रांची में अभ्यर्थियों के अनिश्चितकालीन धरने के 25 दिनों बाद भाजपा ने लिया संज्ञान, हेमंत सरकार को कोसा

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Ranchi: रांची के मोराबादी मैदान में जिला पुलिस नियुक्ति के अभ्‍यर्थी पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से कर रहे हैं. अब विपक्ष ने प्रेस बयान जारी कर संज्ञान लिया है. इसमें भाजपा के प्रवक्‍ता प्रतुल शाहदेव ने सरकार को खूब कोसा है और हेमंत सोरेन को राजनीति से सन्‍यास ले लेने की नसीहत दी है.

बता दें कि आरंभ में अभ्‍यर्थियों ने 10 दिनों तक धरना दिया. इस दौरान किसी ने सुध नहीं ली. तब यहां 5 अभ्‍यर्थी अनिश्चित समय के लिए आमरण अनशन पर बैठ गए. इस दौरान इन अभ्‍यर्थियों की तबियत भी खराब हुई. अनशन के 10 दिन बाद झामुमो के विधायक बैजनाथ राम मिलने आये. उन्‍होंने 2 दिनों में सीएम से उनकी बातों को रखने का आश्‍वासन दिया. इनकी पहल भी कोई रंग नहीं दिखा सकी. उसके बाद कांग्रेस की विधायक अंबा प्रसाद आंदोलन कर रहे अभ्‍यर्थियों से मिलीं और आंदोलन खत्‍म करने का आग्रह किया. बावजूद इसके यहां धरना और अनशन जारी है.

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि एक ओर हेमंत सरकार अपने पहले सालगिरह के अवसर पर समारोह की तैयारी कर रही है. दूसरी ओर हजारों अभ्यर्थी अपने अंतिम मेधा सूची को प्रकाशित करने की मांग को लेकर मोरहाबादी मैदान में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे है और ठंड में ठिठुर रहे है. सरकार इतने निष्ठुर हो गई है कि करीब 300 ठेले ख़ामोचे वाले जो मोरहाबादी में दुकान लगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं उन्हें भी समारोह के नाम पर बलपूर्वक हटाने का प्रयास किया गया.

प्रतुल ने कहा यह सरकार पहले वर्ष 5 लाख रोजगार देने का वादा कर सत्ता में आई थी और अब तो स्वरोजगार कर रहे इन गरीब लोगों को अपनी समारोह के लिए उजाड़ने को तैयार हो जाती है.

प्रतुल ने कहा की सिर्फ एक सरकारी आदेश से राज्य सरकार चाहे तो पंचायत सचिव अभ्यार्थी, सहायक पुलिस कर्मी, पुलिस सेवा में दूसरे लिस्ट की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थी, जेटेट पास अभ्यर्थी, होमगार्ड आदि को नियमित कर सकती थी लेकिन उसने कोई पहल नहीं की. पारा शिक्षकों को नियमित करने का भी सरकार का दावा खोखला निकला. प्रतुल ने कहा की 1 वर्ष हो गया लेकिन सरकार ने बेरोजगारी भत्ते को लेकर भी कोई पहल नहीं की है. लाखों युवा आज भी सरकारी नौकरी और बेरोजगारी भत्ते की आस देख रहे हैं. किसानों के ऋण माफी के लिए लगभग ₹6000 करोड़ की आवश्यकता है, लेकिन राज्य सरकार सिर्फ ₹2000 करोड़ देने की बात कर रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा जानना चाहती है कि 4 दिनों के बाद मुख्यमंत्री के 1 वर्ष पूरा हो जाएंगे, तो क्या वो वादे के अनुसार राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर रहे हैं?

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