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चंदा कोचर की जीवनी | Chanda Kochhar Biography In Hindi

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चंदा कोचर एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं. पिछले 4 महीने से छुट्टी पर चल रही चंदा कोचर ने गुरुवार को अपना इस्‍तीफा दे दिया है. इसके साथ ही उन्होंने बैंक की सभी सब्सिडियरी से भी कार्यमुक्त कर दिया गया है. बैंक की प्रमुख रहते हुए चंदा कोचर की कमाई ने सबको दंग किया. उनकी एक दिन का वेतन करीब 2.18 लाख रुपए था. बावजूद इसके उन्‍हे अपना पद छोड़ना पड़ा.

चंदा कोचर की व्यक्तिगत जानकारी (Chanda Kochhar personal information)

व्यक्तिगत जानकारी (Personal information)
पूरा नाम (Full name) चंदा कोचर
जन्म सम्बन्धी जानकारी (Birthday related information) 17 नवंबर 1961

जोधपुर, राजस्थान, भारत

पेशा (Occupation) सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर (आईसीआईसीआई बैंक)
माता का नाम (Mother’s name) N/A
पिता का नाम (Father’s name) रूपचंद आडवाणी
पति का नाम (Husband’s name) दीपक कोचर
भाई बहन का नाम (Brothers and Sisters) N/A
बच्चों के नाम (Children) आरती, अर्जुन
सोशल मीडिया (Social media contacts) N/A
शरीर की माप (Body structure)
ऊंचाई (Height) 5 फीट 6 इंच
किलोग्राम में वजन (Weight in kg) 72
शरीर का आकार (Figure size) N/A
संपत्ति (Asset)
कुल कमाई (Net worth) 22 करोड़ (2017)
वेतन (Salary) 6.09 करोड़ (2017)
     

चंदा कोचर जन्म एवं शिक्षा (Chanda Kochhar Birth and Education)

  • चंदा कोचर ने राजस्थान राज्य के जोधपुर नामक शहर में जन्म लिया था एवं परवरिश जयपुर राजस्थान में हुई है. 17 नवंबर 1961 के दिन चंदा कोचर पैदा हुई थीं. इन्होंने अपनी शिक्षा सेंट एंजेला सोफिया स्कूल जयपुर से की है. उसके बाद अपनी शिक्षा को अग्रसर करने के लिए चंदा मुंबई चलीं गईं. जहां इन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय में बी.कॉम की डिग्री के लिए जय हिंद कॉलेज में प्रवेश किया.
  • साल 1982 में चंदा ने अपना स्नातक पूरा किया, उसके बाद इन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ कॉस्ट एकाउंटेंट्स से कॉस्ट एकाउंटेंसी के कोर्स का अध्ययन किया और बाद में जमनालाल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज मुंबई में जाकर अपनी एमएमएस की डिग्री हासिल कर ली.

चंदा कोचर का परिवार (Chanda Kochhar family)

इनके पिता वो व्यक्ति थे, जो लोगों को अपनी बेटी की तरह ही प्रभावित किया करते थे. चंदा के पिता प्रोफेसर रूपचंद आडवाणी थे, जो जयपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल थे और इस कॉलेज से चंदा ने भी पढ़ाई की थी. इस समय कोचर मुंबई में रहती हैं

चंदा कोचर का विवाह (Chanda Kochhar marrige)

इन्होंने दीपक कोचर से शादी कर लेता है. दीपक एक पवन ऊर्जा उद्यमी (Wind energy entrepreneur) और उसके बिजनेस स्कूल के दोस्त थे. इस दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमे से एक बेटी आरती और एक बेटा अर्जुन है.

चंदा कोचर का करियर (Chanda Kochhar career)

