चित्रगुप्त पूजा: जब होती है कलम दवात की पूजा, क्यों रहती है इस्तेमाल पर रोक

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आज देवताओं के लेखापाल माने जाने वाले भगवान चित्रगुप्त की पूजा है. इसे कलम दवात पूजा भी कहा जाता है. कायस्थ समाज के लोग इस दिन भगवान चित्रगुप्त के साथ कलम दवात की पूजा करते हैं. कहा जाता है कि जब कोई लिपि नहीं थी तो मां सरस्वती से विमर्श के बाद ब्रह्मलिपि का अविष्कार भगवान चित्रगुप्त ने किया था.

रांची के पं रामदेव पांडेय कहते हैं कि धर्म शास्त्रों के अनुसार चित्रगुप्त भगवान ब्रह्मा के सत्रहवें और आखिरी मानस पुत्र थे. मनुष्य के जीवन का लेखा-जोखा भी चित्रगुप्त के पास ही सुरक्षित रहता है. मृत्यु पश्चात भगवान कर्म के अनुसार स्वर्ग-नरक भेजते हैं. इनकी आराधना से ज्ञान में वृद्धि होती है.

पं रामदेव पांडेय ने यह भी बताया कि जिस दिन कायस्‍थ चित्रगुप्‍त पूजा करते हैं, उस दिन वे कलम दवात की पूजा क्‍यों नहीं करते. देखिए यह वीडियो.

आज के दिन धर्मावलंबी अपने-अपने घरों में भगवान चित्रगुप्त की विशेष पूजा करेंगे. इसके अलावा कई स्थानों पर  पूजा भव्य रूप से होती है. प्रतिमा स्थापित किया जाता है.

बिहार क्लब में झारखंड चित्रगुप्ता महापरिवार केंद्रीय पूजा समिति की ओर से पूजा किया जाएगा. मंगलवार को 11 बजे पूजा आरंभ होगा. इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे. पूजन के उपरांत भोग प्रसाद का वितरण होगा. शाम सात बजे भव्य महाआरती होगी. 30 अक्टूबर को हवन के उपरांत प्रतिमा का विसर्जन होगा. आयोजन की व्यवस्था में संयोजक डॉ. अजीत कुमार सहाय, डॉ वंदना राय, ज्योति बख्सी, आलोक सिन्हा, डॉ. श्वाती सहाय, अध्यक्ष हरिशंकर प्रसाद, विक्रांत सिन्हा, डॉ. राजेश कुमार लाल आदि जुटे हुए हैं.

रांची में चित्रगुप्‍त पूजा

अशोक नगर में श्री चित्रगुप्त पूजा समिति की ओर से प्रतिमा स्थापित किए जाएंगे. पूजन 11 बजे आरंभ होगा. 12.30 बजे प्रसाद वितरण होगा. अगले दिन बुधवार को 11.30 बजे पुष्पांजलि के बाद शोभायात्रा निकाली जाएगी. चार बजे गाजे-बाजे के साथ विसर्जन जुलूस निकाली जाएगी. आयोजन की व्यवस्था में अध्यक्ष मुकेश कुमार, डॉ. प्रणव कुमार बब्बू, प्रवीणनंदन सहाय, रितु सहाय, विवेक अखौरी, डॉ. अनल सिन्हा, राकेश रंजन बबलू आदि जुटे हुए हैं.

अभिजीत मुहूर्त में करें भगवान चित्रगुप्त की पूजा

पं रामदेव पांडेय के अनुसार चित्रगुप्त पूजा अभिजीत मुहूर्त में करना विशेष फलदाई होगा. मंगलवार को अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.15 बजे से 12.17 बजे तक है. इसके अलावा दोपहर 3.15 बजे से शाम 4.56 बजे तक पूजन कर सकते हैं.

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