e-nam सुविधा से किसानों को मिलेगा फसल का वाजिब दाम

by

New Delhi: भारत सरकार ने किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मंडी प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम या e-nam) योजना की शुरुआत की है. अब e-nam के जरिए देभर की मंडियों को जोड़ने का काम शुरू हो गया है. अब तक देश की 785 मंडियां जुड़ गई हैं. मई के आखिर तक यह संख्या बढ़ाकर 1,000 करने का लक्ष्य है. e-nam के जरिए देशभर की कृषि उपज मंडियों को एक मंच पर लाकर किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाने का प्रयास किया जा रहा है. वैसे इस योजना की शुरुआत अप्रैल 2016 में ही हो गई थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण बने हालात ने इसे और जरूरी बना दिया.

किसानों के हित में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के लिए सरकार यह प्रोजेक्ट देशभर में लागू करने की तैयारी में है.

e-nam पर अब तक एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हो चुका है.

अब तक क्या-क्या हुआ

e-nam प्लेटफॉर्म से जिन 200 नई मंडियों को जोड़ा गया है उनमें, 94 राजस्थान की, 27 तमिलनाडु की, 25-25 गुजरात और उत्तर प्रदेश की, 16 ओडीशा की, 11 आंध्र प्रदेश की और दो मंडियां कर्नाटक की हैं. देशभर में 415 नई मंडियों को एकीकृत करने या जोड़ने का यह पहला प्रयास है. पहली बार कर्नाटक को ई-नाम राज्यों की सूची में जोड़ा गया है. किसान तक पहुंचने और अपनी कृषि उपज बेचने के तरीके को बदलने के उद्देश्य से e-nam ने इन नई मंडियों के और भी अधिक किसानों और व्यापारियों तक पहुंच बनाकर काफी मजबूती हासिल कर ली है.

पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश से गेहूं की सर्वाधिक खरीद

इस बीच, अच्छी खबर यह भी है कि देशभर की मंडियों से अब तक न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 181.36 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है. एफसीआई के अनुसार इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश की है. पंजाब में 15 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हुई थी और 19 दिनों में ही 91 लाख टन गेहूं की खरीद हो चुकी है, जो तय लक्ष्य 135 लाख टन का 67 फीसदी है.

पिछले रबी सीजन में राज्य से एमएसपी पर 129.12 लाख टन गेहूं की खरीद हुई थी. पड़ोसी राज्य हरियाणाा से गेहूं खरीद का लक्ष्य 95 लाख टन तय किया गया है, जबकि पिछले रबी सीजन में वहां से 93.20 लाख टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई थी.

राज्य गेहूं की सरकारी खरीद

  • पंजाब: 91.44 लाख टन
  • हरियाणा: 42.80 लाख टन
  • मध्य प्रदेश: 37.19 लाख टन
  • उत्तर प्रदेश: 7.88 लाख टन
  • राजस्थान: 1.78 लाख टन
  • उत्तराखंड: 14 हजार टन
  • चंडीगढ़: 9 हजार टन
  • गुजरात: 3,000 टन
  • हिमाचल प्रदेश: 1,000 टन

407 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने एमएसपी पर 407 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है. पिछले रबी सीजन में 341.32 लाख टन गेहूं की खरीद की गई थी. चालू सीजन में गेहूं की रिकॉर्ड 10.62 करोड़ टन पैदावार का अनुमान है. पिछले साल 10.37 करोड़ टन गेहूं का उत्पादन हुआ था. केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2020-21 के लिए गेहूं का एमएसपी 1,925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. पिछले सीजन में यह भाव 1,840 रुपये प्रति क्विंटल था.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.