बिहार में मैट्रिक-इंटर बोर्ड परीक्षा के दौरान स्‍टूडेंट्स को उतारने पड़े जूते-मोजे

Patna: बिहार में इंटरमीडिएट की परीक्षा सोमवार (3 जनवरी) से शुरू हो गई है. परीक्षा में नकल और अन्य धांधली को रोकने के लिए बिहार बोर्ड (BSEB) ने इस बार परीक्षार्थियों के जूते-मोजे पहनकर आने पर बैन लगा दिया है.

इसका नजारा सोमवार सुबह विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर देखने को भी मिला. पटना के जेडी विमेंस कॉलेज में किसी भी परीक्षार्थी को जूते मोजे के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई.

Bihar Inter Exam 2020 परीक्षा में किसी भी तरह से कदाचार और फर्जीवाड़ा न हो सके, इसे लेकर बोर्ड (BSEB) ने नया प्रयोग किया है. इसके तहत इस बार सभी उत्तरपुस्तिका (ANSWER SHEET) और ओएमआर शीट (OMR Sheet) पर परीक्षार्थियों की फोटो चस्पा किया गया है.

12वीं की इस परीक्षा में इस बार 12.05 लाख छात्र और छात्राएं शामिल हो रहे हैं. बिहार राज्य परीक्षा समिति के चेयरमैन आनंद किशोर ने बताया है कि हर साल की तरह इस साल भी परीक्षा केंद्रों में छात्र और छात्राओं को जूते और मोजे पहनकर परीक्षा देना वर्जित है.

बिहार में पिछले कई वर्षों से परीक्षा के दौरान नकल की घटनाएं सामने आती रही हैं जिसके मद्देनजर पिछले कुछ सालों से बिहार राज्य परीक्षा समिति ने छात्र और छात्राओं के जूते और मोजे पहनकर परीक्षा देने पर रोक लगाया हुआ है.

साथ ही परीक्षा केंद्रों में परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान साथ ले जाने पर भी रोक लगाई गई है. आनंद किशोर ने बताया कि परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों को ठीक तरीके से जांच की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उसके पास कदाचार करने का कोई भी सामान मौजूद ना हो.

बिहार बोर्ड ने परीक्षा निरीक्षकों को भी मोबाइल लेकर परीक्षा केंद्रों में प्रवेश को वर्जित किया हुआ है. इसका साफ मतलब है कि परीक्षा हॉल में निरीक्षक के पास भी मोबाइल नहीं होगा. बिहार बोर्ड के इंटरमीडिएट की परीक्षाएं दो शिफ्ट में होंगी.

पहले शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9:30 बजे से शुरू होगी और दूसरे शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 1:45 से होगी. इस साल, 12.5 लाख (12,05,390) छात्रों ने परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है, जिसमें 5.38 लाख लड़कियां और 6.56 लाख लड़के शामिल हैं.

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