रांची में कांग्रेसी भूल गए सीनियर-जूनियर का लिहाज, एक-दूसरे पर खूब निकाली भड़ास, लात-घूसे भी चले

by

Ranchi: कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता खुद को गांधी जी के सबसे बड़े अनुयायी मानते हैं. और अहिंसा के पुजारी कहते हैं. लेकिन ये क्‍या कांग्रेस के ये नेता बापू के सभी सिद्धांतों को तिलांजलि देकर आपस में ही सब के सामने लड़ बैठे. ये अपनी लड़ाई में इतने मग्‍न हो गये कि सीनियर जूनियर का लिहाज भी भूल गए. ये भी भूल गए कि मीडिया के कई कैमरे उनकी हरकतों को रिकॉर्ड कर रहा है.

क्‍या है पूरा मामला

दरअसल रांची स्थित कांग्रेस मुख्‍यालय में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमत के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार करने को लेकर बैठक बुलाई गई थी. यहां कांग्रेसी नेता बैठक भूल कर आपस में ही लड़ बैठे. कांग्रेस के नेता प्रदेश अध्यक्ष रामेश्‍वर उरांव के के सामने ही एक दूसरे पर हमलावर हो गए और नेताओं के बीच हाथापाई की नौबत आ गई.

मीडिया के कैमरों से रिकॉर्ड की गई वीडियो में देखा जा सकता है कि बात यहीं तक नहीं रुकी और कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रवक्ताओं ने एक दूसरे का कॉलर भी पकड़ लिया. कांग्रेस भवन में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्षों और प्रवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली.  

कांग्रेस का ऐसा अतरकलह पहली बार नहीं है. पहले भी कई मौकों पर कांग्रेस के नेता आपस में लड़े और उस पर खूब राजनीति गरमाई. अब सत्‍ता में काबिज होने के बाद यह यह नया मामला क्‍या रंग दिखाता है इस पर सबकी नजर रहेगी.

कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ,केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा और संजय पासवान एवम प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे राजेश गुप्ता छोटू और किशोर सहदेव के बीच जमकर बीच जमकर नोकझोंक हुई इस दौरान सभी ने एक-दूसरे पर कई गंभीर टिप्पणियां की और आरोप-प्रत्यारोप लगाए. हंगामी का आलम इतना ज्यादा था कि विधायक दल के नेता आलमगीर आलम को कांग्रेस भवन के पीछे के रास्ते से निकलना पड़ा. सारा हल्ला हंगामा और आरोप-प्रत्यारोप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामेश्वर उरांव की मौजूदगी में हुआ.

किसी तरह नेताओं को किया गया अलग

प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव और विधायक दल के नेता आलमगीर आलम लगातार उन्हें शांत रहने और मर्यादाओं का पालन करने का आग्रह करते रहे लेकिन तू-तू मैं-मैं धक्का-मुक्की तक पहुंच गई. पार्टी के अन्य नेताओं के प्रयास से उन्हें अलग कर मामला शांत कराया गया. विधायक दल के नेता आलमगीर आलम और कार्यकारी अध्यक्ष बैठक से बाहर निकल गए. बाद में  प्रदेश अध्यक्ष के आग्रह पर वे लौटे और बैठक पूरी हुई. आपस में मेल मिलाप भी हुआ.

नहीं है कोई मनमुटाव, निकला फ्रस्ट्रेशन: डॉ रामेश्वर उरांव

प्रदेश अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि पार्टी में किसी के बीच कोई मनमुटाव नहीं है. मन में जो फ्रस्ट्रेशन था वह बाहर निकल गया है.  कांग्रेस जिंदा पार्टी है और जिंदा पार्टी होती है वहां ही हॉट टॉक होता है. ऐसे में कुछ बातें होती है, जिससे तू-तू मैं-मैं हो जाती है. जब दो पहलवान मिलते हैं तब वह और मजबूत होते हैं. यह घर की लड़ाई है, इसे सुलझा लिया गया है. आलाकमान तक इस तरह की बातें पहुंचाने की आवश्यकता नहीं है.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.