JAC 12th Result 2020 Toppers LIST: 2018 मैट्रिक का सेकेंड टॉपर बना 2020 इंटर साइंस का स्‍टेट टॉपर, देखें Toppers List

JAC 12th Result 2020 Toppers LIST: 2018 मैट्रिक का सेकेंड टॉपर बना 2020 इंटर साइंस का स्‍टेट टॉपर, देखें Toppers List

गिरिडीह के सरिया का अमित कुमार विज्ञान का स्टेट टॉपर बना है. अमित मैट्रिक में सेकेंड स्टेट टॉपर था. अमित गरीब परिवार से आता है. इसके पिता बैट्री मरम्मत का काम करते हैं.

JAC 12th Result 2020: इंटर आर्ट्स-साइंस-कॉमर्स का रिजल्‍ट एक साथ जारी

JAC 12th Result 2020: इंटर आर्ट्स-साइंस-कॉमर्स का रिजल्‍ट एक साथ जारी

झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और जैक चेयरमैन के मौजूदगी में इंटर का रिजल्‍ट किया गया है. मौके पर उन्‍होंने सफल छात्रों को शुभकामनाएं दी हैं.

JAC 12th Result 2020: इंटर आर्ट्स-साइंस-कॉमर्स का रिजल्‍ट से पहले आया JAC का ये संदेश

JAC 12th Result 2020: इंटर आर्ट्स-साइंस-कॉमर्स का रिजल्‍ट से पहले आया JAC का ये संदेश

झारखंड एकेडमिक काउंसिल आज 12th Result 2020 जारी करने जा रहा है. वेसे इंटर साइ्ंस-कॉमर्स का रिजल्‍ट दोपहर एक बजे ही आने वाला था. इसके बाद जैक बोर्ड की ओर से नई टाइमिंग जारी की गई.

JAC 12th Result 2020 आज दोपहर एक बजे, ये है मोबाइल से तुरंत चेक करने का तरीका

JAC 12th Result 2020 आज दोपहर एक बजे, ये है मोबाइल से तुरंत चेक करने का तरीका

JAC 12th Result 2020 आज जारी होने वाला है. दोपहर करीब एक बजे झारखंड बोर्ड इंटर का रिजल्‍ट (Jharkhand Board Inter Result) जारी हो जाएगा. मौके पर झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जैक दफ्तर में आयोजित रिजल्‍ट समारोह में मौजूद रहेंगे.

Live Update: JAC Matric Result 2020 में OBC छात्रों ने मारी बाजी

Live Update: JAC Matric Result 2020 में OBC छात्रों ने मारी बाजी

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं बोर्ड (मैट्रिक) का रिजल्ट (JAC matric Result 2020) जारी कर दिया है. इस बार कुल 75 फीसदी स्‍टूडेंट सफल हुए हैं. इनसे से 48000 फर्स्ट डीविजन से पास हुए हैं, वहीं 124928 सेकेंड डिविजन से पास हुए हैं. इनमें ओबीसी छात्रों ने बाजी मारी है.

Live Update: झारखंड का मैट्रिक रिजल्‍ट जारी, जानें कितने हुए पास कितने फेल!

Live Update: झारखंड का मैट्रिक रिजल्‍ट जारी, जानें कितने हुए पास कितने फेल!

झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने 10वीं बोर्ड (मैट्रिक) का रिजल्ट (JAC matric Result 2020) जारी कर दिया है. जैक बोर्ड के चेयरमैन डॉ अरविंद कुमार सिंह और झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो साल 2020 का मैट्रिक का रिजल्ट जारी किया. इस बार कुल 75 फीसदी स्‍टूडेंट सफल हुए हैं. इनसे से 48000 फर्स्ट डीविजन से पास हुए हैं, वहीं 124928 सेकेंड डिविजन से पास हुए हैं.

Live Update: शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने जारी किया झारखंड मैट्रिक का परीक्षा फल

JAC 10th Result 2020: आज दोपहर एक बजे जारी होगा मैट्रिक का रिजल्‍ट

झारखंड अकादमिक परिषद (जैक) आज दोपहर मैट्रिक का परीक्षाफल जारी करेगा. पूर्व सूचना के अनुसार 10वीं के नतीजे दोपहर एक बजे तक जारी किया जाना था. झारखंड 10वीं बोर्ड के नतीजे जारी करने के लिए शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो अभी तक जैक दफ्तर नहीं पहुंच सके हैं.

JAC 10th Result 2020: आज दोपहर एक बजे जारी होगा मैट्रिक का रिजल्‍ट

JAC 10th Result 2020: आज दोपहर एक बजे जारी होगा मैट्रिक का रिजल्‍ट

झारखंड एकेडमिक काउंसिल आज दोपहर एक बजे मैट्रिक का रिजल्ट (Matric Result) घोषित करेगा. 10वीं बोर्ड का रिजल्‍ट शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ऑनलाइन जारी करेंगे.

नीरज मुर्मू को मिला ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड

कोरोना महामारी संकट

Ranchi: कैलाश सत्‍यार्थी चिल्‍ड्रेन्‍स फाउंडेशन (केएससीएफ) द्वारा संचालित झारखण्ड में गिरिडीह जिले के दुलियाकरम बाल मित्र ग्राम के पूर्व बाल मजदूर 21 वर्षीय नीरज मुर्मू को गरीब और हाशिए के बच्‍चों को शिक्षित करने के लिए ब्रिटेन का प्रतिष्ठित डायना अवार्ड से सम्‍मानित किया है. ब्रिटेन में वेल्‍स की राजकुमारी डायना की स्‍मृति में हर साल यह अवार्ड प्रदान किया जाता है.

