Take a fresh look at your lifestyle.

अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ जो भारत की जीडीपी दर को लेकर चर्चा में आई

0 19

New Delhi: अतंरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ एक फिर सुर्खियों में छाई हुई हैं. आईएमएफ ने भारतीय अर्थव्यवस्था में बढ़त के अनुमान को काफी घटा दिया है. आईएमएफ ने दावोस में चल रहे विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान इस अनुमान को जारी किया. आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने कहा है कि भारत सहित कई देशों में छाई सुस्ती का असर दुनिया भर में देखने को मिल रहा है. गीता गोपीनाथ के बयान को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्रियों कपिल सिब्बल और पी चिदंबरम ने सरकार पर निशाना साधा है. वह इससे पहले नोटबंदी का विरोध करके चर्चा में आई थीं. आज हम आपको बताते हैं कि गीता गोपीनाथ कौन हैं-

2019 में बनीं आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री

अक्तबूर 2018 में गीता को आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में नियुक्त किया गया था. हालांकि उन्होंने एक जनवरी, 2019 को अपना कार्यभार संभाला. वह इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला हैं. उन्होंने आईएएमफ में मौरिस आब्स्टफेल्ड की जगह ली है जो 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हुए थे.

गोपीनाथ को आईएमएफ की चीफ इकोनॉमिस्ट और इसके अनुसंधान विभाग का निदेशक बनाया गया है. वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं. वह राष्ट्रीय आर्थिक अनुसंधान ब्यूरो में अंतरराष्ट्रीय वित्त और मैक्रोइकोनॉमिक्स कार्यक्रम की सह-निदेशक भी हैं. वह केरल सरकार की आर्थिल सलाहकार के तौर पर काम कर चुकी हैं.

दिल्ली विश्वविद्यालय की रही हैं छात्रा

गीता का जन्म आठ दिसंबर 1971 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने मैसूर से अपनी स्कूली शिक्षा प्राप्त की है. वह टीवी गोपीनाथ और वीसी विजयलक्ष्मी की छोटी बेटी हैं. उनके माता-पिता मूलत: केरल के कन्नूर में रहते थे. उन्होंने 1992 में दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमेन से अर्थशास्त्र में स्नातक और 1994 में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से परास्नातक की डिग्री ली. उनके पास यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन की परास्नातक डिग्री भी है.

वित्त मंत्रालय के जी-20 सलाहकार समिति में रही हैं सदस्य

वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय अध्ययन और अर्थशास्त्र की प्रोफेसर रही हैं. इससे पहले उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो में पढ़ाया है. वह भारत के वित्त मंत्रालय के जी-20 सलाहकार समिति में प्रतिष्ठित सदस्य के रूप में भी शामिल रही हैं. उन्होने 2001 में प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय व्यापक अर्थशास्त्र और व्यापार में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है.

आईएएस टॉपर इकबाल सिंह से की है शादी

गोपीनाथ के पति इकबाल सिंह धालीवाल हैं जो अर्थशास्त्र में स्नातक हैं और 1995 बैच के आईएएस टॉपर रहे हैं. बाद में वह नौकरी छोड़कर पढ़ाई के लिए प्रिंसटन यूनिवर्सिटी चले गए थे. वर्तमान में गीता, उनके पति और बेटा कैम्ब्रिज (ब्रिटेन) में रहते हैं. गोपीनाथ को 2019 में शैक्षणिक वर्ग में राष्ट्रपति से प्रवासी भारतीय सम्मान मिला था.

नोटबंदी की कर चुकी हैं आलोचना

आईएमएफ की मुख्य अर्थशास्त्री चुने जाने के बाद गीता गोपीनाथ ने भारत में नोटबंदी की कड़ी शब्दों में आलोचना की थी. अब उनकी कही वे बातें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने कहा था कि कोई भी बड़ा अर्थशास्त्री नोटबंदी को जायज नहीं ठहरा सकता है. उनका कहना था कि न तो सभी नकदी कालाधन होता है और न भ्रष्टाचार.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.