40 दिन बाद दिल्ली में शराब की दुकानें खुलते हीं उमड़ी भीड़, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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New Delhi: राजधानी दिल्ली सहित अन्य राज्यों की में सोमवार से शराब की दुकानें खुल गई हैं. रविवार को आबकारी विभाग के आदेश के बाद दिल्ली में शराब की 150 दुकानों को खोलने की अनुमति मिल गई है. सुबह शराब की दुकानें खुलते हीं कई शहरों में लोगों की लंबी कतार लग चुकी है. जिसके बाद कश्मीरी गेट के पास एक शराब की दुकान के बाहर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.

साथ ही दिल्ली में शराब खरीदने के लिए लोग इस कदर बेकरार हैं कि दिल्ली के संत नगर, लक्ष्मी नगर, कृष्णा नगर, मालवीय नगर, बुराड़ी आदि इलाकों में सुबह से ही भारी भीड़ दिखाई दे रही है. राज्य के कई इलाकों में शराब के लिए उमड़ी भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा.

बता दें कि रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली को फिर से खोलने का वक्त आ गया है और लोगों को कोरोना वायरस के साथ रहने के लिये तैयार रहना होगा. उन्होंने लॉकडाउन के तीसरे चरण के दौरान ‘रेड जोन’ के लिये केंद्र द्वारा निर्धारित सभी छूट राष्ट्रीय राजधानी में लागू करने की घोषणा की.

केजरीवाल ने कहा, ”केंद्र ने पूरी दिल्ली को ‘रेड जोन’ श्रेणी के तहत रखा है, जिसके चलते बाजार और मॉल नहीं खुल सकते. हमने केंद्र को सिर्फ उन इलाकों को सील करने का सुझाव दिया है, जहां कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं और शेष इलाकों में सभी गतिविधियों की इजाजत दी जा सकती है.”

उन्होंने कहा कि शात सात बजे से सुबह सात बजे तक लोगों की आवाजाही की इजाजत नहीं होगी, जैसा कि केंद्र ने सुझाव दिया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोमवार से सरकारी और निजी दफ्तर खुलेंगे लेकिन उड़ानों, मेट्रो और बसों पर पाबंदी जारी रहेगी. केजरीवाल ने ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में ई-कॉमर्स पोर्टलों के जरिये जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति जारी रहेगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरी सेवाओं से जुड़े दिल्ली सरकार के कार्यालय सभी कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ काम करेंगे, जबकि निजी कार्यालय 33 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ काम कर सकते हैं.

उन्होंने कहा, ”मॉल, सिनेमा, सैलून, मार्केट कॉम्पलेक्स और दिल्ली मेट्रो बंद रहेगी जबकि आवश्यक वस्तुएं बेचने वाली दुकानें खुलेंगी.” केजरीवाल ने कहा कि विवाह समारोह में 50 लोग जुट सकते हैं. इस बीच, कई व्यापार संगठनों ने पाबंदियों में ढील दिये जाने पर स्थानीय प्राधिकारों से स्पष्टीकरण मांगा है. उनका कहना है कि पड़ोस की दुकान किसे कहा जाए और मोहल्ले की एकमात्र दुकान किसे माना जाए, इसे लेकर भ्रम की स्थिति है.

कांफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि इस बारे में स्पष्टता का अभाव है. रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) ने कहा कि मार्केट प्लेस का मतलब गलत परिभाषित किया जा सकता है. आरएआई के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा, ”मुझे लगता है कि राज्य भी भ्रमित हैं और वे वही चीज छाप रहे हैं जो केंद्र भेज रहा है.”

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