उपचुनाव : विपक्षी के दल के स्‍टार प्रचारक भी करेंगे झामुमो उम्‍मीदवारों का प्रचार

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#रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन अपनी रणनीति में लगातार कामयाब होते दिख रहे हैं। राज्य में दो सीट (गोमियो-सिल्ली) पर हो रहे उपचुनाव में जहां उन्होंने विपक्षी दलों को एक झंडे के तले ला दिया,वहीं अब 2019 से पहले हो रहे इस उपचुनाव में विपक्षी दलों को साझा प्रचार अभियान में भ में सफल हो रहे हैं। नेता विपक्ष हेमंत सोरेन ने अपने दम पर विधानसभा उपचुनाव की कमान संभाल रखी है। मैदान में उतरने के पहले उन्होंने पूरी योजना-रचना के साथ पूर्वाभ्यास किया। तमाम विपक्षी दलों के नेताओं के आवास समेत दफ्तरों के चक्कर लगाए।

दरअसल हेमंत सोरेन की नजर आगामी विधानसभा चुनाव पर है। यही कारण है कि राज्यसभा चुनाव में विधायकों की ज्यादा संख्या होने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी धीरज प्रसाद साहू का समर्थन किया और उन्हें जीत दिलाने में भी सफलता हासिल की।

उपचुनाव में अगर हेमंत सोरेन दोनों सीटों पर कब्जा बरकरार रखने में सफल होते हैं तो उनकी राजनीतिक पूछ बढ़ेगी। अपने मकसद को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जहां झामुमो पार्टी के स्टार प्रचारक शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन 16 मई से चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं, झारखंड विकास मोर्चा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी भी चुनाव प्रचार अभियान में झामुमो के मंच पर दिखाई देंगे ।

इस बाबत उनकी झामुमो के आला नेताओं से बातचीत हो चुकी है। समय और सुविधा के अनुसार वे झामुमो के प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे। मालूम हो कि दोनों विधानसभा सीटों पर विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद 28 मई को उपचुनाव की नौबत आई है। दोनों सीटों पर झामुमो का कब्जा रहा है।

मोर्चा ने निवर्तमान विधायकों की पत्नियों पर उपचुनाव में दांव लगाया है। जहां सिल्ली के विधायक रहे अमित महतो को 2006 में अंचलाधिकारी संग मारपीट के आरोप में अदालत से दोषी करार दिए जाने के बाद सदस्यता खोनी पड़ी, वहीं गोमिया के पूर्व विधायक योगेंद्र महतो को कोयला चोरी के एक पुराने मामले में अदालत से दोषी ठहराया जाने के बाद अपनी विधायकी गवांनी पड़ी।

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