बदल दीजिए सारे मायने, बुढ़मू का विकास आपके हाथों होगा: सुदेश महतो

Ranchi: आजसू के केंद्रीय अध्यक्ष और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि महिला समूहों का सम्मान सशक्तिकरण हमारी प्राथमिकता है. गांवों की महिलाएं एकजुट हुई हैं और घर-समाज बदलने की उनमें बेचौनी भी है. वक्त आ गया है नारी शक्ति का अहसास कराने का. अब बुढ़मू का विकास आपके हाथों होगा. इसके लिए बदल दीजिए सारे मायने और तोड़ डालिए पुराने सभी मिथक. सामाजिक तौर पर आपकी एकजुटता और बदलाव की कोशिशें राजनीति में भी असर करेगी. आपको आत्मनिर्भर बनाने और सशक्त करने के लिए हम हर प्रयास करते रहेंगे

कांके विधानसभा के बुढ़मू में आयोजित महिला सम्मेलन में उन्होंने यह बातें कही. श्री महतो ने प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां बहुत है. लेकिन जिसका इरादा नेक होगा, वही आगे बढ़ेगा. और जिसके हौसले होंगे, वही घर-गांव, समाज क्षेत्र की तस्वीर बदलेगा.

सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि कुछ साल पहले तक परिवारों-गांवों और खास कर पुरूष प्रधान समाज में महिलाओं की भागीदारी और अहमियत किस रूप में था, यह किसी से छिपा नहीं है. लेकिन सात साल पहले हमने सरकार में रहकर संजीवनी योजना की शुरुआत की. इस योजना के तहत आज हजारों महिलाएं समूह की ताकत के तौर पर उभरी हैं. चौखट से निकलकर महिला समूह का गठन हो गया. गांव-गांव में समूहों के बैंक और खाते खुल गए. अब कोई दीदी गहने गिरवी नहीं रखती. कोई दीदी बच्चों को पढ़ाने के लिए पैसे की मोहताज नहीं रहती. कोई किसी के आगे हाथ नहीं बढ़ाता. पर सफर बाकी है-घर-घर आजीविका लाने का. इसके लिए वातावरण बनाना होगा. आजीविका आपके घर तक पहुंचेगा, इसका मैं वादा करता हूं. 

 उन्होंने महिलओं से कहा-आइए इस प्रदेश के परिवेश को बदलने के लिए आगे बढ़ें. कई मौके पर लोग प्रतिवाद को झगड़ा मान लेते हैं. लेकिन हम सिस्टम की बात करते हैं. इसे आलोचना नहीं समझना चाहिए. महात्मा गांधी की ग्राम स्वराज की अवधारणा में पंचायती राज व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है. इसलिए सिस्टम में पंचायत के एक वार्ड सदस्य का भी बड़ा महत्व है. भले ही वह पांच सौ लोगों के बीच से चुनकर आया है. समाज, समूह और पंचायतों की ताकत से चलेगा. इसलिए ग्राम पंचायत का सम्मान करना होगा. हमेशा सम्मान देने और लेने का ख्याल रखना चाहिए.

उन्होंने महिला समूहों को उनकी ताकत का अहसास कराया. कहा कि आपने ही अपने गांव घर की पार्वती देवी को रांची जिला परिषद का उपाध्यक्ष के पद तक पहुंचाया है. जो बुढ़मू से निकलकर रांची जिले की 17 लाख ग्रामीण आबादी का प्रतनिधित्व कर रही है. ये पेड़ आपने ही लगाया है. इसलिए मजबूरियां पीछे छोड़कर मजबूती दिखाइए.

उन्होंने सम्मेलन में उमड़ी भीड़ देखकर महिलाओं की एकजुटता और कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर बनने और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़िए. गांवों में शौचालय निर्माण से लेकर अन्य विकास की योजनाओं में भागीदारी लेने के लिए आगे बढ़िए. इसके लिए प्रस्ताव तैयार करिए. हम उस पर पहल करेंगे. सुदेश कुमार महतो ने कहा कि हमारी पॉलिटिकल प्रतिबद्धता समाज को सशक्त करने का है. सामाजिक कार्यों में जब महिलाओं का प्रभाव बढ़ेगा, तो वे राजनीति में भी असरदार साबित होंगी. इसके लिए हम सभी लोग मिलकर मेहनत करेंगे.

इस अवसर पर मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, महासचिव राजेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष हसन अंसारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष पार्वती देवी, जिलाध्यक्ष संजय महतो, रामजीत गंझू, जिप सदस्य मुजिबुल रहमान, रीना केरकेट्टा, सरिता देवी, फुलकुमारी देवी, सुमन मुंडारी, मीणा देवी, बुढ़मू प्रमुख सुमन पाहन इत्यादि मुख्य रूप से उपस्थित थे.

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