फिक्‍की ने आयोजित किया आपदा में स्वास्थ्य हेल्थ फूड एंड न्यूट्रिशन पर वेबीनार

Ranchi: स्वास्थ्य जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है. हर मनुष्य को अच्छे स्वास्थ्य का हक है. इस महामारी के दौर में यह और भी जरूरी और महत्वपूर्ण हो गया है कि मनुष्य अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ज्यादा ध्यान दें और अपने खानपान  पर उचित ध्यान दें. फिक्की एक जवाबदेह चेंबर है और इस महत्वपूर्ण विषय की गंभीरता को समझता है और इसी परिपेक्ष में आपदा में स्वास्थ्य हेल्थ फूड एंड न्यूट्रिशन वेबीनार का आयोजन कर रहा है.

इस कार्यक्रम की शुरुआत तरुण जैन डायरेक्टर फिक्की के स्वागत भाषण से हुआ.

सतीश चंद्रचौधरी एडिशनल सेक्रेटरीडिपार्टमेंट ऑफ फूडपब्लिक डिसटीब्यूशन एंडकंज्यूमर अफेयर्स झारखंड ने कहा कि स्वस्थ शरीर सबसे बड़ा उपहार है और इस महामारी के दौर में स्वस्थ रहना सबसे बड़ी चुनौती है. स्वस्थ जीवन शैली ही स्वस्थ रहने की कुंजी है.

उन्होंने कहा कि डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स में बताया गया है कि यह राज्य सरकार का दायित्व है की कि वह आम जनता की स्वास्थ्य का पूर्ण रूप से ख्याल रखें. उन्होंने यह भी बताया एनएफएसए 80 करोड़ लोगों को अनाज उपलब्ध कराता है. 

उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार 1800000 टन भोजन मिड डे मील कार्यक्रम के अंतर्गत लोगों तक पहुंच आती है. उन्होंने कहा कि राज्य के पास 25000 पीडीएस दुकानें हैं जोकि दो करोड़ 61 लाख लोगों को अनाज देती हैं इसके अंतर्गत 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं दिया जाता है.

इस कार्यक्रम में कई गणमान्यलोगों ने अपनेविचार साझा किए

सीबी चक्रवर्ती,  वाइस प्रेसिडेंट एमवे इंडिया ने कहा कि भारत में डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री 14000 करोड़ की है,  और इसमें महिलाओं की भूमिका बहुत ज्यादा है. यह क्षेत्र महिलाओं को स्वावलंबी बनाता है और साथ ही उन्हें रोजगार भी मुहैया कराता है.

WeR1 लाइफ प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के एमडी धीरज सिंह ने कहा कि देश की हर राज्य सरकार ने इस महामारी की रोकथाम के लिए व्यापक कदम उठाएं हैं.  उन्होंने कहा की डायरेक्ट सेलिंग के क्षेत्र में बहुत संभावनाएं हैं और यह रोजगार का एक उत्तम साधन है.

आयुष्‍मान हेल्‍थ के संस्थापक और सीईओ मुकेश सिन्हा ने कहा स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है,  और यह पैसों से नहीं खरीदी जा सकती. अगर ऐसा होता तो अमेरिका और यूरोप जैसे विकसित देशों में पूर्णिमा हमारी की वजह से इतनी मौतें नहीं होती. इसका सीधा मतलब यह है कि मनुष्य अपने को स्वस्थ रखकर शारीरिक धन को संचित कर सकता है.

इंडियन वेदव्यास डॉट कॉम के संस्‍थापक पीयूष जुनेजा ने कहा क्या भारतीय परिवार भी स्वस्थ भोजन और स्वस्थ जीवन शैली की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं और अपने दैनिक भोजन में फूड सप्लीमेंट्स का प्रयोग कर रहे हैं. उन्होंने बताया की प्राकृतिक पौधे जैसे तुलसी अश्वगंधा गिलोय मैं प्राकृतिक औषधीय गुण होते हैं और इन्हें नित्य भोजन में प्रयोग किया जा सकता है.

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