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कोरोना वायरस हैकर्स के लिए बना नया हथियार

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New Delhi: घातक कोरोना वायरस आपके स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि आपके स्मार्टफोन और कंप्यूटर को भी गंभीर क्षति पहुंचा सकता है. आपको यह जानकर अचरज होगा कि दुनियाभर के शातिर हैकर्स ने इसे यूजर्स के पर्सनल डीटेल चुराने का नया हथियार बना लिया है. ये हैकर कोरोना वायरस से जुड़ी खबरों के जरिए यूजर्स को अपना शिकार बना रहे हैं.

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी देते हुए कहा कि ये हैकर वायरस वाले लिंक भेजते हैं जिन्हें यूजर कोरोना वायरस से जुड़ी खबर या उससे बचने के तरीके बताने वाला आर्टिकल या वीडियो समझ कर ओपन करते हैं.

हैकर्स द्वारा भेजे जा रहे ऐसे फर्जी लिंक्स पर्सनल डेटा की सिक्यॉरिटी के लिए खतरनाक हो सकते हैं. ये लिंक्स मलीशस कोड के साथ तैयार किए जाते हैं, जो बड़ी आसानी से यूजर के फोन का ऐक्सेस हैकर्स के हाथ में दे देते हैं.

कोरोना वायरस से जुड़े ये फर्जी फोटो, वीडियो या पोस्ट सही और असली लगें इसके लिए यूजर पीडीएफ या एमपी4 जैसे पॉप्युलर फॉरमैट्स का इस्तेमाल करते हैं. इन फाइल्स को क्लिक और डाउनलोड करने पर आपका डेटा हैकर्स खराब, ब्लॉक या पूरी तरह कॉपी कर सकते हैं.

कोरोना वायरस वाले साइबर अटैक से कैसे बचें

फेसबुक, ट्विटर और गूगल ने इस तरह के साइबर क्राइम से बचाव के कई इंतजाम किए हैं, लेकिन हैकर्स नए-नए तरीके से सिक्यॉरिटी बाईपास पर इंटरनेट यूजर्स को नुकसान पहुंचा रहे हैं. एक ऐनालिस्ट ने बताया कि कोरोना वायरस आजकल लीडिंग न्यूज स्टोरी में टॉप पर रह रहा है और हैकर्स इसी का गलत फायदा उठा रहे हैं.

ऐनालिस्ट ने आगे कहा, ‘अभी तक हमने ऐसी 10 फाइल्स की पहचान की है जो कोरोना वायरस के नाम पर यूजर्स के डेटा चोरी का काम करती हैं. लोगों में कोरोना वायरस को लेकर डर है और वे इससे बचने के तरीकों को जानने के लिए अनजाने में ऐसे फेक डॉक्युमेंट्स को डॉउनलोड कर रहे जिनमें मैलवेयर छिपा है.’ मैलवेयर वाले लिंक की पहचान का सबसे सही तरीका है एड्रेस लिंक के आखिर में दिए गए एक्सटेंशन पर ध्यान दिया जाए.

अगर लिंक एक्सटेंशन आईडोक्स, आईपीडीएफ या आईएमपी4 है तो इस बात की काफी आशंका है कि वह वायरस इंफेक्टेड लिंक है. इसी तरह आईईएक्सईया आईआईएनके फॉरमैट्स से भी यूजर्स को अलर्ट रहने की जरूरत है.

बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से कोरोना वायरस काफी सुर्खियों में है. इससे अब तक 213 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 10 हजार लोग इसकी चपेट में हैं. सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस वायरस से बचाव के लिए फिलहाल न तो कोई वैक्सीन है और न ही कोई इलाज.

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