धनबाद के एक्शन प्लान में 7 एजेंसियों के बीच 37 उपायों एवं कदमों को लागू करने की जिम्मेवारी

Dhanbad: धनबाद की स्वच्छ वायु योजना को लागू करने की ज़िम्मेदारियां कई एजेंसियों के अंतर्गत आती हैं, इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों का एक साथ काम करना महत्वपूर्ण है. जिम्मेदार सभी एजेंसियों को शहर में हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है ताकि हम शहर की वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार करें और इसे बनाए रखें. वेबिनार का आयोजन काउंसिल फॉर एनर्जी, एनवारामेंट एंड वाटर (सीईईडबल्यू) और सेंटर फॉर एनवारामेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीईईडी) की ओर से किया गया था. वेबिनार ‘धनबाद की स्वच्छ वायु योजना (क्लीन एयर प्रोग्राम) कितनी मजबूत है?’ विषय पर आयोजित की गई थी.

धनबाद के वातावरण को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी विभिन्न एजेंसियों पर है, इसलिए यह जरूरी है कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें, जिससे शहर की हवा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके. इसके अलावा नागरिक भी स्वच्छ हवा के सरोकार में एक पर्यवेक्षक के रूप में खुद को जागरूक बना कर तथा अपनी जीवनशैली में बदलाव कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत दर्ज 122 शहरों (नॉन अटेन्मेंट सिटीज) में धनबाद एकमात्र शहर है, जिसे झारखंड से शामिल किया गया है, जहां प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्राथमिक कदम के रूप में शहर केंद्रित क्लीन एयर एक्शन प्लान बनाने का निर्देश दिया गया, ताकि 2024 तक वायु प्रदूषकों को 20% से 30% तक कम किया जा सके. इस सूची के 102 शहरों का क्लीन एयर एक्शन प्लान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, जिस पर आधारित सीईईडब्लू के एक अध्ययन में धनबाद के लिए बनी योजना में यह पाया गया कि 7 विभिन्न एजेंसियों को 37 उपायों एवं क़दमों को लागू करने की ज़िम्मेदारी है. चूंकि इसमें कई कदम विभिन्न एजेंसियों के दायरे में आते हैं, ऐसे में उनके बीच जवाबदेही बंट सकती हैं.

परिणाम जमीन पर दिखे, इसके लिए मॉनिटरिंग जरूरी

वेबिनार में चर्चा के दौरान सीईईडबल्यू की प्रोग्राम एसोसिएट तनुश्री गांगुली ने कहा कि, “धनबाद की योजना अन्य शहर की कार्य योजनाओं से अलग है. क्योंकि इसमें प्रदूषण के स्थान-विशिष्ट स्रोतों की जानकारी साफ तौर पर है. इसके अलावा, इसमें बीसीसीएल और टाटा स्टील की कोयला खदानों के झरिया में प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए कार्य-योजना शामिल हैं. योजना के कई सकारात्मक पहलू हैं, लेकिन परिणाम अगर जमीन पर देखना है, तो इसके लिए उन योजनाओं को लागू करना और उसकी मॉनिटरिंग जरूरी है.’’ 

अध्ययन के अनुसार धनबाद के एक्शन प्लान में प्रस्तावित निवारक क़दमों के लिए किसी बजट का प्रावधान नहीं है.हालांकि संबंधित विभाग अपने बजट को अंतिम रूप देते समय, बजट के मुताबिक योजनाओं को शामिल कर सकते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वित्तिय वर्ष 2019-20 में इन गतिविधियों के लिए 10 करोड़ रुपए धनबाद को मिले थे. वहीं 15वें वित्त वर्ष 2020-21 में प्रदूषण नियंत्रण के लिए 52 करोड़ रुपए की सिफारिश की गई है.

वर्तमान में इस योजना में विभिन्न प्रदूषण स्रोतों की महत्वपूर्ण जानकारी नहीं है. हालांकि, नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (NEERI) ने शहर के लिए सोर्स अपरोचमेंट (प्रदूषण का मुख्य स्त्रोत) पर काम शुरू किया है. शहरी उत्सर्जन सूची के अनुसार धनबाद में PM2.5 उत्सर्जन का 70 प्रतिशत हिस्सा औद्योगिक कारखानों से होता है.

सर्दियों में करना पड़ा है गंभीर परिस्थिति का सामना

सीईईडी के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी अंकिता ज्योति ने कहा कि, ‘’धनबाद में विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण के गंभीर स्तर का सामना करना पड़ता है. जिसका मुख्य कारण प्रतिकूल मौसम की स्थिति को माना जाता है. हालांकि, प्रतिकूल मौसम की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कुछ भी नहीं किया जा सकता है. लेकिन स्वच्छ वायु कार्य योजना को सख्ती से लागू करने पर लोगों को कुछ राहत मिल सकती है.’’  अंकिता ने बताया कि, ‘’हमने सरकार से स्वच्छ एयर एक्शन प्लान में कुछ नए सुझावों पर विचार करने का आग्रह किया है, ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके. साथ ही जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके. क्षेत्रीय वायु गुणवत्ता प्रबंधन के दायरे को भी अधिकार क्षेत्र में लाया जाना चाहिए.’’ 

झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रिय अधिकारी राम नारायण चौधरी, श्री उदय प्रकाश कच्छप, सहायक अभियंता धनबाद नगर निगम, श्री कार्नेलियस मुर्मू, नगर मिशन प्रबंधक अमृत, पर्यवरणविद्द डॉक्टर नीतीश प्रियदर्शी, श्री सुरेश पंडियन अलमलाई, आशुतोष आनंद, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, तुषार, सीड, मिलन, सीईईडबल्यू, पारोबिता, एकजूट, अरविंद वर्मा, होप, सुषमा केरकेटा, शिक्षक आदि मौजूद रहे.

अध्ययन प्रणाली :

वायु प्रदूषण और इसके नियंत्रण के विषय पर व्यापक अध्ययन के आधार पर सीईईडब्लू और अर्बन एमिशन ने स्वच्छ वायु योजना के मुख्य कारकों को निर्धारित किया. इसमें 102 सिटी एक्शन प्लान की समीक्षा की गई. इस अध्ययन में उपलब्ध कानूनी ढांचा, सूचनाओं का स्रोत, जबाबदेही का निर्धारण के साथ प्रस्तावित समाधान के लिए वित्तीय लागत को आधार बनाया गया. उसके बाद वर्णात्मक सांख्यिकी का उपयोग कर तथ्यों की व्याख्या की गई तथा अंतरराज्यीय विश्लेषण कर इन प्लान में व्याप्त अंतर को समझा गया.

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