कहा गया कि पिछले कई दिनों से हिन्दपिड़ी समेत में पूरे रांची नगर निगम क्षेत्र में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के इस विषम परिस्थिति में सफाईकर्मी जान जोखिम में डालकर बिना सुरक्षा किट के एक योद्धा की तरह काम कर रहे हैं.

उन्‍होने कहा कि फिर भी उनके साथ हॉट स्पॉट बने हिन्दपिड़ी में तरह-तरह से बार-बार सफाईकर्मियों एंव सैनिटाइजर करने गए कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार कर मानवता को शर्मसार किया जा रहा है. यह बहुत ही गंभीर विषय है. हिन्दपिड़ी में केवल गली मोहल्ले के प्रवेश एवं निकासी द्वार पर ही सुरक्षाकर्मी है. अंदर नहीं हैं.

मेयर ने कहा कि ऐसे में नगर निगम के इंफोसेमेन्ट टीम के साथ मोटरसाइकिल दास्ता के माध्यम से सुरक्षा रांची नगर निगम के सफाईकर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए, अन्यथा रांची नगर निगम के सफाईकर्मी ने उक्त स्थान पर कार्य नहीं करेंगे कही है. साथ 9 अप्रैल 2020 थूकने की घटना को गंभीरता से लेते हुए, उन सभी लोगों पर रांची नगर निगम की ओर से FIR करने की आदेश दी गई है.

हिन्‍दपीढ़ी थाना में एफआईआर के लिए आवेदन

मेयर आशा लकड़ा द्वारा जारी इस बयान के बाद घटना को लेकर हिन्‍दपीढ़ी थाना में एक एफआईआर भी दर्ज कराने के लिए आवेदन भी दिया गया है. एफआईआर के इस आवेदन में भुक्‍तभोगियों ने अपना नाम और मोबाइल नंबर भी जाहिर किया है. इसमें शिकायतकर्ता नगर निगम कर्मियों ने कहा है कि 7 अप्रैल 2020 को सेनिटाइजेशन के दौरान नाला रोड हिन्‍पीढ़ी में कुछ अज्ञात लोगों के द्वारा चलती गाड़ी पर थुका गया. लेकिन अंधेरा होने के कारण हमलोग थुकने वालों को पहचान नहीं पाए. उन्‍होंने इस आवेदन में दोषियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है. आवेदन के रिसीविंग पर थाना का मुहर और दस्‍तखत भी हैं.

पत्रकार के फेसबुक पोस्‍ट पर सवालों के घेरे में पुलिस की कार्यशैली

डीजीपी एमवी राव के ताजा बयान ने झारखंड में कोरोना वायरस से लड़ाई और पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं. इस पूरे वाक्‍ये के बाद रांची के एक वरिष्‍ठ पत्रकार योगेश किशलय ने अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्‍ट लिखा है. इसे अक्षरश: पूरा पढिए.

झारखंड के डीजीपी ने पत्रकारों से कहा कि कुछ खास इलाकों में स्वस्थ्यकर्मियों की पिटाई करने , थूकने , हंगामा करने की बाते गलत है. कहीं भी FIR नही हुआ है. राव साहब! लोगो को पता है कि आपकी ईमानदारी और जांबाजी पर राजनैतिक दबाव हावी है. वरना रातू थाने के परहेपाट में जिस मौलवी ने 400 बच्चों को अपने मदरसा में रोक रखा था उसपर भी FIR होना चाहिए था. लेकिन ऊपर से आदेश था कि FIR न करें.

हिंदपीढ़ी में पार्षद के पति ने स्वास्थ्यकर्मी की पिटाई की वह तो जगप्रसिद्ध है. उसमें FIR क्यों नही हुआ? हिंदपीढ़ी में ही प्रशासन के घुसने पर हंगामा मचाया गया था उसकी वीडियो फुटेज भी आपने देखी होगी. उसका FIR कहां है? पूरे देश मे तलबिगी जमातियों और उनके बिरादरी द्वारा पेशाब फेंकने, थूकने, गाली गलौज करने, पीटने, खदेड़ने के दृश्य ब्लर करके न्यूज़ चैनलों में दिखाए गए हैं.
क्या झारखंड के तब्लीगियो को बिरयानी खिलाया जा रहा है कि उनका बिहेवियर संतो जैसा हो जाएगा. FIR आप नहीं कीजियेगा तो क्या अपराध नहीं होंगे? यह योगी का उत्तर प्रदेश थोड़े है कि धार्मिक अल्पसंख्यक होने के नाम पर विक्टिम कार्ड खेलने वालों का चूतड़ लाल किया जाता है. जनाब, आप इनका और देश का अहित कर रहे हैं.

मलेशियाई औरत ने नर्स को गोली मारने की धमकी दी थी तो क्यों नही FIR कराए ? और सबसे बड़ी बात तो यह है कि सरकार और प्रशासन की इच्छा के खिलाफ जाकर कौन FIR कराएगा? रांची के सभी अखबार गलत छाप रहे हैं. चैनल वाले गलत बात रहे हैं. सोशल मीडिया में इसी समुदाय के चढ़े हुए युवक पुलिस को डपटते, चुनौती देते हुए दिख रहे हैं.

कभी अपनी पुलिस और प्रशासन को छूट देकर देखिए FIR की लाइन लग जायेगी. ऐसा थोड़े है कि FIR ब्रह्मा की पोथी है कि यहां मामला दर्ज नही हुआ तो घटना ही नहीं घटी. और अब आपके बयान के बाद तो कुछ मलंग औऱ लफुवा, स्वास्थ्यकर्मियों को तो छोड़िए पुलिस और प्रशासन से भी छूर खेलेंगे. पत्रकारों और डॉक्टरों को नहीं गदानेंगे सो अलग.

लिखते लिखते : डीजीपी साहब यह पोस्ट लिखते लिखते एक पत्रकार का भी फोन आया कि हिंदपीढ़ी के सरफराज चौक में एक मकान की छत पर कोई सामूहिक कार्यक्रम हो रहा है और इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को देने की कोशिश हो रही है लेकिन कोई फोन ही नहीं रिसीव कर रहा है. इसलिए साहब , FIR कहां से होगा ? FIR तो उसपर होगा जो प्रिंट, एलेक्टरोनिक औऱ सोशल मीडिया पर सच बताएगा.

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