बहुर्चित कोचांग गैंग रेप मामले में फादर अल्‍फांसो को 15 मई के दिन कोर्ट करेगी सजा का ऐलान

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Khunti: झारखंड में बहुचर्चित कोचांग गैंग रेप के मामले में फादर अल्फांसो समेत छह लोगों को दोषी करार दिया गया है. दोषी करार दिए जाने के बाद फादर अल्फांसों को खूंटी जेल भेज दिया गया है. जबकि पांच दोषी पहले से जेल में हैं.

खूंटी व्यवहार न्यायालय के लोक अभियोजक सुशील जायसवाल ने बताया है कि जिला अपर सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार की अदालत ने फादर अल्फांसो समेत छह लोगों को दोषी करार दिया है. सजा का एलान 15 मई को होगा.

इस मामले में जॉन जिनास तिड़ू, बलराम समद, जुनास मुंडा, अजुल सांडी पूर्ति और बाजी समद टकला पहले से जेल में हैं. गौरतलब है कि बलराम समद और जुनास मुंडा पर पत्थलगड़ी आंदोलन में लोगों को भड़काने का भी अलग से मामला दर्ज है.

इससे पहले इसी साल 14 मार्च को फादर अल्फांसो को इस मामले में झारखंड हाइकोर्ट से जमानत मिली थी. फिलहाल वे जमानत पर जेल से बाहर थे. लेकिन आज उन्हें फिर से हिरासत में लेते हुए खूंटी जेल भेज दिया गया.

लोक अभियोजक सुशील जायसवाल ने बताया कि इस मामले में 19 लोगों की गवाही कराई गई थी. सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने फादर अल्फांसो समेत छह लोगों को अदालत ने दोषी करार दिया है.

उन्होंने बताया कि भारतीय दंड विधान (आईपीसी) की धारा 376 (डी), 120 (बी), 354 (बी) 363 और 365 के तहत मामला दर्ज किया गया था. ये धाराएं, अपहरण, साजिश, बलात्कार तथा छेड़छाड से जुड़ी है.

फादर अल्फांसों को इस घटना में षड़यंत्र करने और जान जिनुस तुड़ू तथा बलराम समद पर महिलाओं का अगवा कर दुष्कर्म करने के लिए उत्प्रेिरत करने का आरोप है.

19 जून 2018 को हुई थी कोचांग गैंग रेप की घटना

पिछले साल 19 जून को पांच महिला कार्यकर्ताओं के सथ कोचांग में गैंग रेप की घटना हुई थी. जिस कोचांग गांव की ये घटना है वो झारखंड की राजधानी रांची से क़रीब 90 किलोमीटर तथा खूंटी जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर है.

पुलिस में दर्ज मामला के मुताबिक 19 जून को एक ग़ैर सरकारी संस्था ‘आशा किरण’ से जुड़ी महिलाओं की एक टीम मानव तस्करी के ख़िलाफ़ एक जागरूकता अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक करने कोचांग गांव गई थी.

गांव के बाज़ार में नुक्कड़ नाटक करने के बाद संस्था के ये लोग एक स्थानीय मिशनरी स्कूल पहुंचे थे. फादर अल्फांसो इसी मिशन स्कलू के हैं. स्कूल में भी नुक्कड़ नाटक किया जाना था. इस टीम के साथ संस्था की दो सिस्टर भी थीं. लेकिन अपराधियों ने सिस्टर के साथ कुछ गलत नहीं किया था.

बंदूक की नोक पर पांच लड़कियों को किया गया था अगवा

आरोप है कि टीम में शामिल महिला और लड़कियों के स्कूल पहुंचते ही मोटरसाइकिल सवार कुछ लोग स्कूल पहुंचे और हथियारों के बल पर पांच लड़कियों का अगवा कर लिया. साथ ही टीम में शामिल तीन पुरुष सदस्यों के साथ मारपीट की गई. इसके बाद अभियुक्तों ने पास के जंगल में ले जाकर गैंग रेप को अंजाम दिया. आरोप है कि इस साजिश में फादर अल्फांसो भी शामिल थे.

21 जून को मामला दर्ज किए जाने के बाद 22 जून को फादर अल्फांसो समेत तीन लोगों को गिररफ्तार किया गया था. इसके बाद अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. इस घटना की गूंज झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली तक पहुंची.

कोचांग गैंग रेप की जांच

23 जून को राष्ट्रीय महिला आयोग की दो सदस्यीय टीम और झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ने खूंटी में उपायुक्त के साथ बैठक कर घटनाक्रमों और पुलिस तथा प्रशासन की कार्रवाई की जानकारी हासिल की थी.

इससे पहले जांच के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तीन टीमें गठित की गई थी. खुद रांची के डीआईजी खूंटी में कैंप कर मामले की तफ्तीश में जुटे रहे थे. आशा किरण संस्था की पदाधिकरियों और फादर अल्फांसो पर ये भी आरोप लगे थे कि उन्होंने घटना की जानकारी होने के बाद भी 24 घंटे से ज्यादा वक्त तक पुलिस को किसी किस्म की जानकारी नहीं दी थी.

हालांकि बाद में कई सामाजिक और जन संगठनों ने भी इस कांड को लेकर रिपोर्ट जारी की थी और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे.

 

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