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भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एस्क्विथ ने जिम्मेदार प्रवास परियोजना का रांची में किया शुभारंभ

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  • रांची में ओरिएंट क्राफ्ट कारखाने में की गई शुरुआत
  • सीएम रघुवर दास के कर कमलों से 2 वर्ष पहले ओरिएंट क्राफ्ट की हुई थी ओरमांझी में स्थापना
  • 3000 युवतियों को मिल चुका है रोजगार
  • मार्क एंड स्पेंसर, मदरकेयर, लेवाइस जैसे ब्रांडेड कंपनियों के उत्पादों की सिलाई का काम कर रही हैं महिलाएं

Ranchi: ब्रिटिश उच्चायुक्त ने जिम्मेदार प्रवास परियोजना का रांची में शुभारंभ किया भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एस्क्विथ ने आज रांची में ओरिएंट क्राफ्ट कारखाने में जिम्मेदार माइग्रेशन परियोजना की शुरुआत की. यह परियोजना,  जो की ब्रिटिश सरकार तथा मार्क्स एंड स्पेंसर द्वारा संयुक्त रूप से वित्त पोषित है.  अपने भारतीय साझेदार,  गैर सरकारी संगठन श्पार्टनरिंग होप इन टू एक्शन (पीएचआईए) फाउंडेशन को झारखण्ड और गुड़गांव में कारखाना श्रमिकों और समुदायों के लिए एक शोध अध्ययन और जागरूकता निर्माण कार्य में सहयोग करेगी.

कपड़ा कारखानों में या घरेलू कामगार के रूप में नौकरी के लिए झारखंड के कई श्रमिक दिल्ली-एनसीआर सहित बड़े शहरों में प्रवास कर जाते हैं. एक स्थिर नौकरी खोजने के अनिश्चितता के अलावा, वे अक्सर शोषण होने वाले जीवन और कामकाजी परिस्तिथियों के चपेट में होते हैं. रेडीमेड परिधान क्षेत्र में भर्ती और मुद्दों का मूल्यांकन करने में शामिल हितधारकों की पहचान करके यह परियोजना नीतिगत वकालत और जागरूकता के माध्यम से उनके द्वारा सामना की जाने वाली समस्याओं से निपटने का ध्यान रखेगी.

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त,  सर डोमिनिक एस्क्विथ ने कहा  कि मुझे इस परियोजना को प्रसिद्ध ब्रिटिश ब्रांड मार्क्स एंड स्पेंसर के साथ लॉन्च करने की खुशी है. इस तरह की पहल जिम्मेदार रोजगार प्रथाओं और स्वच्छ आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ावा देने में मदद करती है. यूके सरकार दुनिया भर में सबसे कमजोर श्रमिकों की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है. ब्रिटेन और भारत एक साथ काम कर रहे हैं. एक वैश्विक बल के रूप में, एक ऐसे भविष्य का निर्माण करने के लिए, जहां जबरदस्ती कराया जाने वाला श्रम और शोषण वास्तव में अतीत की बात होगी द्यश्निधि दुआए भारत प्रमुख, मार्क्स एंड स्पेंसर  ने कहा हम केवल उन समुदायों के रूप में मजबूत हैं जिनमें हम काम करते हैं और मार्क्स और स्पेंसर में, हम अपने आपूर्तिकर्ताओं को उचित मूल्य देने, स्थानीय समुदायों का समर्थन करने और हमारी आपूर्ति श्रृंखला में अच्छे काम की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. झारखंड से कामगारों को लेने वाली पहले अंतर्राष्ट्रीय ब्रांडों में से एक,  हम समुदाय के प्रति भावुक हैं और हम मानते हैं कि जिम्मेदार पलायन पर शोध करने और बढ़ावा देने से वास्तव में सकारात्मक प्रभाव पड़ेगाए इसलिए हमें ब्रिटिश उच्चायोग और पार्टनरिंग होप इन एक्शन (पीएचआईए) के साथ सहयोगात्मक रूप से काम करने पर गर्व है. आनंद कुमार बोलिमेरा, निदेशक, पार्टनरिंग होप इन टू एक्शन (पीएचआईए) फाउंडेशन  ने कहा हम परिधान क्षेत्र में जिम्मेदार प्रवास को बढ़ावा देने के लिए ब्रिटिश उच्चायोग और मार्क्स और स्पेंसर के साथ इस साझेदारी को लेकर उत्साहित हैं. पीएचआईए फाउंडेशन गरीब और सबसे अधिक हाशिए पर रहने वाले समूहों को सशक्त बनाने और प्रवासी समुदायों के बीच उनकी सुरक्षा और अधिकारों  की जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है. समाप्त संपादकों को  के लिए नोट्स 11 महीने की जिम्मेदार प्रवास परियोजना को इस साल मई में शुरू किया गया था.लड़कियों और महिलाओं के जीवन में सुधार ब्रिटेन की शीर्ष वैश्विक प्राथमिकताओं में से एक है, जिसमें भारत भी शामिल है.

ज्ञातव्य है कि सीएम रघुवर दास ने 2 साल पहले ओरिएंट क्राफ्ट का शुभारंभ ओरमांझी में किया था. यह कारखाना रोजगार सृजन में मील का पत्थर साबित हो रही है. आज की तारीख में सिमडेगा, लातेहार, गुमला, खूंटी इत्यादि जिलों की 3000 से ज्यादा युवतियां इस कारखाने में कार्यरत है और मार्क एंड स्पेंसर, मदरकेयर, लेवाइस जैसे ब्रांडेड कंपनियों के उत्पादों की सिलाई का काम कर रही हैं. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य झारखण्ड के श्रमिकों का पलायन रोकना तथा रोजगार सृजन करना है.

2016 में, यूके सरकार ने अग्रणी ब्रिटिश ब्रांडों के साथ मिलकर कपड़ा कारखाने के श्रमिकों के बीच लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक तीन साल का कार्यक्रम शुरू किया. इस पावर ;समान अधिकारों के लिए महिलाओं को अवसर प्रदान करना, परियोजना से अब तक सीधे तौर पर 13,500 श्रमिकों को लाभ हुआ है और अतिरिक्त 20,000 श्रमिकों तक लाभ पहुंचने की उम्मीद है.जिम्मेदार प्रवास प्रोजेक्ट के रांची में शुरू होना ओरिएंट क्राफ्ट की फैक्ट्री के दो साल की सालगिरह का प्रतीक है.झारखंड के पहले परिधान निर्माण संयंत्रों में से एक. कंपनी नई नौकरियां पैदा कर रही हैए जो राज्य में युवाओं के लिए रीवर्स माइग्रेशन सुनिश्चित करने में मदद कर सकती है.

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