CBSE Result 2021: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर किया 12वीं रिजल्ट का फार्मूला, 31 जुलाई तक होगा घोषित

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New Delhi: सीबीएसई की 12वीं क्लास का रिजल्ट 10वीं 11वीं और 12वीं क्लास में प्रदर्शन के आधार पर बनेगा. रिजल्ट बनाने को लेकर बनी 13 सदस्य कमेटी ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट सौंप दी. सीबीएसई 30 जुलाई को नतीजे घोषित करेगा. जो छात्र परिणाम से संतुष्ट ना हो उन्हें कोविड-19 हालात सामान्य होने पर परीक्षा देने का मौका मिलेगा. वही आईसीएसई बोर्ड पिछले 6 वर्ष के एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर 30 जुलाई तक परिणाम घोषित करेगा. कोर्ट ने दोनों बोर्ड के फार्मूले को सिद्धांत की मंजूरी दे दी. इस पर पक्षकारों से सुझाव मांगे गए हैं. अब इस पर 21 जून को सुनवाई होगी. कोर्ट ने केंद्र को नतीजों की घोषणा और मूल्यांकन प्रणाली से असंतुष्ट छात्रों के लिए परीक्षा की समय सीमा बताने का निर्देश दिया है. सीबीएसई की ओर से पेश अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ को बताया. नतीजे 10वीं 11वीं और 12वीं में प्रदर्शन के आधार पर होंगे. दसवीं के उन तीन विषयों को चुना जाएगा जिनमें सर्वाधिक नंबर हों. 11वीं के सभी थ्योरी पेपर के अंक लिए जाएंगे. 12वीं के यूनिट टेस्ट टर्म एग्जाम और प्रैक्टिकल के नंबरों से मूल्यांकन होगा. अलग-अलग स्कूलों में मूल्यांकन की व्यवस्था में समानता के लिए समिति का गठन किया जा सकता है.

हर स्कूल में रिजल्ट कमेटी बनेगी, जो मूल्यांकन में मदद करेगी. अगर कोई छात्र 3 वर्ष के परिणाम के आधार पर उचित अंक नहीं पाता, तो उसे कंपार्टमेंट कैटेगरी में रखा जाएगा. जस्टिस खानविलकर ने कहा बहुत से छात्र इस मसौदे से सहमत हो सकते हैं और बहुत से नहीं भी. जो संतुष्ट नहीं उनकी संख्या कम होगी. ऐसे में बोर्ड द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए उनकी परीक्षाएं जल्द आयोजित की जा सकती हैं. इस पर अटार्नी जनरल ने कहा इस पर निर्णय सीबीएसई को लेने दें. जस्टिस माहेश्वरी ने कहा आप निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं. सभी विषयों को सीबीएसई पासिंग स्कीम में शामिल करें. ताकि भविष्य में बच्चों को कोई परेशानी ना हो. कोर्ट ने कहा- परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों की शिकायतों को दूर करने के लिए एक अंतर्निहित तंत्र होना चाहिए. इस पर वेणु गोपाल ने बताया कि इसके लिए कमेटी बनेगी. इस पर जस्टिस खानविलकर ने कहा इसका गठन पहले होना चाहिए, ताकि बच्चों को कहीं और ना जाना पड़े.

गौरतलब है कि वकील ममता शर्मा ने पूर्व में कोरोना महामारी का हवाला देते हुए सीबीएसई ओर आईसीएसई की 12वीं की परीक्षा रद्द करने की मांग करने वाली याचिका दायर की थी. इस पर सुनवाई करते हुए पीठ ने सरकार से जवाब मांगा था. इस बीच केंद्र सरकार ने 3 जून को कोर्ट को बताया कि उन्होंने 12वीं की परीक्षाएं न कराने का फैसला किया है. इसके बाद कोर्ट ने सीबीएसई और आईसीएसई से मूल्यांकन का फार्मूला बनाने को कहा था.

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