Take a fresh look at your lifestyle.

निर्यातकों को 50 और रियल एस्टेट को 10 हजार करोड़ का मिलेगा फंड

0

New Delhi: इंडियन इकोनॉमी में जारी सुस्‍ती को लेकर आलोचनाओं से घिरी मोदी सरकार की फाइनेंस मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) एक बार फिर मीडिया से मुखातिब हुईं. राजधानी दिल्‍ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में शनिवार को आयोजित प्रेंस कांफ्रेंस में उन्होंने संवादाताओं को संबोधित करते हुए रियल एस्‍टेट सेक्‍टर के लिए कई बड़ी रियायतों की घोषणा के साथ एक्‍सपोर्ट को बढ़ावा देने का भी ऐलान किया. अर्थव्‍यवस्‍था में जान फूंकने के लिए वित्‍त मंत्री ने निर्यातकों को 50 हजार करोड़ रुपये और हाउसिंग सेक्‍टर को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड देने की घोषणा की है.

एक महीना में दूसरा बड़ा बूस्‍टर डोज

निर्मला सीतारमण ने सुस्‍ती से गुजर रही अर्थव्‍यवस्‍था के लिए एक महीने के अंदर ये दूसरा बड़ा बूस्‍टर डोज दिया है. वित्‍त मंत्री ने हाउसिंग और एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए हैं. उन्‍होंने  हाउसिंग सेक्‍टर को गति देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का फंड देने की घोषणा की, जिसे 60 फीसदी तक पूरे हो चुके और लटके प्रॉजेक्ट के लिए होगा. हालांकि इसमें शर्त यह होगी कि वह प्रॉजेक्ट एनपीए व एनसीए न हो. ऐसे घरों की संख्या 3.5 लाख करोड़ से ज्यादा है. इससे घर खरीदने वाले उन ग्राहकों को लाभ होगा,  जिन्‍हें पूरा पैसा चुकाने के बाद घर का पॉजिशन अभी तक नहीं मिला है. इसके अलावा रियल एस्टेट कंपनियों के लिए विदेश से कर्ज जुटाने की शर्तों को भी आसान बनाने का ऐलान किया गया है. इससे कंपनियां अपनी फंड की कमी की समस्या दूर कर सकेंगी.

ईसीबी गाइडलाइंस और आसान करेगी सरकार 

संवादाताओं को संबोधित करते हुए सीतारमण ने बताया कि अफोर्डेबेल हाउसिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ईसीबी गाइडलाइंस में कई सुधार करेगी. गौरतलब है कि पिछले कुछ साल के दौरान एक्सटर्नल कॉमर्शियल बोरोइंग (ईसीबी) भारतीय कंपनियों के लिए फंड इकट्ठा करने का एक जरिया बन कर उभर रहे हैं. ईसीबी विंडो के तहत भारत की कंपनियां अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट्स के जरिये कुछ खास परिस्‍थतियों में विदेश से कर्ज जुटाने की योग्य है. 

एक्‍सपोर्ट को बढ़ावा के लिए शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन 

वित्‍त मंत्री ने एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने के लिए देश में अगले साल मार्च में मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन किए जाने की घोषणा की है. इसके तहत हर साल केंद्र मेगा शॉपिंग फेस्टिवल का आयोजन करेगी. इन्हें देश के चार शहरों में आयोजित किया जाएगा. ये आयोजन मार्च 2020 से शुरू होगा, जो शॉपिंग फेस्टिवल जेम्स एंड ज्वेलरी,  योगा एवं टूरिज्म, टैक्सटाइल एवं लेदर क्षेत्र से जुड़े होंगे. 

अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए सीतारमण ने निर्यातकों को नए इंसेंटिव के तहत 50,000 करोड़ रुपये के पैकेज देने का ऐलान किया. ये पैकेज 1 जनवरी, 2020 से मान्य होगा. नई घोषणा के तहत निर्यातकों को अब मर्चेनडाइज एक्सपोर्ट फ्राम इंडिया स्कीम (एमईआईएस) के तहत मिलने वाले इंसेंटिव की जगह रेमिशन ऑफ ड्यूटी और टैक्स ऑन एक्सपोर्ट प्रोडक्ट (आरओडीटीईपीटी) के तहत कई प्रकार की आर्थिक मदद मिलेगी. 

