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बिहार: मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अबतक 107 बच्‍चों की मौत, 114 अस्‍पतालों में भर्ती

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Patna: बिहार के मुजफ्फरपुर में चमकी बुखार से अबतक 107 बच्चों की मौत हो चुकी है और अभी भी कई बच्चे अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं. चमकी बुखार के सबसे ज्यादा असर मुजफ्फरपुर जिले में ही देखने को मिला है.

श्रीकृष्णा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल में 88 बच्चों की मौत हुई है. इसके अलावा केजरीवाल अस्पताल में चमकी बुखार से पीड़ित 19 बच्चे काल के गाल में समा चुके हैं. इसके अलावा मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में अभी भी चमकी बुखार से पीड़ित 114 बच्चे भर्ती हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ बीमारी से पहले एक्शन ना लेने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. साथ ही बच्चों की मौत को लेकर मानवाधिकार आयोग ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है.

नीतीश कुमार आज अस्‍पतालों का करेंगे दौरा

इतना सब हो जाने के बाद भी सीएम नीतीश ने अबतक मुजफ्फरपुर में पीड़ितों की कोई सुध नहीं ली है. अब ख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार यानि आज मुजफ्फरपुर के अस्पताल का दौरा करेंगे.

मुजफ्फरपुर में इंसेफेलाइटिस वायरस से हुई बच्चों की मौत के मामले में सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार से रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक नोटिस जारी किया है.

मानवधिकार आयोग ने कहा है कि सोमवार को बिहार में एईएस से मरने वाले बच्चों की संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा हो गई है. साथ ही राज्य के अन्य जिले भी इससे प्रभावित हैं.

मानवाधिकार आयोग ने इंसेफेलाइटिस वायरस और चमकी बुखार की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी है. जिसका जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और बिहार सरकार को चार हफ्तों के अंदर देना होगा. चमकी बुखार को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की.

बैठक के बाद मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि, सरकार ने फैसला किया है कि उनकी टीम हर उस घर में जाएगी जिस घर में इस बीमारी से बच्चों की मौत हुई है. साथ ही इस दौरान टीम बीमारी के बैक ग्राउंड को जानने की कोशिश भी करेगी. क्योंकि सरकार भी अभी तक इस बीमारी की वजह का पता नहीं लगा पाई है.

हालांकि कई विशेषज्ञ इसकी वजह लीची वायरस को बता रहे हैं. लेकिन इस बात के इसलिए पूरी तरह से नहीं माना जा सकता है कि कई पीड़ितों ने लीची खाई ही नहीं.

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने फैसला लिया है कि चमकी बुखार से पीड़ितों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया कराई जाएगी. साथ ही पीड़ित के इलाज का खर्च भी सरकार ही उठाएगी. इसके अलावा बीमारी से मरने वाले बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.

स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार के मुताबिक चमकी बुखार से बिहार के 12 जिलों के 222 प्रखंड प्रभावित हैं. जिसमें 75 प्रतिशत केस मुजफ्फरपुर में हैं.

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