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उपचुनाव : विपक्ष की एकजुटता क्या भारी पड़ेगी सत्तारूढ़ राजग पर?

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#रांची : झारखंड में रांची जिले के सिल्ली और बोकारो के गोमिया में आगामी 28 मई को होने वाले उपचुनाव को एक तरह से सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। सत्ता के इस सेमीफाइनल में जहां सत्तारूढ़ राजग (भाजपा-आजसू) “एकला चलो” की राह पर है, वहीं विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है। आगामी 28 मई को होने वाले उपचुनाव में राज्य में गठबंधन की नई परिभाषा दी है।

प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की सहयोगी आजसू पार्टी के मुखिया सुदेश सिल्ली में जहां एक तरफ अकेले चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, गोमिया में उनकी पार्टी के उम्मीदवार लम्बोदर महतो के खिलाफ भाजपा ने अपना उम्मीदवार उतारा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि भाजपा ने सिल्ली में सुदेश का समर्थन किया है। गोमिया में उनकी पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ माधव लाल सिंह को टिकट दिया है।

सिल्ली में सीट ”रीटेन” करने के मकसद से पूर्व विधायक अमित की पत्नी और झामुमो की उम्मीदवार सीमा और उनकी सास चुनाव कैंपेन में जोरशोर से जुटी हैं। इन तीनों के अलावा झामुमो का कैडर भी सोनाहातु और राहे में काफी सक्रिय है। सिल्ली विधानसभा से चुनाव लड़ रहे आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने खुद अपने इलेक्शन की कमान संभाल रखी है।

रांची के सिल्ली विधानसभा से जहां भाजपा की सहयोगी आजसू के मुखिया सुदेश महतो मैदान में है, वहीं विपक्ष की ओर से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साझा उम्मीदवार सीमा महतो चुनवा लड़ रही हैं। गोमियो की बात करे तो यहां मुकाबला त्रिकोणीय होता दिख रहा है। एक तरफ भाजपा के माधव सिंह हैं तो दूसरी ओर आजसू के लम्बोदर महतो हैं। विपक्ष की ओर से साझा उम्मीदवार पूर्व विधायक योगेंद्र महतो की पत्नी बबीता महतो मैदान में हैं।

अपने दोनों विधायकों (अमित महतो-योगेंद्र महतो) की सदस्यता जाने के बाद से झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) झारखंड विधानसभा में अपने संख्याबल को वस्तुस्थिति में पहुंचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है। दूसरी तरफ आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो के लिए यह उपचुनाव प्रतिष्ठा का विषय बन गया है।

उपचुनाव में आजसू ने अपने बड़े साझीदार भाजपा के लाख मना करने पर भी दोनों सीट से अपने उम्मीदवार उतार दिये हैं। विधानसभा में 19 से घटकर 17 की संख्या पर सिमटने वाले झामुमो को अपना कुनबा मजबूत रखने के लिए इस उपचुनाव में अच्छा प्रदर्शन करना जरूरी है, जबकि भाजपा से बगावत कर दोनों सीट पर अपने उम्मीदवार को उतारने वाली आजसू के लिए यह करो या मरो वाली स्थिति है।

गोमिया में कुल 2.68 लाख मतदाता हैं, जबकि सिल्ली में 1.95 लाख मतदाता हैं। उनमें क्रमशः गोमिया में 1.26 लाख महिला मतदाता हैं, जबकि सिल्ली में 0.95 लाख महिला मतदाता हैं। गोमिया में 341 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जबकि सिल्ली में 278 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

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