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बिहार: सिमरिया और मुंगेर पुल को लेकर गिरिराज सिंह ने एनएचएआई और रेलवे के साथ की बैठक

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Begusarai: देश की आजादी के बाद गंगा नदी पर बने सबसे पहले रेल एवं सड़क पुल (राजेन्द्र सेतु-सिमरिया) पर अब बड़े वाहनों का परिचालन होना किसी भी हालत में संभव नहीं है. अगर किसी भी लोडेड वाहन या बड़े वाहनों का परिचालन शुरू किया गया तो पुल कभी भी टूट सकता है. इसका खुलासा एनएचएआई एवं रेलवे के अधिकारियों ने मंगलवार की रात केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के समक्ष किया.

गिरिराज सिंह ने मंगलवार की देर शाम बरौनी रिफाइनरी गेस्ट हाउस में सिमरिया पुल के सड़क मार्ग, मुंगेर गंगा पुल के सड़क मार्ग के एप्रोच पथ, बेगूसराय-खगड़िया फोरलेन, बेगूसराय में बनने वाले फ्लाई ओवर एवं स्थानीय मुद्दों को लेकर डीएम, एनएचएआई एवं रेलवे के अधिकारियों की बैठक बुलाई थी.

इसकी जानकारी मिलते ही व्यवसायी महासंघ के अध्यक्ष अखिलेश कुमार एवं महासचिव अजीत गौतम के नेतृत्व में प्रेम शंकर, राजेन्द्र कुमार राजा, गोपाल कृष्ण, शम्भू सोनी, संदीप अग्रवाल, अविनाश कुमार ने गिरिराज सिंह से मुलाकात कर सिमरिया पुल पर व्यवसायिक वाहन परिचालन बंद होने से मचे हाहाकार की और ध्यान दिलाकर वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की.

इसके बाद गिरिराज सिंह ने सभी मुद्दों को लेकर बेगूसराय के प्रभारी मंत्री, डीएम, एनएचएआई एवं रेलवे के साथ पटना एवं दिल्ली के संबंधित अधिकारियों से समस्या समाधान पर बातचीत की. बैठक में एनएचएआई एवं रेलवे के अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि सिमरिया पुल के सड़क मार्ग की स्थिति काफी दयनीय हो चुकी है. कई बार मरम्मत करने के बावजूद क्षमता से अधिक वजन के वाहनों के परिचालन से पुल अब लोडेड वाहन के परिचालन के लायक नहीं बचा है.

अब इस महत्वपूर्ण पुल के बगल में बन रहे सिक्स लेन पुल के पूरा होने के बाद ही कोई मजबूत विकल्प होगा. इन विभिन्न पहलुओं पर चर्चा कर निर्णय लिया गया है कि दूध, फल, सब्जी, मछली आदि के सात फीट से कम ऊंचाई के वाहन दो टन वजन के साथ परिचालन कर सकें, इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा.

इस बीच बैठक में मोकामा-बरौनी तथा मुंगेर-साहेबपुर कमाल गंगापुल रेल खंड पर ट्रेन रो-रो सेवा चलाने के लिए सरकार से अनुरोध करने पर सहमति जताई गई. सिमरिया में बड़े वाहनों के परिचालन के लिए पीपीपी मोड में बड़ी स्टीमर सेवा चलाने का प्रयास किए जाने की बातें हुई. अगर कोई सेवा प्रदाता इसके लिए इच्छुक होंगा तो उसे तुरंत प्राथमिकता के आधार पर एनओसी निर्गत किए जाएंगे.

गिरिराज सिंह ने बताया कि बेगूसराय के विकास के लिए इन तमाम ज्वलंत मुद्दों को लेकर जिलाधिकारी, रेलवे और एनएच समेत बिहार एवं केंद्र के उच्च अधिकारियों से भी बात हुई है. सभी मसलों के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं.

इसके बाद रात में ही गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में पशुपालन के विकास तथा पशुपालकों के आय में वृद्धि के कीमत पर सोर्टेड सेक्स सीमेन उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की. इसके साथ ही सरस्वती किस्म जैसी भैंस को स्थानीय तौर पर विकसित करने के प्रयास पर बल दिया गया.

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