भाजपा से गठबंधन तोड़ 81 सीटों पर चुनाव लड़ेगी आजसू

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#Ranchi: आजसू पार्टी की केन्द्रीय कार्यसमिति की बैठक में 7 September 2018 को राज्यभर से आये पार्टी के कार्यसमिति के अधिसंख्य सदस्यों ने भाजपा से गठांधन तोड़ लेने की सलाह दी और कहा कि राज्य की रघुवर सरकार से आजसू के अलग हो जाने में ही पार्टी की भलाई है.

इस बैठक में कहा गया कि आजसू को अपनी स्वतंत्र पहचान को फिर से कायम करने की जरूरत है. भाजपा के साथ सटे रहे तो आजसू कमजोर होती रहेगी.

भाजपा से क्‍यों गठबंधन तोड़ना चाहती है आजूस

  • सरकार की गलत नीतियों और निर्णयों के कारण आजसू को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
  • हाल के दिनों में दो विधानसभा के उपचुनाव आजसू जड़े. सिल्ली और गोमिया दोनों उपचुनाव में विरोधी पार्टियों की तो छोड़ दें भाजपा ने ही आजसू को चुनाव हराने का काम किया.
  • पार्टी गठांधन तोड़कर चुनाव लड़ा होता तो दोनों सीटों पर चुनाव जीतते.
  • सीएनटी-एसपीटी में संशोधन स्थानीय नियोजन नीति और भूमि अधिग्रहण के सवाल पर पार्टी कहीं न कहीं बैकफुट पर हैं.

आजसू की केन्द्रीय कार्यसमिति की गुरुवार को रिम्स ऑडिटोरियम में हुई बाठक के बाद पार्टी के प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पार्टी 2019 में होनेवाली विधानसभा चुनाव में सभी 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. लोकसभा चुनाव के सबंध में निर्णय के लिये पार्टी की केन्द्रीय समिति ने केन्द्रीय कार्यसमिति को अधिकृत किया है.

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर 2 अक्टूबर से अबुआ दिसुम, अबुआ राज के लिए स्वराज स्वाभिमान यात्रा पर निकलेंगे. यह यात्रा अपने उद्देश्यों में सफल हो इसके लिए हर कार्यकर्ता नेतृत्व करेगा. डॉ भगत ने कहा कि राज्य में स्थायी सरकार के लिए आजसू ने कुर्बानी दी थी. स्थायी सरकार के कामकाज को भी जनता ने देख लिया.

विस्थापितों की जमीन वापसी, विशेष राज्य का दर्जा के सवाल पर कोई निर्णय नहीं हुआ. स्थानीय नीति, भूमि अधिग्रहण और सीएनटी-एसपीटी में संशोधन जैसी नीतियों के खिलाफ झारखंड की जनता उद्वेलित है और ऐसा महसूस हो रहा है झारखंड में झारखंडियों की अस्तित्व ही खतरे में है.

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