देश के नंबर वन सुविधा वाले रांची एयरपोर्ट में महिला यात्री को नहीं मिला स्‍ट्रैचर या व्‍हील चेयर

Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची एयरपोर्ट (Ranchi Airport) पर हवाई यात्री के साथ जानवर जैसा सलूक किया गया. एक बीमार महिला यात्री को व्हील चेयर उपलब्ध नहीं कराया गया. बल्कि महिला को चार लोग (परिजन) मिलकर चादर में लपेटकर एयरपोर्ट से निकालकर बाहर लगे एंबुलेंस में डाला गया. बिरसा मुंडा एयपरपोर्ट रांची को यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए अवार्ड मिल चुका है.

बता दें कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची हमेशा विवादों में रहा है. एक बार फिर से यात्रियों के संग जानवर जैसा व्यवहार किया गया. कल यानी गुरूवार को संध्या 5.30 बजे दिल्ली से रांची आने वाली फ्लाइट में एक बीमार यात्री को व्हील चेयर उपलब्ध नहीं कराया गया. बल्कि, महिला यात्री कलावंती को चार लोग मिलकर चादर में उठाया और उन्हें एयरपोर्ट से निकालकर बाहर लगे एंबुलेंस में डाला गया.

रांची एयरपोर्ट की लापरवाही

बता दें कि रांची एयरपोर्ट को यात्री सुविधा के नाम देश में पहला स्थान प्राप्त है. मगर, गुरुवार की घटना से स्पष्ट हो गया कि जरूरतमंद यात्रियों को एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा व्हील चेयर नहीं उपलब्ध कराया जाता है. जबकि नियमानुसार ऐसे यात्रियों को व्हील चेयर या स्ट्रेचर उपलब्ध कराना जरूरी है. एयरपोर्ट की इस लापरवाही के कारण मरीज के परिजनों को परेशानी हुई और उन्हें मजबूरन चादर पर मरीज को ले जाना पड़ा.

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मौके पर खड़े यात्रियों का क्या है कहना

मौके पर खड़े यात्रियों का कहना था कि यह दृश्य तो किसी बस स्टैंड की लग रही है. एयरपोर्ट प्रबंधन से ऐसी उम्मीद नहीं की जा सकती है.

एक दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में चढ़ने से किया गया था मना

बता दें कि कुछ महीने पहले भी एक दिव्यांग बच्चे को फ्लाइट में बैठाने से विमानन कंपनी द्वारा मना कर दिया गया था. इस मामले में भी एयरपोर्ट प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया गया था. लेकिन, नागर विमानन मंत्रालय और डीजीसीए के हस्तक्षेप के बाद मामले में कार्रवाई हुई थी. वहीं, इस मामले में एयरपोर्ट प्रबंधन कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया.

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इस मामले को मैं खुद नागर विमानन मंत्री को अवगत कराऊंगा: संजय सेठ

रांची सांसद संजय सेठ का कहना है कि यह बिलकुल अमानवीय चेहरा एयरपोर्ट प्रबंधन का है. पिछली बार हुई बैठक में एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना था कि एयरपोर्ट डाक्टर सहित अन्य सुविधाएं यात्री मरीजों के लिए है. अगर ऐसा यात्री के संग व्यवहार किया गया तो गलत है. इस मामले को मैं खुद नागर विमानन मंत्री को अवगत कराऊंगा. इस में मामले उचित कार्रवाई होनी चाहिए.

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