नवीन जायसवाल खाली करेंगे सरकारी मकान, सरकार से कहा- नहीं चाहिए कोई भी सरकारी आवास

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Ranchi: हटिया के भाजपा विधायक नवीन जायसवाल सरकारी आवास फॉरेस्‍ट बंगला नं 02 को खाली करने के लिए तैयार हो गए हैं. हालांकि यह मामला अदालत में लंबित है. इसे लेकर विधायक ने भवन निर्माण विभाग को लिखित जानकारी दी है. इसमें उन्‍होंने यह भी कहा है कि सरकार द्वारा आवंटित किए गए मकान ई/9 सेक्टर-2 धुर्वा में शिफ्ट नहीं होंगे. उन्‍होंने इस मकान को किसी और को आवंटित करने का आग्रह किया है.

कराये जाने को लेकर मुखर हो गए हैं. उन्‍होंने इसे लेकर झारखंड सरकार के भवन निर्माण विभाग को एक चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में उन्‍होंने विधायक के तौर पर सरकारी आवास आवंटन और अदालती कार्रवाई की जानकारी दी है.   

नवीन जायसवाल ने भवन निर्माण विभाग को लिखे पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करते हुए अपनी बात भी कही है. विधायक ने कहा है कि ऐसे समय में जब मेरे सरकारी आवास खाली करने या ना करने का निर्णय उच्च न्यायालय में लंबित है. झारखंड सरकार दुर्भावना से प्रेरित हो कर कारवाई कर रही है.

नवीन जायसवाल ने कहा है कि मेरा न्यायालय जाने का फैसला सरकारी आवास में बने रहने की वजह से नही था, बल्कि गलत परंपरा और सत्ता के द्वारा संचालित सिस्टम के दुरुपयोग के खिलाफ था.जनप्रतिनिधियों के आवास आवंटन को ले कर उचित नियमावली बनाने को ले कर था.

उन्‍होंने कहा मैंने अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा सरकारी मिशनरी के दुरूपयोग के खिलाफ आवाज उठाई है. जनता के हक के लिए कई जनआंदोलन भी किया है. परिस्थितियां इस मसले में भी वैसी ही थी, अंतर ये था कि इस बार सामने झारखंड सरकार की पूरी ताकत और उनका पक्षपातपूर्ण रवैया था.

झारखंड निर्माण हुए 20 वर्ष हो गए, इस दौरान कई सरकारें आयी और गयी. परंतु कभी भी किसी भी ऐसे विधायक जो पुनः चुनाव जीत कर आये और पूर्व में उन्हें विधायक के रूप में जो आवास आवंटित हुआ हो उसे किसी भी नयी सरकार द्वारा कभी भी खाली नहीं कराया गया है. लेकिन, वर्तमान झारखंड सरकार दुर्भावना से प्रेरित हो कर ऐसी कारवाई कर रही है जो कि काफी अफसोसजनक है.

नवीन जायसवाल ने कहा कि मैं सरकार के द्वारा की गयी उपरोक्त कारवाई से काफी व्यथित हूं.

उन्‍होंने कहा कि अभी जबकि मामला द्वितीय पीठ के समक्ष एलपीए संख्या 311/2020 अदालत में लंबित है और दिनांक 11/12/2020 को विशेष न्यायपीठ ने उपरोक्त मामले की सुनवाई करते हुए कोई कारवाई नहीं किये जाने का आदेश भी पारित किया है, बावजूद इसके मैंने अपने सरकारी आवास को खाली करने का निर्णय लिया है.पर इसका कतई मतलब ये नहीं है कि मैंने सरकार की तानाशाही के सामने अपने घुटने टेक दिए हैं.

उन्‍होंने कहा मेरी सरकार और सिस्टम से ये लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और तब तक जारी रहेगी जब तक कि सिस्टम में सुधार नहीं हो जाता. मैंने पत्र के माध्यम से सरकार के द्वारा मुझे आवंटित किए गए मकान ई/9 सेक्टर-2 धुर्वा का आवंटन रद्द कर किसी दूसरे व्यक्ति को आवंटित करने का भी आग्रह किया है.

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