नेत्रहीन को पुलिस ने बनाया क्राईम का आई विटनेस

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#Ramgarh : झारखंड के रामगढ़ जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है. यहां डकैती और लूटपाट के मामले में पुलिस ने एक जन्म से नेत्रहीन व्यक्ति को चश्मदीद गवाह बना दिया. नेत्रहीन को गवाही देने की बात को लेकर जिला पुलिस और उसकी कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं.

यह पूरा मामला रामगढ़ के गोला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बड़की कोईया गांव की है. वर्ष 2016 में हुए गोली और डकैती कांड में कागजी कार्रवाई करते हुए कोईया गांव के एक नेत्रहीन चुनुवा करमाली नाम के व्यक्ति को पुलिस ने घटना का चश्मदीद गवाह बना दिया. आपको बता दें कि चुनुवा जन्म से ही नेत्रहीन है. यह मामला रामगढ़ जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है.

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जज सहित सभी लोग हक्के-बक्के

हालही में जब नेत्रहीन रामगढ़ को न्यायालय में अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया तो जज सहित वहां उपस्थित सभी लोग हक्के-बक्के रह गए. मिली जानकारी के अनुसार गोला थाना में अपराध संख्या 41/2016 के तहत लूटपाट का मामला दर्ज किया गया था. जिसमें एक व्यक्ति से रुपए की लूट हुई थी.

पुलिस नेत्रहीन पर बना रही गवाही का दबाव

नेत्रहीन चुनुआ ने बताया कि 2016 में जहां डकैती की घटना हुई थी वहां अन्य लोगों के साथ मैं भी मौजूद था. पुलिस गवाहों के नाम लिख रही थी उसी समय मेरा भी नाम लिख दिया गया. उसने कहा कि मैं देख नहीं सकता तो भला मुझे कैसे पता होगा कि उस समय वहां क्या हुआ था. लेकिन पुलिस लगातार मुझपर गवाही देने का दबाव बना रही है.

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जज ने पुलिस को लगाई फटकार

चुनुआ ने बताया मामले में पुलिस ने गवाही देने के लिए कहा. इसलिए मैं कोर्ट पहुंच गया. लेकिन जज साहब ने मुझे देखते ही पुलिस को फटकार लगाई कि एक नेत्रहीन को डकैती कांड में गवाह कैसे बना दिया गया. पूरे मामले में रामगढ़ एसडीपीओ राधा प्रेम किशोर का कहना है कि मामले के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया है. इसे गंभीरता से लेकर इसकी जांच की जाएगी.

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