इस अवार्ड से 09 से 25 साल की उम्र के उन बच्‍चों और युवाओं को सम्‍मानित किया जाता है, जिन्‍होंने अपनी नेतृत्‍व क्षमता का परिचय देते हुए सामाजिक बदलाव में असाधारण योगदान दिया हो. नीरज दुनिया के उन 25 बच्‍चों में शामिल हैं जिन्‍हें इस गौरवशाली अवार्ड से सम्‍मानित किया गया. नीरज के प्रमाणपत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्‍लेख है कि दुनिया बदलने की दिशा में उन्होंने नई पीढ़़ी को प्रेरित और गोलबंद करने का महत्वपूर्ण काम किया है. कोरोना महामारी संकट की वजह से उन्हें यह अवार्ड डिजिडल माध्यम द्वारा आयोजित एक समारोह में प्रदान किया गया. 

गरीब आदिवासी परिवार का नीरज 10 साल की उम्र में ही परिवार का पेट पालने के लिए अभ्रक खदानों में बाल मजदूरी करने लगा. लेकिन, बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) के कार्यकर्ताओं ने जब उसे बाल मजदूरी से मुक्‍त कराया, तब उनकी दुनिया ही बदल गई. गुलामी से मुक्त होकर नीरज सत्यार्थी आंदोलन के साथ मिलकर बाल मजदूरी के खिलाफ अलख जगाने लगा. अपनी पढ़ाई के दौरान उसने शिक्षा के महत्व को समझा और लोगों को समझा-बुझा कर उनके बच्चों को बाल मजदूरी से छुड़ा स्कूलों में दाखिला कराने लगा. ग्रेजुएशन की पढ़ाई जारी रखते हुए उसने गरीब बच्चों के लिए अपने गांव में एक स्‍कूल की स्‍थापना की है. जिसके माध्यम से वह तकरीबन 200 बच्‍चों को समुदाय के साथ मिलकर शिक्षित करने में जुटा है. नीरज ने 20 बाल मजदूरों को भी अभ्रक खदानों से मुक्‍त कराया है.

नीरज को डायना अवार्ड मिलने पर केएससीएफ की कार्यकारी निदेशक (प्रोग्राम) श्रीमती मलाथी नागासायी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहती हैं, “हमें गर्व है कि नीरज ने पूर्व बाल श्रमिकों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की है. वह हमारे बाल मित्र ग्राम के बच्चों के लिए एक आदर्श है, जहां का हर बच्चा अपने आप में एक सशक्‍त नेता है और अपने अधिकारों को हासिल करने के साथ अपने गांव के विकास के लिए तत्‍पर और संघर्षशील है.”

बाल मजदूरी के अपने अनुभव से नीरज को यह एहसास हुआ कि जब तक उसके जैसे गरीब-आदिवासी बच्‍चों को शिक्षा की सुविधा उपलब्‍ध नहीं कराई जाती, तब तक  उनके बीच से बाल श्रम और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्‍याएं दूर नहीं की जा सकतीं. इसी के मद्देनजर 2018 में उन्होंने अपने गांव में एक स्‍कूल स्‍थापित करने की पहल की और और उन बच्‍चों को पढ़ाना-लिखाना शुरू किया, जिन्‍हें शिक्षकों के अभाव में गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा हासिल नहीं हो पाती है.

डायना अवार्ड मिलने पर अपनी खुशी साझा करते हुए नीरज कहते हैं, ‘‘इस अवार्ड ने मेरी जिम्‍मेदारी को और बढ़ा दिया है. मैं उन बच्‍चों को स्‍कूल में दाखिला दिलाने के काम में और तेजी लाऊंगा, जिनकी पढ़ाई बीच में ही रुक गई है. साथ ही अब मैं बाल मित्र ग्राम के बच्‍चों को भी शिक्षित करने पर अपना ध्‍यान केंद्रित करूंगा.’’ अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए वह कहते हैं, ‘‘नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित श्री कैलाश सत्‍यार्थी मेरे आदर्श हैं और उन्‍हीं के विचारों की रोशनी में मैं बच्चों को शिक्षित और अधिकार संपन्‍न बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा हूं.’’

नीरज के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक बदलाव की प्रेऱणा में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी और उनके द्वारा स्थापित संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका है. बाल मित्र ग्राम श्री कैलाश सत्यार्थी की बच्चों के लिए खुशहाल और अनुकूल दुनिया बनाने की जमीनी पहल है. देश-दुनिया में ऐसे गांवों का निर्माण किया जा रहा है.

बाल मित्र ग्राम का मतलब ऐसे गांवों से है जिसके 06-14 साल की उम्र के सभी बच्‍चे बाल मजदूरी से मुक्‍त हों और वे स्‍कूल जाते हों. वहां चुनी हुई बाल पंचायत हो और जिसका ग्राम पंचायत से तालमेल हो. बच्‍चों को गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उनमें नेतृत्‍व की क्षमता के गुण भी विकसित किए जाते हों. बाल मित्र ग्राम के बच्‍चे पंचायतों के सहयोग से गांव की समस्‍याओं का समाधान करते हुए उसके विकास में अपना सहयोग भी देते हैं.

झारखंड बोर्ड 8वीं का रिजल्ट जारी, स्‍कूल हे डेडमास्‍टर/प्रिंसिपल ही चेक कर सकते हैं ऑनलाइन

झारखंड बोर्ड 8वीं का रिजल्ट जारी, स्‍कूल हे डेडमास्‍टर/प्रिंसिपल ही चेक कर सकते हैं ऑनलाइन

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने 8वीं का बोर्ड रिजल्ट जारी कर दिया है. जारी नतीजों में 19.62 फीसदी छात्र ए प्लस ग्रेड और 34.84 फीसदी छात्र A ग्रेड से पास हुए हैं.