आज बुद्ध पूर्णिमा… दिखेगा सुपरमून 30% अधिक चमकीला

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Ranchi: आज बुद्ध पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जाएगा. बुध पुर्णिमा हर साल वैशाख माह की पूर्णिमा को होती है. रांची के डोरंडा में नेपाली समुदाय द्वारा नेपाल हाउस स्थित बौद्ध मंदिर में बुद्ध जयंती मनाई जाती है. नेपालियों के अलावा तिब्बती समुदाय के लोग भी बुद्ध जयंती धूमधाम से मनाते हैं.

बौद्ध अनुयाई इस दिन अपने घरों में दिए जलाते हैं फूलों से घर से जाते हैं और प्रार्थनाएं करते हैं. बौद्ध धर्म ग्रंथों का पाठ किया जाता है. कई हिंदू भी बुद्ध पूर्णिमा के दिन उपवास रखते हैं. भगवान विष्णु की पूजा करते हैं.

भगवान बुद्ध का जन्म वैशाख माह की पूर्णिमा को ही हुआ था. इसी पूर्णिमा को कई वर्षों तक कठोर तपस्या करने के बाद बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को सत्य का ज्ञान हुआ था. सर्वार्थ सिद्धि योग में बुध जयंती मनाई जाएगी, जो शुभ है.

रांची के ज्योतिषियों का कहना है शिव और सौम्य योगों में किसी भी तरह के शुभ कार्य किए जा सकते हैं. इस पावन दिन चंद्रमा और सूर्य दोनों वृष राशि में विराजमान रहेंगे.

आज चंद्रग्रहण भी रहेगा

चंद्रग्रहण भी रहेगा आज. खगोल विज्ञान के जानकारों के मुताबिक अन्य पूर्णिमा की तुलना में बुध पूर्णिमा को फ्लावर सुपरमून दिखाई देगा यह 13% ज्यादा बड़ा और 30% ज्यादा चमकीला नजर आएगा. बीते 26 अप्रैल को दिखे सुपरमून की तुलना में इस बार का चंद्रमा पृथ्वी से 157 किलोमीटर ज्यादा नजदीक होगा. पश्चिमी देशों में वहां खिलने वाले फूलों के कारण इससे फ्लावर मूल नाम दिया गया है. इसकी पृथ्वी से नजदीकी 357462 किलोमीटर रह जाएगी.

पूर्णिमा पर स्नान का मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 3:54 से 4:35 सुबह तक ब्रह्म मुहूर्त

Vijay मुहूर्त दोपहर 2:22 से 3:16 तक विजय मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन का अधिक महत्व होता है

इस पावन दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है

इस दिन चंद्रमा की पूजा करने से दूसरों से मुक्ति मिलती है और रोग दूर होते हैं

पूजा विधि

  • घर के मंदिर में साफ सफाई करने के बाद दीप प्रज्वलित करें
  • सभी देवी देवताओं का अभिषेक करें
  • इस पावन दिन भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित करें
  • भगवान विष्णु का अधिक से अधिक ध्यान करें
  • माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना भी करें
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें
  • भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को भोग लगाएं
  • पूर्णिमा की रात्रि में चंद्रमा की पूजा भी की जाती है

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