Jharkhand: मानसून सत्र के पहले सत्‍ता और विपक्ष हुए आमने-सामने

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Ranchi:  झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही सत्‍ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं. सत्र शुरू होने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी हेमंत सोरेन सरकार के तेवर तीखे हो गए हैं. विधायक दल की बैठक से भाजपा को दूर रखने, तीन दिन के सत्र समेत कई मुद्दों पर भाजपा अभी से सरकार को घेरने में लगी है.

इधर मॉनसून सत्र से पहले स्पीकर द्वारा पार्टी विधायक दल की बैठक में भाजपा के किसी विधायक ने हिस्सा नहीं लिया. स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने भाजपा विधायक सीपी सिंह को बैठक में आने का पत्र भेजा था. इधर भाजपा विधायक श्री सिंह ने स्पीकर को पत्र भेज कर सूचना दी कि भाजपा ने उन्हें इस बैठक में जाने के लिए अधिकृत नहीं किया. स्पीकर को श्री सिंह ने पत्र में कहा कि भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता चुना है. इनको सदन में नेता-प्रतिपक्ष की मान्यता देने का मामला आपके पास लंबित है.

भाजपा बोली ‘लोकतंत्र की हत्‍या’

विधानसभा में हुए विधायक दल के नेताओं की बैठक में भाजपा को बुलावा नहीं दिए जाने पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि बैठक में भाजपा विधायक दल के नेता को बुलावा नहीं देना लोकतंत्र की हत्या है. पार्टी द्वारा वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी जी को विधिवत विधायक दल का नेता चुना गया है. जिसकी सूचना विधानसभा अध्यक्ष को दे दी गयी है. सब कुछ विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान में है. बावजूद इसके बैठक में पार्टी के किसी अन्य सदस्य को बुलाना सरकार की मंशा को उजागर करता है.

उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल का नेता कौन होगा यह भी अब सरकार के इशारे पर तय किया जा रहा है. जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. कहा सरकार अपने हिसाब से सदन को भी चलाना चाह रही है और विपक्ष को भी चलाना चाह रही है.

वहीं तीन दिन के सदन पर सवाल उठाते हुए दीपक प्रकाश ने कहा कि सरकार जनता के सवाल से भाग रही है. सरकार अपने असफलता से भाग रही है. कोरोना काल होने के बावजूद लोकसभा और राज्यसभा सुचारू रूप से चल रही है. जनता के सवालों पर चर्चा हो रही है. किंतु झारखंड विधानसभा का सत्र सिर्फ तीन दिनों का होना सरकार की मंशा पर सवाल उठाता है. छोटा सत्र होने से आम जनता की परेशानियां सदन तक नहीं लाया जा सकेगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि जनता की रक्षा करने वाले जवान आज खुले आसमान के नीचे आंदोलन करने को विवश हैं और सरकार दमनकारी बनी हुई है.

लोकसभा व राज्यसभा की गाइड लाइन पर चलेगा सत्र

स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कहा कि कोविड-19 को लेकर कई तरह की गाइडलाइन सामने आयी है. विषम परिस्थिति में सदन आहूत हो रहा है. इसमें कई गाइडलाइन का ख्याल रखना है. लोकसभा व राज्यसभा भी कोविड को ध्यान में रख कर एक गाइडलाइन के तहत चल रही है. विधानसभा में भी इसका पालन किया जायेगा. उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल चलाया जायेगा. सत्र में प्रश्नकाल नहीं चले, तो फिर जनता के सवाल नहीं आयेंगे. स्पीकर का कहना था कि सत्र को बेहतर तरीके से चलाने के लिए कार्य मंत्रणा में चर्चा होगी.

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