Take a fresh look at your lifestyle.

सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर बोलने से पहले झामुमो अपने गिरेबान में झांके : लम्बोदर महतो

0

#RANCHI : आजसू महासचिव लम्बोदर महतो ने कहा कि सीएनटी और एसपीटी एक्ट पर बोलने से पहले झामुमो अपने गिरेबान में झांके. उन्होंने सीएनटी और एसपीटी एक्ट के सवाल पर झामुमो पर पलटवार करते हुए यह बातें कही.

लम्बोदर ने कहा कि झामुमो को इसकी जानकारी होना चाहिए कि अर्जुन मुंडा की सरकार में वित्त मंत्री रहते हुए हेमंत सोरेन ने भूमि सुधार राजस्व विभाग के उस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जिसमें सीएनटी एक्ट की धारा 21 और एसपीटी एक्ट की धारा 13 को संशोधन करने की बात थी. तब हेमंत सोरेन ने मंजूरी देते हुए टिप्पणी की थी कि यह प्रस्ताव राजस्व हित में और तार्किक है. भू-राजस्व मंत्री रहते हुए मथुरा महतो ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी सहमती दी थी. हालांकि भाजपा सरकार को इस मुद्दे पर बैकफुट पर जाना पड़ा. उन्होंने कहा कि जनता हेमंत सोरेन से जानना चाहती है कि वित्त मंत्री रहते हुए उन्होंने इन कानूनों में संशोधन की वकालत करने के बाद भी इस मुद्दे पर जनता के रहनुमा बनने का प्रपंच क्यों कर रहे हैं. झामुमो जनता के बीच जाकर यह बताने से क्यों गुरेज करता है कि इन कानूनों का सबसे ज्यादा उल्लंघन किन लोगों ने किया है. आजसू लगातार सरकार से मांग करती रही है कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन हस्तांतरण करने वालों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाये.

तथा सख्त कार्रवाई भी हो. उन्होंने कहा कि भाजपा को भी जनता को बताना चाहिए कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने में सरकार को क्या परेशानी है. झामुमो के नेतृत्व में राज्य में सरकार रही, उस समय झामुमो द्वारा स्थानीयता तय क्यों नहीं किया गया. हेमंत सोरेन द्वारा जेपीएससी छह से क्षेत्रीय भाषाओं को ही हटा दिया गया.

झामुमो स्थानीयता को एक मुद्दा बना कर रखना चाहती है, ताकि वो इसकी रोटी सेंकती रहे और जनता को गुमराह करती रहे.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More