  • साल 1984 में कोचर ने इंडस्ट्रियल क्रेडिट एंड इंवेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (आईसीआईसीआई) में मैनेजमेंट ट्रेनी हैसियत से शामिल थी. आईसीआईसीआई के शुरुआती वर्षों में इन्होंने प्रोजेक्ट को संभालने का काम किया था. इतना ही नहीं इन्होंने बहुत सी कंपनियों के प्रोजेक्ट को भी संभाला है. जैसे कपड़ा, कागज और सीमेंट उद्योगों से सम्बंधित.
  • सन् 1993 में जब आईसीआईसीआई बैंक की स्थापना हुई थी, चंदा कोचर को मुख्य टीम के सदस्य में के रूप में नियुक्त किया गया था और इसके अलावा इन्हें बहुत सी बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं.
  • साल 1994 में इनकी काम करने की प्रतिभा को देखते हुए इनको आईसीआईसीआई बैंक में प्रमोशन देकर असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद पर बैठाया और इस पद पर चंदा ने दो साल तक काम किया.
  • असिस्टेंट जनरल मैनेजर के पद के बाद सन् 1996 में कोचर को पदोन्नति करके एक नया प्रोजेक्ट दिया गया. इस नए प्रोजेक्ट के लिए कोचर को हेड बनाया गया था, जिसमें आईसीआईसीआई बैंक ने पावर, टेलीकॉम और ट्रांसपोर्टेशन जैसे क्षेत्रों में अपनी रूचि दिखाई थी.
  • साल 1999 में इनको और बड़ी जिम्मेदारी दी गईं जैसे हैंडलिंग स्ट्रॅटजी और आईसीआईसीआई बैंक का ई-कॉमर्स डिवीजन्स. इसके अतिरिक्त इनकी लीडरशिप क्वालिटी की वजह से आईसीआईसीआई बैंक को अपना रिटेल का व्यापार स्थापित करने में सफलता मिली. फिर चंदा ने कुछ फैक्टर और जोड़े, उदाहरण के तौर पर टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, प्रोसेस इंजीनियरिंग इत्यादि.
  • सन् 2001 तक चंदा कोचर ने कार्यकारी निदेशक (मैनेजिंग डायरेक्टर) के रूप में आईसीआईसीआई का कार्यभार संभाला था. 6 साल तक मैनेजिंग डायरेक्टर की पोस्ट पर रहने के बाद 2006-07 से चंदा कोचर को बैंक के अंतरराष्ट्रीय और कॉर्पोरेट कारोबार की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया गया. साल 2006 में ही कोचर को आईसीआईसीआई बैंक में एक नई जिम्मेदारी सौंपी गई जिसके चलते कोचर को डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर का पद मिला.
  • सन् 2007 से 2009 तक चंदा ने बैंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) यानी चीफ फाइनेंसियल ऑफिसर और संयुक्त प्रबंध निदेशक (जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर) के रूप में सेवा की.
  • साल 2009 में ही आईसीआईसीआई बैंक भारत में होने वाले सभी ओपरेशन संभालने के लिए चंदा को फिर से प्रमोट किया गया. इस बार चंदा कोचर को बैंक का मैनेजिंग डायरेक्टर एवं चीफ एग्जीक्यूटिव अफसर का पद दिया गया है. इसके अलावा कोचर को जापान-इंडिया बिजनेस लीडर्स फोरम का सदस्य नियुक्त किया गया.
  • चंदा कोचर व्यापार और उद्योग, बोर्ड ऑफ ट्रैड एवं वित्तीय इंफ्रास्ट्रक्चर की उच्च स्तरीय समिति यानी प्रधान मंत्री परिषद की सदस्य रह चुकी हैं. इसके साथ-साथ चंदा कोचर सन् 2011 में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक के दौरान सह-अध्यक्ष भी रह चुकी हैं.

चंदा कोचर को प्राप्त अवार्ड एवं उपलब्धियां (Chanda Kochhar awards and recognition)