31 दिसंबर तक मान्य रहेगी स्कीम

सीतारमण ने संवाददाताओं को बताया कि नए प्रकार के इंसेंटिव से 50 हजार करोड़ रुपये का भार केंद्र सरकार पर पड़ेगा. उन्होंने बताया कि नई स्कीम का लाभ सभी प्रकार की वस्तुओं के निर्यात एवं सेवा निर्यात को मिलेगा. इस साल 31 दिसंबर, 2019 तक एमईआईएस स्कीम मान्य रहेगी, क्योंकि निर्यातक इस स्कीम के हिसाब से आर्डर ले चुके हैं. नई स्कीम विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के मुताबिक होगी. अब सरकार की ओर से निर्यातकों को दिए जाने वाले इंसेंटिव को डब्ल्यूटीओ में चुनौती नहीं दी जा सकेगी.

उल्‍लेखनीय है कि अभी वस्तुओं के निर्यात में गिरावट का दौर चल रहा है. अगस्त माह के निर्यात में पिछले साल के अगस्त के मुकाबले 6.05 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. सीतारमण ने कहा कि बैंक की तरफ से निर्यातकों को कर्ज देने में प्राथमिकता दी जाएगी. उन्होंने बताया कि निर्यातकों को 36 हजार करोड़ रुपये से 68 हजार करोड़ रुपये कर्ज के रूप में दिए जाएंगे. निर्यताकों की यह शिकायत रही है कि उन्हें कर्ज देने में बैंक की तरफ से आनाकानी की जाती है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. निर्यात सेक्टर को मिलने वाले कर्ज की विस्तृत जानकारी रिजर्व बैंक जारी करेगा. एक डैश बोर्ड भी होगा, जिसे देखकर हर कोई रियल टाइम जानकारी ले सकेगा.

बंदरगाहों को बनाया जाएगा वैश्विक

वित्‍त मंत्री ने बताया कि हमारे देश के बंदरगाहों से निर्यात के लिए सामान को भेजने में दुनिया के अन्य बंदरगाहों के मुकाबले ज्यादा है. उन्होंने बताया कि बोस्टन बंदरगाह पर सामान को भेजने में सिर्फ 0.55 दिन लगते हैं, शंघाई के लिए यह समय 0.83 दिन है, जबकि भारत के कोच्चि से सामान को भेजने में 1.10 दिन लगते हैं. उन्होंने बताया कि अगले तीन महीने में भारत के बंदरगाहों को भी वैश्विक स्तर का बना दिया जाएगा. दिसंबर, 2019 से भारत के बंदरगाहों से भी सामान भेजने में कम समय लगेंगे.

एफटीए की समीक्षा करेंगे

निर्मला सीतारमण ने बताया कि भारत ने कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया है, लेकिन उनका फायदा भारत को उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रहा है. सरकार ने फैसला किया है कि वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साथ मिलकर एफटीए की समीक्षा करेंगे और निर्यातकों को उस एफटीए के तहत फायदा उठाने के उपाय बताएंगे.

उन्‍होंने संवादाताओं को बताया कि गुणवत्ता की जांच जरूरी है और आयातित वस्तुओं की भी गुणवत्ता की जांच की जाएगी. निर्यातकों को एक तय समय सीमा में तकनीकी प्रणाली को अपनाना होगा, ताकि निर्यात होने वाले उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर हो सके.

इसके अलावा वित्‍त मंत्री ने कहा कि हैंडीक्राफ्ट्स के ई-निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक शिल्पकारों को निर्यात के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. शिल्पकारों को ई-प्लेटफार्म पर पंजीकृत किया जाएगा. इस काम में एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की मदद ली जाएगी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More