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Ranchi: विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता पर रिम्स निदेशक को बार-बार अपमानित करने का आरोप लगाया है. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कोरोना जैसी आपदा को लूट का जरिया बना दिया है । सीएम उनपर लगाम लगाएं .

बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि रिम्स निदेशक ने एम्स भटिंडा में अपने चयन के बाद झारखंड में कोरोना संकट और इसमें रिम्स की महत्ती भूमिका के मद्देनजर मानवता के तौर पर विभाग से कोरोना की स्थिति सामान्य होने के बाद विरमित करने का स्वयं आग्रह किया है. उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि कोरोना के बाद उनको विरमित करने की जानकारी लिखित रूप से केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव को उपलब्ध करा दी जाए. विभाग ने निदेशक के इस प्रस्ताव को स्वास्थ्य मंत्री के पास भेज दिया. स्वास्थ्य मंत्री ने निदेशक की इस भावना का कद्र करने की बजाय इनको तत्काल हटाने की अनुशंसा करते हुए संचिका को आपके पास भेज दिया है.

एम्स भटिंडा में एक्सक्यूटिव डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पद पर अपनी नियुक्ति के बाद भी कोरोना संकट खत्म होने के बाद झारखंड छोड़ने के निदेशक की भावना को समझने की जरूरत है कि इन्होंने अपने पेशे से अधिक महत्व राज्यहित को दिया. इसके विपरीत सरकार के मंत्री द्वारा इस प्रकार निदेशक को जलील किए जाने का प्रयास करना, कोरोना जैसे संकट के बीच इन्हें हटाने की बात करना, काफी घृणित और शर्मनाक है.

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अब तो यही लगता है आपके सहयोगी दल के मंत्रियों की एक के बाद एक कारगुजारी आपकी जान को सांसत में डाले हुए है. आप इससे क्यों नहीं निकल पा रहे हैं ? मुख्यमंत्री, सरकार व राज्य के मुखिया होते हैं, ऐसे में बगैर आपकी सहमति के कोई मंत्री इस प्रकार कैसे कर सकता है, यह सवाल भी लाजिमी है ? ऐसी प्रवृति व मंत्री की कारस्तानी पर लगाम लगाइए, कोरोना जैसी वैश्विक आपदा को लूट का जरिया बनने मत दीजिए

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि अभी तो सरकार का जन्म ही हुआ है. छुद्र स्वार्थो व गिद्ध दृष्टि को सफल करने के लिए मंत्री के पास अभी बहुत समय पड़ा हुआ हैै और आगे कई अवसर आएंगे. मुख्यमंत्री जी को मेरा सुझाव होगा कि रिम्स के निदेशक से आप अनुरोध करिए कि कोरोना संकट तक इस पद पर बने रहें. इससे आपकी भी गरिमा बनी रहेगी.

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