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केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के संसदीय क्षेत्र में बीजेपी नेता और उनकी पत्‍नी की हत्‍या

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Khunti: केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा के संसदीय क्षेत्र में एक बीजेपी नेता और उनकी पत्‍नी की हत्‍या की गई है. अर्जुन मुंडा केंद्र सरकार में आदिवासी मामले के मंत्रालय के मंत्री हैं और झारखंड का खूंटी उनका संसदीय क्षेत्र है.

खूंटी के कूड़ापूर्ति पंचायत के उपमुखिया शीतल मुंडा और उनकी पत्नी मादे हस्सा की हत्‍या कर दी गई है. शीतल मुंडा बीजेपी के सक्रिय कार्यकर्ता के साथ बूथ अध्यक्ष भी थे.

घटना के बाद पुलिस मामले जांच पड़ताल कर रही है. वहीं खूंटी के सांसद और जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और खूंटी के विधायक तथा राज्य सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा शीतल मुंडा के परिजनों से मिलने पहुंचे.

केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने इस हालात पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ होने वाली इन घटनाओं के लिए पुलिस को तहत में जाकर पड़ताल करनी चाहिए. 

जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार की रात लगभग साढ़े नौ बजे की है. शीतल मुंडा खाना खाकर बैठे हुए थे. इसी दौरान तीन लोग उनके घर में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी. इसमें शीतल मुंडा को तीन गोलियां लगी. साथ ही उनकी पत्नी की भी गोली लगी. दी. दोनों की मौत घटनास्‍थल पर ही हो गई.

यह घटना शीतल मुंडा के बच्चों के सामने हुई. प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के अनुसार हमलावरों की संख्या तीन थी. वे जींस पैंट और चितकबरा गंजी पहने हुए थे. और मुंह ढके हुए थे. 

बच्चों के अनुसार अपराधी शीतल मुंडा से कह रहे थे कि तुमने तालाब बनवाया और पैसा नहीं दिया. इसके बाद वे शीतल के घर से अटैची और बक्से निकालकर पैसे खोजने लगे. इसी बीच शीतल मुंडा को तीन गोली मार दी. सुबह होने पर गांव के लोग जुटे और सामूहिक रूप से थाना जाकर घटना की जानकारी पुलिस को दी.

जांच में जुटी पुलिस को आशंका है कि लेवी के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया है. खूंटी के एसपी आशुतोष चतुर्वेदी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. और शीतल मुंडा के बच्चों से बात की. 

बीजेपी के जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो बताते हैं कि शीतल मुंडा पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे और उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी. शीतल मुंडा की दो बेटियां और एक पुत्र हैं. इस घटना के बाद तीनों बच्चों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. 

इलाके में पहले भी मारे गए हैं बीजेपी नेता

खूंटी व आसपास के इलाकों में बीजेपी नेता की हत्‍या की घटना पहली बार नहीं है. इससे पहले भी इस तरह की हत्याएं की जा चुकी है.

आंकड़ों पर गौर करने पर पता चलता है कि साल 2019 के ही 22 जुलाई को खूंटी के हेठगोवा गांव में मागो मुंडा व उसके एक बेटे और पत्नी की निर्मम हत्या हुई थी.

2017 के दो दिसम्बर को मागो मुंडा के सबसे करीबी मित्र भईयाराम मुंडा की हत्या हुई थी.

25 मार्च 2017 को मुरहू के नन्दकिशोर महतो की हत्या, 28 अक्टूबर 2017 को राजेन्द्र महतो की हत्या की गई है. इसके अलावे भी मंगल सिंह मुंडा, रूपनारायण सिंह, सबल प्रधान, नरेश सिंह समेत अन्य कई भाजपा के नेताओं की गोली मारकर हत्याएं कर दी गयी है.

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