  • अपनी इस शिक्षा के दौरान चंदा कोचर को मैनेजमेंट स्टडीज में वॉक हॉर्डट गोल्ड मैडल दिया गया. इसके साथ साथ जे.एन. बोस गोल्ड मैडल कॉस्ट एकाउंटेंसी कोर्स में अच्छे प्रदर्शन के लिए दिया गया.
  • चंदा कोचर की लीडरशिप के चलते आईसीआईसीआई बैंक ने ‘बेस्ट रिटेल बैंक ऑफ इंडिया’ नाम का पुरस्कार किया था. आईसीआईसीआई बैंक को 4 साल तक ‘बेस्ट रिटेल बैंक ऑफ इंडिया’ अवार्ड मिला जिसमें पहला 2001, दूसरा 2003 में, तीसरा 2004 में एवं चौथा 2005 में मिला था. इसके अलावा चंदा जी की बदौलत साल 2002 में “एक्सीलेन्स इन रिटेल बैंकिंग अवार्ड” भी आईसीआईसीआई बैंक को मिला था. जो ‘द एशियन बैंकर’ के द्वारा आयोजित समारोह में दिए गए थे.
  • चंदा कोचर को सन् 2002 से सन् 2010 तक लगातार आठ वर्षों तक ’30 सबसे पावरफुल महिला लीडर’ की सूची में जगह दी गयी थी.
  • साल 2005 में इन्हें ‘द इकोनॉमिक्स टाइम्स’ के द्वारा ‘बिजनेस वीमेन ऑफ द ईयर’ नाम के अवार्ड्स से सम्मानित किया गया. इसके साथ-साथ चंदा को ‘राइजिंग स्टार अवार्ड’ दिया गया. जो 2006 में रिटेल बैंकर इंटरनेशनल के द्वारा आयोजित पुरस्कार समारोह में दिया गया था.
  • चंदा की पावर को देखते हुए देश ने ही नहीं बल्कि पूरे विश्व ने इनका सम्मान किया, साल 2009 में इनको फोर्ब्स ने “विश्व की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाओं की सूची” में 20 वें नंबर का स्थान दिया गया.
  • वर्ष 2010 में इन्हें फॉर्च्यून की ‘मोस्ट पावरफुल वीमेन इन बिजनेस’ वाली सूची में 10 वें स्थान पर रखा गया था. इसके अलावा इस साल चंदा कोचर को फोर्ब्स मैगजीन में संसार की ‘सबसे ताकतवर महिलाओं’ की लिस्ट में 92 वें पायदान पर रखा था.
  • सन् 2010 में इन्हें सीएनबीसी टीवी 18 द्वारा ‘आउटस्टैंडिंग वीमेन बिजनेस ऑफ़ द ईयर’ का भी सम्मान मिला. इसके अलावा 2010 में ही फाइनेंशियल टाइम्स ने ‘विश्व व्यापार में शीर्ष 50 महिलाओं’ की सूची में चंदा को 11 वां स्थान दिया गया था.
  • भारत के सबसे उच्चतम पुरस्कारों में शामिल ‘पद्मभूषण ‘ से इन्हें साल 2011 में नवाजा गया . पद्मभूषण पुरस्कार भारत की सरकार उन लोगों को देती है जो अपने कार्य क्षेत्र में उच्चतम दर्जा पा लेता है.
  • साल 2011 में चंदा कोचर को भारत के नजरिये से ‘एबीएलएफ वीमेन ऑफ पावर अवार्ड’ मिला था जो कि ‘द एशियन बिजनेस लीडरशिप फोरम अवार्ड्स’ समारोह के दौरान दिया गया था.
  • सन् 2013 में एक बार फिर से फोर्बेस ने इन्हें शक्तिशाली व्यापारियों की सूची में जगह दी और भारत के शक्तिशाली व्यापारियों में पहला स्थान भी दिया. इतना ही नहीं इसी साल भारत में इंडिया टुडे ने चंदा को 25 शक्तिशाली वीमेन की लिस्ट में रखा था.
  • साल 2014 में कोचर की वित्तीय परफॉरमेंस को मद्देनजर रखते हुए, कार्लेटों यूनिवर्सिटी द्वारा चंदा कोचर को फाइनेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉक्ट्रेट की उपाधि दी थी. इसके अतिरिक्त  चंदा कोचर को 2 जनवरी 2014 को एसोचॅम लेडीज लीग में वुड्स ऑफ़ द डिकेड अचीवर्स अवॉर्ड से मुंबई में सम्मान दिया गया था.
  • कोचर को पुरस्कार मिलने का सिलसिला और आगे बड़ा जब टाइम मैगजीन ने 2015 में 100 सबसे इन्फ्लुएंसियल लोगों की सूची जारी की और चंदा कोचर को इस लिस्ट में स्थान मिला.
  • इसी वर्ष 2015 में इनको फार्च्यून सूचि में पहले पायदान पर जगह दी गई, इस लिस्ट में एशिया की 100 शक्तिशाली महिलाओं के नाम संकलित किए गए थे.
  • चंदा कोचर संसार की ऐसी प्रथम लीडर हैं जिन्होंने वुडरो विल्सन पुरस्कार की श्रेणी में ग्लोबल कॉपोरेट सिटीजनशिप प्राप्त करने की सफलता हासिल की थी. ये पुरस्कार कोचर को यूएस में स्थित वुडरो विल्सन केंद्र से मिला था.
  • अभी पिछली साल 2017 में इन्हें बिजनेस वर्ल्ड मैगजीन की ‘बीडब्ल्यू की सबसे प्रभावशाली महिला’ सूची में हमेशा सम्मिलित महिला नेता करार दिया  गया.

चंदा कोचर की लेटेस्ट न्यूज  (Chanda Kochhar latest news)

  • सीबीआई द्वारा आईसीआईसीआई बैंक के द्वारा वीडियोकॉन को प्राप्त ऋण के बारे में छान बीन करने में लगी है, सीबीआई की पहली रिपोर्ट के अनुसार इस केस में कुछ दस्तवेजों की मदद से बैंक के अफसरों के नाम सामने आये है, जो 2012 की ऋण देने की प्रक्रिया में शामिल थे. जिसमें आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चंदा कोचर के पति और वीडियोकॉन के मालिक शामिल हैं, लेकिन चंदा कोचर का कहीं भी नाम सम्मलित नहीं है.
  • प्रारंभिक जांच में 3,250 करोड़ रुपये का मामला सामने आया है हालांकि ये मामला काफी बड़ा है इसमें सन् 2012 में 20 बैंकों के एक संघ द्वारा 40,000 करोड़ रुपये ऋण देने की अनुमति दी गई थी. इस जाँच को करीबन दो महीने पहले ही शुरुआत मिली थी, जिसके फलस्वरूप दीपक कोचर और वीडियोकॉन के मालिक वेणुगोपाल धूत का नाम सम्मलित है.
  • हालांकि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन का ऋण खाता वर्ष 2017 में ही नॉट परफार्मिंग एसेट करार दे दिया था और वीडियोकॉन को पैसा मिलना बंद हो गया था.

 

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