आदिवासी छात्रों को सीएम हेमंत सोरेन ने दिए ब्‍लैंक चेक! सोशल मीडिया पर चर्चा गर्म

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Ranchi: फेसबुक-ट्वीटर जैसे सोशल मीडिया में झारखंड के मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आदिवासी छात्रों को ब्‍लैंक चेक बांटने वाली तस्‍वीरों पर चर्चा गर्म है. कुमार गौरव जो पेशे से एक हिन्‍दी अखबार के पत्रकार हैं, उन्‍होंने इसकी एक तस्‍वीर को अपने फेसबुक वॉल पर पोस्‍ट करते हुए लिखा है- सरकार ब्‍लैंक चेक बांट रही है. गौरव के इस पोस्‍ट पर 50 से अधिक रिएक्‍शन आए हैं, वहीं कई कमेंट्स भी किए गए हैं.

मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृति योजना झारखंड सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना है. इसका लाभ अभी 6 चुनिंदा आदिवासी छात्रों को दिया गया है. ये सभी इंग्‍लैंड और आयरलैंड की यूनिवर्सिटी में हायर एजुकेशन के लिए जाएंगे. बुधवार को मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री चाम्‍पाई सोरेन ने इन स्‍कॉलरशिप पाने वाले छात्रों को सम्‍मानित किया.

मौके पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा आज झारखण्ड के 6 आदिवासी बच्चे उच्च शिक्षा के लिए यूनाइटेड किंगडम जा रहें हैं. इन्हें यह मौका मिलना चाहिए था. सरकार का लक्ष्य 10 बच्चों के चयन का था, लेकिन अब आनेवाले दिनों में 10 से अधिक बच्चों का चयन कर उन्हें विदेश में उच्च शिक्षा देने का अवसर दिया जाएगा.

बजट का समायोज करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेश में उच्च शिक्षा के लिए 10 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है. बजट में बचने वाली राशि का समायोजन अगले वित्तीय वर्ष में विभाग करें ताकि अधिक से अधिक छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर विदेश में मिल सके. राज्य सरकार ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति के उद्यमियों को उद्योग स्थापना में भी सहयोग दे रही है.

झारखण्ड औधोगिक और निवेश प्रोत्साहन नीति 2021 में इन वर्गों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है. केंद्र सरकार से भी इन वर्गों को टैक्स में राहत देने का आग्रह सरकार द्वारा किया गया है. आज हम भौतिकवादी युग में जी रहें हैं. आदिवासी वर्ग शैक्षिक रूप से पीछे रहें हैं. राज्य सरकार इस पर लगातार मंथन कर रही है कि कैसे वंचित, कमजोर, दलित, पिछड़ा वर्ग की बेहतरी के लिए कार्य किया जाए। सरकार इन वर्गों के लिए सदैव खड़ी है.

अपने आंतरिक संसाधनों का करेंगे उपयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य के आंतरिक संसाधनों का उपयोग कर आगे बढ़ेगी. झारखण्ड को अपने पैरों पर खड़ा होना आवश्यक है. ताकि नई पीढ़ी नये नजरों से झारखण्ड को देख सके. राज्यवासी और उनकी भावनाओं के साथ झारखण्ड आगे बढ़ेगा.

अन्य वर्गों को भी मिलेगा अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा फिलहाल यह योजना आदिवासी समुदाय के छात्रों को उच्च शिक्षा का अवसर दे रही है, आनेवाले समय में अन्य वर्गों के बच्चों को भी अवसर देने पर सरकार विचार करेगी. सरकार ने राज्य में अव्वल आने वाले विद्यार्थियों को भी आर्थिक सहायता पहुंचा रही है ताकि उनके आगे की पढ़ाई में किसी तरह की बाधा ना आये.

ऐतिहासिक लोगों ने झारखण्ड में जन्म लिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा का नाम सदैव रहेगा. जयपाल सिंह मुंडा ने ना सिर्फ ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा ग्रहण की बल्कि संविधान निर्माण में भी भूमिका निभाई. झारखण्ड में ऐसे व्यक्तियों ने समयकाल में जन्म लिया है, जिनका जिक्र हम सदियों तक करते रहेंगे. ये सभी आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक रूप से कमजोर रहें हैं. लेकिन अपने आत्मविश्वास, सहनशक्ति से कृतिमान स्थापित किया जो विरले ही देखने को मिलता है.

गौरवान्वित हूँ बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहें हैं

मंत्री श्री चम्पई सोरेन ने कहा कि आज का दिन इतिहास के पन्नों में लिखा जायेगा. मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना से अनुसूचित जनजाति के छात्र लाभान्वित हो रहें हैं. यह सराहनीय कदम है. मुझे गौरव की अनुभूति हो रही है. एक समय था जब मैं बोरा में बैठकर प्राइमरी स्कूल की शिक्षा ली है. यह सुखद क्षण है कि मेरे हस्ताक्षर से राज्य के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए विदेश जा रहें हैं. जयपाल सिंह मुंडा ने झारखण्ड को अलग पहचान दी है. झारखण्ड उनके दिल मे बसता था. आज का दिन महत्वपूर्ण है. शिक्षा बहुत जरूरी है. बिना शिक्षा के हम विकास नहीं कर सकते. शिक्षा के माध्यम से ही हम सही दिशा में जा सकेंगे. हम राज्य के युवा मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखण्ड को संवारेंगे.

इसी माह विदेश जाएंगे चयनित छात्र

राज्य सरकार मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय स्कॉलरशिप स्कीम के तहत इंग्लैंड एवं आयरलैंड की यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा के लिए ट्यूशन फीस सहित उनके रहने एवं अन्य खर्च वहन करेगी. इसके लिए प्रति वर्ष झारखण्ड के रहने वाले 10 अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों का चयन किया जाएगा.

इन्हें रहा है स्कॉलरशिप

स्कॉलरशिप के लिए चयनित छात्रों में हरक्यूलिस सिंह मुंडा, यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के स्कूल ऑफ ओरिएन्टल एंड अफ्रीकन स्टडीज में एमए की पढ़ाई करने जा रहे हैं.

अजितेश मुर्मू यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन में आर्किटेक्चर में एमए की पढ़ाई करेंगे.

आकांक्षा मेरी का चयन लॉ बॉर्ग यूनिवर्सिटी में क्लाइमेट चेंज साइंस एंड मैनेजमेंट में एमएससी के लिए हुआ है.

दिनेश भगत यूनिवर्सिटी ऑफ सस्सेक्स में क्लाइमेट चेंज, डेवलपमेंट एंड पॉलिसी में एमएससी की पढ़ाई करेंगे. इसके अतिरिक्त अंजना प्रतिमा डुंगडुंग यूनिवर्सिटी ऑफ वार्विक में एमएससी तथा प्रिया मुर्मू लॉ बॉर्ग यूनिवर्सिटी में क्रिएटिव राइटिंग एंड द राइटिंग इंडस्ट्रीज में एमए की पढ़ाई के लिए चयनित हुई हैं.

इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव केके सोन, आदिवासी कल्‍याण आयुक्‍त नमन प्रियेश लकड़ा, अपर सचिव कल्याण विभाग अजयनाथ झा एवं अन्य उपस्थित थे.

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