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झारखंड, बिहार और हरियाणा में बेरोजगारी दर सबसे ज्‍यादा, गुजरात में सबसे तेज

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Ranchi: झारखंड में साल 2017-18 में बेरोजगारी दर बहुत इजाफा हुआ है. एनएसएसओ के ताजा रिपोर्ट (nsso report on unemployment 2019) के अनुसार झारखंड समेत बिहार और हरियाणा बीजेपी शासित राज्‍य में औसत बेरोजगारी दर से ज्‍यादा बेरोजगारी है. ऐसे देश में केरल ओडिशा, उत्‍तराखंड जैसे 11 राज्‍य हैं जहां औसत बेरोजगारी दर से ज्‍यादा बेरोजगारी है.

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एनएसएसओ (National Sample Survey Office’s) के आंकड़ों के मुताबिक 2011-12 में भी हरियाणा, असम, झारखंड, केरल, ओडिशा, उत्तराखंड और बिहार में राष्ट्रीय बेरोजगारी दर से ज्यादा बेरोजगारी थी. जबकि पंजाब, तमिलनाडु तेलंगाना और उत्तर प्रदेश इस सूची में जुड़ने वाले नये राज्य हैं.

केरल में सबसे ज्‍यादा बेरोजगारी

बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे ज्यादा बेरोजगारी केरल में है. 2017-18 में यहां बेरोजगारी दर 11.4 फीसदी दर्ज की गयी, जबकि 2011-12 में यह 6.1 फीसदी थी. हरियाणा में 2017-18 में बेरोजगारी दर 8.6 फीसदी दर्ज की गयी. जबकि 2011-12 में यह 2.8 फीसदी थी.

गुजरात में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी

वहीं पीएम मोदी के गृह राज्य गुजरात में बेरोजगारी दर सबसे तेजी से बढ़ी है. यहां 2011-12 में बेरोजगारी दर सिर्फ 0.5 फीसदी थी. वहीं 2017-18 में यह बढ़ कर 4.8 फीसदी हो गयी. गुजरात में युवाओं में बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा बढ़ी है.

गुजरात के ग्रामीण इलकों में 2011-12 में बेरोजागारी दर सिर्फ 0.8 फीसदी थी, लेकिन 2017-18 यह बढ़कर 14.9 फीसदी हो गया। शहरी क्षेत्रों में भी बेरोजगारी दर में कई गुना इजाफा हुआ है. शहरी इलाकों में 2011-12 में गुजरात में शहरी युवाओं में बेरोजगारी दर 2.1 फीसदी थी. लेकिन 2017-18 में यह दर बढ़ कर 10.7 फीसदी हो गयी.

मोदी सरकार पर रोजगार के मुद्दे पर विफल रहने के आरोप लगते रहे हैं. विपक्षी पार्टियां भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरती रही है. ऐसे में यह रिपोर्ट सरकार के लिए किसी झटके से कम नहीं है.

Download NSSO report on unemployment 2019 in Hindi

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