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कन्हैया, उमर खालिद समेत दस के खिलाफ चार्जशीट

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New Delhi: दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में एक कार्यक्रम के दौरान “राष्ट्रविरोधी नारे लगाने” के आरोप से जुड़े देशद्रोह के मामले में पटियाला हाउसकोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबरों के मुताबिक 12 हजार पन्नों की इस चार्जशीट में कन्हैया कुमार, उमर खालिद, अर्निबान भट्टाचार्य समेत दस लोगों को मुख्य तौर नामित किया गया है. कन्हैया कुमार उस समय जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष थे

समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस ने बताया है कि इस मामले में कन्हैया कुमार ने कहा है कि “लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आरोप पत्र दाखिल किए जाने के संकेत हैं कि यह राजनीति से प्रेरित कदम है. चुनाव के 3 साल बाद चार्जशीट दाखिल करना स्पष्ट रूप से इसे राजनीति से प्रेरित दिखाता है। अगर यह खबर सच है, तो मैं पुलिस और मोदी जी को धन्यवाद देना चाहता हूं. मुझे अपने देश की न्यायपालिका पर भरोसा है ”.

कन्हैया कुमार, उमर खालिद, आर्नबान भट्टाचार्य के अलावा आरोप पत्र में अकीब हुसैन, मुजीब हुसैन, मुनीब हुसैन, उमर गुल, रेये रसूल, बशीर भट और बशारत के नाम शामिल हैं.

खबरों के मुताबिक मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सुमित आनंद मंगलवार को आरोप पत्र पर विचार करेंगे.

इन लोगों के खिलाफ आइपीसी की 124 ए, 323, 465, 471, 143, 149, 147 और 120 बी की धाराएं लगाई गई हैं. ये धाराए राजद्रोह, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने, फर्जीवाड़ा, गैरकानूनी ढंग से मजमा लगाना, दंगाई की ओर इंगित करती हैं.

गौरलतब है कि 9 फरवरी 2016  को जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट के फांसी के विरोध में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें कथित तौर देश विरोधी नारे लगाने के आरोप हैं.

जेएनयू कार्यक्रम के आयोजन के लिए कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को 2016 में गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वे जमानत पर हैं.

प्रारंभ में, वसंत कुंज (उत्तर) पुलिस स्टेशन में 11 फरवरी, 2016 को आईपीसी की धारा 124-ए (राजद्रोह) के तहत मामला दर्ज किया गया था. बाद में मामला दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ में स्थानांतरित कर दिया गया.

इस प्राथमिकी में कहा गया है कि घटना के दौरान कथित रूप से राष्ट्रविरोधी नारे लगाए गए थे. एबीवीपी द्वारा शिकायत के बाद अनुमति रद्द करने के बावजूद यह घटना हुई.

 

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