ईसाई मिशनरी और झामुमो आदिवासियों के विकास विरोधी

by

#Ranchi : भाजपा के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि ईसाई मिशनरी और झामुमो आदिवासियों के विकास विरोधी हैं. गरीब आदिवासियों की जमीन हड़प कर भी ये दोनों खुद को आदिवासियों के मसीहा के रूप में पेश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आये दिन यह बयान देते हैं कि जैसे यह आदिवासियों के लिए चिंतित हैं. लेकिन यह चिंतित नहीं, बल्कि धर्मांतरण बिल आने के बाद उनकी बौखलाहट बढ़ गयी है.

दीपक प्रकाश सोमवार को प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल में संशोधन विकास को केंद्र बिन्दु बनाकर किया गया है. इससे आदिवासी, मूलवासी सहित प्रदेश की जनता लाभान्वित होगी. इससे सिंचाई, विद्यालय, आंगनबाड़ी के मार्ग खुलेंगे. बिजली, स्वास्थ्य सेवाएं घर घर तक पहुंचे. रैयतों को न्याय मिले. इन सभी को बिन्दु बनाकर भूमि अधिग्रहण कानून का सरलीकरण किया गया है.

यह पूंजीपतियों और उद्योगपतियों के लिए नहीं है. लेकिन विपक्ष इस पर जनता को दिग्भ्रमित करने का काम कर रही है. जिसे दूर करने के लिए भाजपा प्रदेश के 513 प्रमंडलों में पोल खोल अभियान चला रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता घर घर जाकर जनता के बीच जाकर विपक्ष का मुंहतोड़ जवाब देंगे.

झामुमो और कांग्रेस की भूमिका राज्य के प्रति क्रेता और विक्रेता के रूप में रही है. झारखंड बहुत पहले अलग हो गया होता, लेकिन झामुमो ने इसे बेचने का काम किया. अर्जुन मुंडा की सरकार के समय झामुमो ने स्थानीयता के मुद्दे पर समर्थन वापस ले लिया. इसके बाद जब उनकी सरकार आयी, तो इस दिशा में कुछ नहीं किया.

उन्होंने कहा कि धर्मांतरण बिल आने के बाद से ही उनकी बौखलाहट बढ़ गयी है. एक का काम धर्म प्रचार करना है, दूसरे का काम राजनीति करना. दोनों अपने अपने काम की आड़ में आदिवासियों की जमीन छीन रहे हैं. अखबारों में आ रहे बयानों से दिख रहा है कि दोनों एक दूसरे का समर्थन कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि झामुमो को भी सरना और संथाल समाज के हित से कोई मतलब नहीं है. इनके विधायक और महासचिव का बयान आदिवासियों पर अन्याय करनेवालों के पक्ष में है. धर्मांतरण कानून का विरोध और पत्थलगड़ी का समर्थन वे चर्च के इशारे पर कर रहे हैं. चर्च का काम धर्म का प्रचार करना है, लेकिन वे राजनीति कर रहे हैं.

राजनीति करनी है, तो राजनीतिक दल बनाकर करें. उन्होंने कहा कि हमारे आदिवासी अपनी जमीन की लड़ाई लड़ने के लिए सक्षम है. उन्हें ईसाई मिशनरियों का साथ नहीं चाहिए. उनके हक के लिए भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दल हैं.

उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन पर कब्जा करने का काम चर्च और झामुमो नेताओं ने किया है. सीएनटी और एसपीटी एक्ट का खुलेआम उल्लंघन कर जमीनें हथिया ली है. उन्हें डर है कि सरकार उनकी जमीनें वापस लेकर आदिवासियों को न सौंप दे, इसलिए वे एक साथ खड़े हो गये हैं.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.