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Jharkhand में तेजी से बढ़ रहा है Corona संक्रमण, Covid-19 Test का बढ़ाना होगा दायरा

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Ranchi: झारखंड (Jharkhand) में तेजी से कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण फैल रहा है. इस महामारी से लड़ाई में झारखंड को अब आत्‍मनिर्भर होने की जरूरत है. राज्य सरकार को अब अपने बूते कोरोना से लड़ाई लड़नी होगी. इससे जुड़े संसाधन बढ़ाने होंगे.

केंद्र ने राज्य सरकार को कोरोना संक्रमण से मुकाबला करने के लिए अपने स्तर से जांच मशीनें तथा किट खरीदने को कहा है. साथ ही बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जांच की गति बढ़ाने के लिए बिना समय गंवाए कम से कम पांच और आरटीपीसीआर लैब (RTPCR Lab) स्थापित करने को कहा है. साथ ही सभी सदर अस्पतालों में कम से कम एक-एक आरटी-पीसीआरमशीन लगाने को कहा गया है. अभी राज्य के सदर अस्पतालों में ट्रूनेट मशीनों से ही जांच हो रही है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने संयुक्त रूप से राज्य सरकार से अविलंब रैपिड एंटीजन किट खरीदने को कहा है. ताकि, संभावित मरीजों की रिपोर्ट तुरंत मिल सके. इससे आधे घंटे के भीतर रिपोर्ट मिल जाती है. आइसीएमआर ने हाल ही में 40 हजार किट राज्य सरकार को अपने स्तर से दिए थे. अब आइसीएमआर ने राज्य को अपने स्तर से गवर्नमेंट ई मार्केट (जेम) से इसे खरीदने का सुझाव दिया है.

इधर आइसीएमआर ने राज्य सरकार से कहा है कि सभी सरकारी लैब में कम से कम दो आरटी-पीसीआर मशीनें तथा कम से कम एक-एक ऑटोमेटिव आरएनए निष्कर्षण मशीन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं. ये मशीनें भी जेम से खरीदी जा सकती हैं. आइसीएमआर ने सभी सदर अस्पतालों में बीएसएल-2 स्तर के लैब स्थापित करने तथा वहां कम से कम एक आरटी-पीसीआर मशीन शीघ्र लगाने का भी निर्देश दिया है.

बता दें कि केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने जांच की गति बढ़ाने के लिए राज्य के तकनीकी व शोध संस्थानों में भी उपलब्ध आरटी-पीसीआर मशीनें ढ़ंढ़कर नजदीकी लैब में लगाने का निर्देश दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने इस कार्य में रांची, जमशेदपुर, धनबाद तथा हजारीबाग के उपायुक्त को लगाया है.

हजारीबाग में जांच शुरू, पलामू व दुमका मेडिकल कॉलेज की भी मिली अनुमति

वर्तमान में राज्य के तीन मेडिकल कॉलेजों तथा इटकी यक्ष्मा अस्पताल में आरटी-पीसीआर से जांच हो रही है. वहीं, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में जांच शुरू हो गई है. दुमका व पलामू मेडिकल कॉलेज में भी जांच की स्वीकृति आइसीएमआर से मिल चुकी है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को पलामू तथा चार दिनों बाद दुमका मेडिकल कॉलेज में लैब का उद्घाटन करेंगे. निजी क्षेत्र में दो अस्पतालों में इस माध्यम से जांच हो रही है. वहीं, सभी सदर अस्पतालों तथा सीसीएल अस्पताल में जांच के लिए ट्रूनेट मशीनें लगाई गई हैं.

सितंबर से नहीं मिल सकते हैं जांच किट

अभी राज्य सरकार को कोरोना जांच के लिए जरूरत के अनुसार किट आइसीएमआर से मिल रहे हैं, लेकिन केंद्र ने राज्य सरकार से अब अपने स्तर से इसे खरीदने को कहा है.

जानकारी के अनुसार केंद्र के पदाधिकारियों ने इसके संकेत दिए हैं कि सितंबर माह से जांच किट राज्य को नहीं मिलेंगे. राज्य सरकार को स्वयं किट की व्यवस्था करनी होगी.

12 हजार सैंपल जांच के लिए लंबित बड़ी बात यह है कि राज्य सरकार को अविलंब जांच के संसाधन बढ़ाने होंगे, क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में जांच के लिए सैंपल लंबित रह जा रहे हैं. इससे लोगों को रिपोर्ट मिलने में कई दिन लग जाते हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में अभी

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