राहत भरी खबरः पहली व दूसरी स्टेज के कोरोना मरीजों पर आयुष परीक्षण शुरू

by

New Delhi: संक्रमण से बचाव के लिए डॉक्टर रोग प्रतिरोधक क्षमता पर जोर दे रहे हैं. भारतीय चिकित्सा पद्धति में भी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कई उपचार हैं. अब कोरोना से बचाव के लिए इन्हीं पारंपरिक इलाजों पर जोर दिया जा रहा है. दिल्ली व यूपी सहित कई राज्यों में होम्योपैथी, आयुर्वेद और यूनानी चिकित्सा का इस्तेमाल शुरू हो चुका है. बिना लक्षण वाले संक्रमित या हल्के संक्रमण वाले पहली और दूसरी स्टेज के मरीजों को एलोपैथी के साथ ये दवाएं भी दी जा रही हैं.

इनके लिए कोविड स्वास्थ्य केंद्र व कोविड निगरानी केंद्र बनाए गए हैं. आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में आयुष दवाओं की अहम भूमिका है. बिना लक्षण वाले या हल्के असर वाले मरीजों को आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा की दवाएं दी जा रही हैं. इनके नतीजे संतोषजनक रहे हैं.

Read Also  Covid bed online booking के लिए पोर्टल और ऐप सर्विस शुरू

कोविड निगरानी केंद्र व कोविड स्वास्थ्य केंद्रों में आयुष चिकित्सकों की टीमें भी तैनात करने के निर्देश हैं, ताकि आयुष डॉक्टर की निगरानी में ही उपचार दिया जा सके. मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, इस ट्रायल का मकसद कोविड में भारतीय पद्धति का आकलन करना है.

अलग अलग समूह बने अस्पतालों में

जानकारी के अनुसार पहली व दूसरी स्टेज के मरीजों के कई समूह बनाए गए हैं, जिसमें से किसी समूह को एलोपैथी तो किसी को एलोपैथी के साथ आयुर्वेदिक दवा दी जा रही है. एक समूह को होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवा भी दे रहे हैं. एक समूह को तीनों चिकित्सा पद्धति की दवाएं दी जा रही हैं. इस आयुष शोध के परिणाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जर्नल्स में प्रकाशित किया जाएगा.

Read Also  झारखंड की 23 लाख महिलाएं कोरोना वारियर्स बन ग्रामीणों को कर रहीं हैं जागरूक

दिल्ली के दो बड़े आयुष केंद्रों पर उपचार शुरू

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अनुसार चौधरी ब्रह्मप्रकाश आयुर्वेद अस्पताल में 46 और करोल बाग स्थित तिब्बिया कॉलेज में 29 मरीजों का उपचार चल रहा है. इसके अलावा आठ स्थानों पर बनाए गए कोविड केयर सेंटरों में आयुष टीमों को जिम्मेदारी दी गई है. दिल्ली में 2514 में से 960 मरीज पहली व दूसरी स्टेज में हैं.

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि करीब छह दिन से यहां मरीजों को आयुष दवाएं दी जा रही हैं. फायदा भी देखने को मिल रहा है.

यूपी के सभी जिलों में भी आदेश लागू

यूपी सरकार ने पहली व दूसरी स्टेज के मरीजों के आयुष उपचार के आदेश दिए हैं. इसके तहत मरीजों के खानपान और योग इत्यादि पर दिशा-निर्देशों का पालन कराया जा रहा है.

Read Also  हेमंत सोरेन पीएम मोदी से नाखुश कहा- सिर्फ अपने मन की बात करते हैं प्रधानमंत्री

पीएम मोदी से की थी मांग, अब ट्रायल पर जोर

इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरपी पाराशर ने बताया कि करीब तीन सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोविड प्रबंधन में आयुष को भी शामिल करने के लिए की मांग की गई थी. आने वाले दिनों में इसके ज्यादा सकारात्मक परिणाम दिखाई देंगे. अगर सबकुछ ठीक रहा तो दुनिया में भारतीय पारंपरिक चिकित्सा को एक अलग ही पहचान मिलेगी.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.