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ब्रेस्ट कैंसर से बचने के उपाय | prevention of breast cancer in Hindi

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ब्रेस्ट कैंसर कैसे होता है? महिलाओं में होनेवाला स्तनों का कैंसर कोशिकाओं की घातक प्रमाण में वृद्धि होने से होता है. अगर इसका उपचार न किया जाए तो यह पुरे शरीर में फ़ैल सकता है. ब्रेस्ट कैंसर के कारण, स्तनों का कैंसर महिलाओं को होने वाली कैंसर की बिमारियों में दूसरे क्रमांक पर है और महिलाओं की मौत के कारणों में दुसरे क्रमांक का कारण है.

स्तनों का कैंसर होने के कारणों का अभी तक पता नहीं चला है लेकिन स्तनों का कैंसर होने पर शरीर में एस्ट्रोजन अधिक मात्रा में पाया जाता है. ब्रेस्ट कैंसर के कारण, स्तनों का कैंसर होने के पूर्व लक्षण में स्तनों के आकार और रूप में बदलाव होता है जो मैमोग्राम में दिखाई देता है. ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण, आम तौर पर होने वाला कैंसर है अडिनोकार्सिनोमा जो ग्रंथियों में पैदा होता है.

कम संख्या में पाये जानेवाले कैंसर होते हैं सुजन होने वाला स्तनों का कैंसर, स्तनों के केंद्रीय ऊतकों का कैंसर, म्युकिनस कारसिनोमा जो रजोनिवृत्ति के पार महिलाओं में पाया जाता है और स्तानाग्रों में होने वाला पजेट रोग जो दुग्ध नलिकाओं में शुरू होकर स्तानाग्रों की आसपास की त्वचा में फैलता है.

स्तनों का कैंसर रोकने के तरीके | Breast cancer rokne ke upay | Ways to Prevent Breast Cancer

  • युवतियों में स्तनों का कैंसर होने की संभावना कम होती है पर अगर ये हो जाए तो बड़ी तेजी से असर दिखाता है.
  • स्‍तन कैंसर, जीवनशैली में बदलाव करने से जिन महिलाओं को कैंसर होने का अधिक खतरा होता है उनमे भी वह होने की संभावना कम हो जाती है.
  • वजन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है. रजोनिवृत्ति के बाद आने वाले मोटापे से कैंसर की संभावना बढती है.
  • नियमित व्यायाम करने से शरीर की प्रतिरोधक शक्ति बढती है जिससे वजन और एस्ट्रोजन सही बना रहता है.
  • नियमित रूप से शराब पिने से स्तनों का कैंसर होने का खतरा होता है. अंगूर का रस पिने से एस्ट्रोजन का स्तर नियंत्रण में रहता है जिससे कैंसर होने कम हो जाता है.
  • सतन कैसर, फल और सब्जियों का कम चरबीयुक्त आहार लेने से स्तनों का कैंसर होने का धोका कम होता है और वह दुबारा होने की संभावना भी कम हो जाती है. ब्रोकोली और गोभी अधिक संरक्षण देते हैं. इन सब्जियों में सल्फोराफेन होता है. जो कैंसर के कोशिकाओं के गुणन को रोकता है. कच्ची सब्जियां और अधिक फायदेमंद होती हैं. दरअसल स्तन कैंसर को रोकने के लिए आहार आपके वजन नियंत्रण में एक बड़ी भूमिका निभाता है. अध्ययनों से पता चलता है कि फल और सब्जियों को आहार में लेने से और व्यायाम करने से अधिक वजन की महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा कम होता है.
  • स्तन कैंसर के लक्षण, स्तन कैंसर वंशानुगत पाया गया है. माता-पिता से विरासत में मिली जीन शरीर के विभिन्न पहलुओं को नियंत्रित करती है.
  • सतन कैसर, सभी महिलाओं को हर तीन साल में और 40 साल की उम्र के बाद हर साल अपने स्तनों की चिकित्सकीय जांच करना जरुरी है. परिवार में कैंसर के इतिहास की महिलाओं को परिवार की दूसरी कैंसरग्रस्त महिला के कैंसर निदान होने की आयु से कम से कम 10 साल पहले जांच शुरू करनी चाहिए. मैमोग्राम के अलावा एमआरआय और सोनोग्राम करवाने से युवा महिलाओं में स्तन कैंसर के निदान में अधिक उपयोग होता है.
    धुम्रपान करने से कैंसर का खतरा बढ़ता है और विशेष रूप से रजोनिवृत्ति की आयु के बाद की महिलाओं में यह संभावना अधिक होती है.
  • स्‍तन कैसर, शिशु को स्तनपान देने से कैंसर होने का खतरा कम होता है. जितने ज्यादा समय तक स्तनपान दिया जाय उतना ही कैंसर से सुरक्षा पाने का फायदा होता है.
  • 3 से 4 साल तक हॉर्मोन की थेरेपी लेने से स्तन कैंसर होने की संभावना बढती है.
  • विकिरण या प्रदुषण या ज्यादा प्रमाण पर क्ष किरण स्तन कैंसर होने का खतरा बढ़ाते हैं.
    कुछ शोधकर्ताओं ने स्तन का कैंसर और काम की जगह पाए जानेवाले रसायन इनमे संबंध होने का दावा किया है.

निष्कर्ष (Conclusion) : पुरे विश्व में महिलाओं में पाए जानेवाले कैंसर में स्तन कैंसर आम तौर पर पाया जाता है. विकसनशील देशों में इसका निदान देरी से होता है क्योंकि इसकी जांच समय पर नहीं की जाती. कैंसर न होने के लिए स्वस्थ आहार, शारिरिक व्यायाम, धुम्रपान और शराब से परहेज करना और मोटापा कम करना जरुरी है. गरीब देशों में स्तन कैंसर होने के कुछ कारण कम किये जा सकते हैं पर यह पूरी तरह से मिटाया नहीं जा सकता.

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