रांची के बाद अब धनबाद में मिशन ऑफ चैरिटी से बच्चा गायब होने का मामला

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#Ranchi: रांची निर्मल हृदय में नवजात बच्चों को बेचने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि धनबाद मिशन ऑफ चैरिटी में भी एक बच्चे का पता नहीं चल रहा है. जांच के लिए पहुंची बाल संरक्षण आयोग की टीम ने मिशन ऑफ चैरिटी के रजिस्टर में गड़बड़ी पकड़ी. रजिस्टर में नामित एक बच्चा कम मिला.

मिशन ऑफ चैरिटी का कहना है कि बच्चे को संस्था के द्वारा परिजन को सौंपा गया है. हालांकि मिशन ऑफ चैरिटी के पास बच्चे को परिजन को सौंपने की कोई रिसिविंग नहीं मिली है. आयोग ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जांच टीम गठित की है. जांच टीम पता लगा रही है कि वास्तव में बच्चा को परिजन को सौंप दिया गया है या नहीं. आयोग की टीम ने धनबाद में बच्चों के लिए काम करने और उन्हें शेल्टर देने वाली तमाम संस्थाओं की जांच की.

जांच के लिए आरती कुजूर अपनी टीम के साथ संस्‍था पहुंची

इस सिलसिले में बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष आरती कुजूर और उनकी चार सदस्यीय टीम हवाई पट्टी स्थित मिशन ऑफ चैरिटी पहुंची. वर्ष-2011-2012 के रजिस्टर जांच में एक बच्चा गायब मिला. टीम के सदस्‍य संस्था के हर वार्ड में जाकर बच्चों से मिली और उनका हालचाल लिया.

संस्था में फिलहाल 18 दिव्यांग बच्चे हैं, जिनमें से 14 लड़कियां है. अध्यक्ष ने संस्था को लड़के-लड़की को अलग-अलग वार्ड में रखने का निर्देश दिया. साथ ही पूरे कैंपस में सीसीटीवी कैमरा लगाने का भी निर्देश दिया.

टीम ने किचन और बाथरूम का जायजा लिया. किचन में रखे फल, सब्जी और पानी तक की जांच की. पैकेट वाले खाने-पीने की चीजों की एक्सपायरी डेट की भी पड़ताल की गई.

टीम संस्‍था की जांच करने आयी है. अधिकारियों को यहां आकर अच्‍छा लगा. उन्‍होंने संस्‍था को सीसीटीवी लगाने का निर्देश दिया है. हमलोग बच्‍चों की अच्‍छी से तरह से देखभाल कर रहे हैं. यहां से कोई बच्‍चा मिसिंग नहीं है. बच्‍चा को उसके परिजन ले गये. बच्‍चा यहां इलाज के लिए आया था. बच्‍चा कहीं मिसिंग हो गया था, जिसे CWC की टीम ने हमें सौंपा था.

सीसेन्द्र मारूस

सिस्टर : मिशन ऑफ चैरिटी

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