ओबीसी/एसटी/एससी के लिए आरक्षण बढ़ाने की मांग, 17 फरवरी को रांची में जुटेंगे देशभर के दिग्‍गज

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Ranchi: अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन्द्र कुमार सिंह चंदापुरी ने कहा कि देश के लिए पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि, इस कायरतापूर्ण घटना से पूरा देश आहत है. शहीद जवानों के परिजनों को साहस दे यही हमारी कामना है.

राष्ट्रीय महाधिवेशन सह राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन की जानकारी देते हुए इन्द्र कुमार सिंह चंदापुरी ने बताया कि सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक एकरूपता का सिद्धांत जो पिछड़े वर्गों के चारो खण्डों के उत्थान के लिए संविधान में सामायोजित किए गए थे. श्री चंदापुरी ने झारखण्ड के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो के आरक्षण का फर्मूला यानी झारखंड में पिछडे वर्गों का 14 प्रतिशत से 27 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति का 26 से 32 प्रतिशत एवं अनुसूचित जाति का 10 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक आरक्षण के दायरे को तमिलनाडू व महाराष्ट्र सरकार के तर्ज पर वढ़ानें के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रचनात्मक कदम उठाने की मांग की.

प्रमुख मांगें

चंदापुरी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेश के बाद भी झारखंड में सरकार ने पिछड़ों को 27 के बदले 14 फीसदी आरक्षण दिया है. जबकि नौ सदस्यों वाली खंडपीठ ने 16 नवंबर 1992 को पिछड़ा वर्ग के उत्थान के लिए 27 फीसदी आरक्षण लागू करने का आदेश दिया था. जिसके तहत केंद्रीय और राज्य सरकारों ने सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में दाखिला के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है.

आगामी 17 फरवरी को झारखण्ड विधानसभा मैदान, धुर्वा में संघ एवं अखिल झारखण्ड पिछड़ा वर्ग महासभा के संयुक्त बैनर तले होने जा रही राष्ट्रीय अधिवेशन सह राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन की तैयारियां पूरी कर ली है. जिसका उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन करेंगे तथा झारखण्ड के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो मुख्य अतिथि होंगे.

कई दलों के नेता होंगे शामिल

चंदापुरी ने आगे बताया कि झारखंड सरकार के मंत्री चन्द्रप्रकाश चौधरी, कांग्रेस के विधायक मनोज यादव, भाजपा के विधायक जयप्रकाश वर्मा, आजसू के विधायक रामचंद्र सहिस एवं संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ एम ए खान आदि विशिष्ट अतिथि होंगे तथा विधायक राजकिशोर महतो स्वागताध्यक्ष के रूप में शिरकत करेंगे.

चंदापुरी ने कहा कि सम्मेलन किसी दल या सरकार का विरोधी नहीं है. यह देशोत्थान के लिए पिछड़े वर्गों के चारों खण्डों के संवैधानिक अधिकारों से लोगों को अवगत कराने तथा महापुरूषों के विचारधारा पर एकताबद्ध कर उनके संवैधानिक अधिकारों को दिलाने का रचनात्मक प्रयास करने के साथ-साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व विभिन्न राज्यों के सरकारों के मुख्यमंत्रियों से पिछड़े वर्गों के समस्यों को दूर करने का आग्रह करेगी. संघ, ’’सम्मेलन में पांच सुत्रि प्रस्ताव रखेगी’’-जो देश को एक नई दिशा देगी.

सम्मेलन में अखिल भारतीय पिछड़ा कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ढोबले, एआईबीसीएफ उत्तरप्रदेश के संयोजक डॉ कौशलेंद्र, चन्नेई से जी करूणानिधि, मूलनिवासी महिला संघ की सुमिता पाटिल, संघ के राष्ट्रीय महासचिव और झारखंड प्रभारी सुशील कुमार सिंह तथा अखिल भारतीय कुरमी महासंघ बरेली उत्तरप्रदेश के सीएल गंगवार भी इस सम्मेलन में भाग लेंगे.

प्रेस वार्ता में श्री चंदापुरी के साथ पूर्व डीआईजी सुबोध प्रसाद, राष्ट्रीय महासचिव सह झारखंड प्रभारी सुशील कुमार सिंह, कार्यकारिणी समिति के सदस्य डॉ वैजनाथ प्रसाद यादव, झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष संजय प्रसाद कुशवाहा आदि मुख्य रूप से मौजूद थे.

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