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सिम स्वैपिंग फ्रॉड से बचने के आसान तरीके

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एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया अभियान के तहत कैशलेस अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दे रही है. वहीं, हैकर डिजिटल भुगतान की खामियों का फायदा उठाकर नए-नए तरीकों से लोगों के बैंक खातों में सेंध लगा रहे हैं.

नोएडा में प्रतिदिन इस तरह के औसतन चार-पांच मामले सामने आते हैं. हैकर खातों में सेंध लगाने के लिए अब तेजी से सिम स्वैपिंग का तरीका अपना रहे हैं.

ये है सिम स्वैपिंग से बचने के तरीके

-सोशल मीडिया पर अपनी गोपनीय जानकारी या पूरा ब्योरा साझा न करें जैसे कि घर का पूरा पता.

-सोशल मीडिया संबंधी सभी सिक्योरिटी फीचर हमेशा ऑन रखें ताकि वही लोग आपकी जानकारी देख सकें, जिन्हें आप चाहते हैं. अनजान लोगों को न जोड़ें.

-सोशल मीडिया अथवा ईमेल पर अनजान लोगों द्वारा भेजा गया मैसेज या ईमेल न खोलें. इसमें वायरस हो सकता है जो आपकी सभी जानकारी हैकर तक पहुंचा सकती है.

-अगर मोबाइल बैंकिंग करते हैं तो भरोसेमंद मोबाइल ऐप ही डाउनलोड करें.

-भरोसेमंद ई-वॉलेट का इस्तेमाल करें और ई-वॉलेट में जरूरत भर सीमित रकम ही रखें.

-भरोसेमंद वेबसाइट पर ही ई-शॉपिंग करें.

-अपना मोबाइल अनजान व्यक्ति के हाथ न लगने दें. मोबाइल को पासवर्ड लगाकर सुरक्षित रख सकते हैं.

-फोन या ईमेल पर किसी को अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या क्रेडिट कार्ड से संबंधित कोई जानकारी न दें. बैंक के पास आपके पासवर्ड या पिन के अलावा सारी जानकारी पहले से होती है.

– घर की महिलाओं व बुजुर्गों को भी इस संबंध में जागरूक करें. हैकर उनसे आसानी से गोपनीय जानकारी प्राप्त कर लेते हैं.

-आधार कार्ड का नंबर अनजान मोबाइल नंबर पर एसएमएस न करें. बैंक में जाकर खुद आधार कार्ड पंजीकृत कराएं.

-धोखाधड़ी का पता चलते ही बैंक को सूचना दें. कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग आदि ब्लॉक करा दें या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदल दें. बैंक से की गई शिकायत का नंबर व एसएमएस सुरक्षित रखें.

-पुलिस को सूचित करें, पुलिस की साइबर क्राइम सेल को तत्काल सूचित करें. जितनी जल्दी साइबर सेल को सूचना मिलेगी, खाते से निकाली गई रकम वापस मिलने की उम्मीद उतनी ज्यादा रहेगी.

-30 दिन में बैंक से जरूरी सहायता नहीं मिलने पर बैंकिंग लोकपाल या बैंक के प्रशासनिक शिकायत जांच अधिकारी से संपर्क करें. आरबीआई के डिप्टी गवर्नर को भी शिकायत भेज सकते हैं.

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