हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ दुमका और बेरमो उपचुनाव में ताल ठोकेंगे जेपीएससी के आंदोलनकारी छात्र

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Ranchi: जेपीएससी में व्‍याप्‍त गड़बड़ी और भ्रष्‍टाचार को मुद्दा बना कर आंदोलन कर रहे छात्र अब हेमंत सोरेन सरकार को दुमका और बेरमो उपचुनाव में चुनौती देंगे. इसके लिए छठी जेपीएससी के आंदोनकारी छात्रों नेे रणनीति तय कर ली है. बता दें कि हेमंत सोरेन के दुमका सीट छोड़ने के बाद खाली हो गया है, वहीं कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह के निधन के बाद बेरमो सीट भी रिक्‍त हो गया है.

छठी जेपीएससी परीक्षा में गड़बडी को हेमंत सोरेन सरकार द्वारा अनदेखी किये जाने से छात्रों में गुस्‍सा और आक्रोश है. जेपीएससी के एक अभ्‍यर्थी इमाम सफी ने बताया कि पिछले चार साल से जेपीएससी की तैयारी कर रहा हूं. रिजल्‍ट आने के बाद पीटी स्‍तर से आखिर तक गड़बडि़यां हुईं. हेमंत सोरेन ने मुख्‍यमंत्री बनने से पहले इसे दूर करने का वादा किया था और सीएम बनने के बाद वह अपने वादे से मुकर गए.

छात्र नेता मनोज यादव ने छठी जेपीएससी के रिजल्‍ट को पूरे देश में एक अजूबा बताया. उन्‍होंने कहा कि सभी राज्‍यों के लोक सेवा आयोग के मेरिट लिस्‍ट में हिंदी और इंगलिश का नंबर नहीं जोड़ा जाता है. लेकिन झारखंड में हिंदी-इंगलिश क्‍वालीवाइंग को मेरिट लिस्‍ट में जोड़ दिया गया. यहां एक विषय में फेल अभ्‍यर्थी को भी अधिकारी बना दिया जाता है. रिजल्‍ट के 40 दिनों बाद भी पास उम्‍मीदवारों की नियुक्ति नहीं हो रही है. जेपीएससी के अधिकारी झारखंड सरकार को गुमराह कर रहे हैं. वे मैनेज करने में लगे हुए हैं. यहां परीक्षा लेने वाली एजेंसी बिहार और बंगाल में ब्‍लैक लिस्‍टेड है.

मनोज यादव ने कहा कि 8 या 9 जून को भारी संख्‍या में जेपीएससी कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है.

छात्र नेता अजय चौधरी ने कहा कि जेपीएससी छात्रों और छात्र संगठनों की एक बैठक हुई है. इसमें तय हुआ है कि सड़क पर आंदोलन के साथ-साथ अब राजनीतिक दल बनाकर चुनाव भी लड़ेंगे. बेरमो और दुमका सीट खाली है. यहां होने वाले उप चुनाव में हम अपना प्रत्‍याशी उतारेंगे.

उन्‍होंने कहा कि जो जेपीएससी अभ्‍यर्थी हैं, उनका स्‍क्रीनिंग करके उम्‍मीदवार तय किया जाएगा. इन दोनों सीटों में जीत तय करने के लिए पूरे राज्‍य के युवा छात्र अपनी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं. अजय चौधरी ने कहा कि जेपीएससी अभ्‍यर्थियों के साथ वादा खिलाफी के विरोध में चुनाव में उतरना और जीतना जरूरी हो गया है.

आदिवासी छात्र संघ के संजय महली ने भी हेमंत सरकार के खिलाफ जेपीएससी छात्रो का साथ देने की बात कही है. उन्‍होंने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ हेमंत सोरेन ने जो वादा किया था, मुख्‍यमंत्री बनने के बाद उन्‍हें पूरा करना चाहिए. उनकी वादाखिलाफी गलत है. हमारे उसी आंदोलन की वजह से आज जेएमएम सरकार है.

संजय महली ने कहा कि अगर आदिवासी छात्रों का हक छिना जाता है, तो इसके लिए हम सड़क से सदन तक लड़ने के लिए तैयार हैं. उन्‍होंने स्‍पष्‍ट किया कि छात्रों के चुनाव लड़ने पर साथ देने पर आदिवासी छात्र संघ बाद में निर्णय करेगी.

कोरोना के इस जंग में पूरे देश में लॉक डाउन है. झारखंड में भी कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है. इसी बीच सरकार ने जेपीएससी का फाइनल रिजल्‍ट भी जारी कर दिया था. इस बीच इस रिजल्‍ट में भी कई खामियां उजागर हो गई और अब तक नियुक्ति रूकी हुई है. अब छठी जेपीएससी के छात्रों ने सरकार को सीधी चुनौती देते हुए दुमका और बेरमो उपचुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है.

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