CBSC: प्राइमरी क्लास में अब बच्चों को पढ़ाया जाएगा बैंकिंग, सेविंग और इन्वेस्टमेंट

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Ranchi: सीबीएसई ने नेशनल पेरेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के साथ मिलकर विद्यार्थियों के लिए फाइनेंशियल लिटरेसी की वर्क बुक लॉन्च की है. बोर्ड ने अपने ऑफिशियल वेबसाइट पर इसे लांच किया है. यह किताब छठी कक्षा में इलेक्टिव सब्जेक्ट के रूप में बच्चों को पढ़ाई जाएगी. बोर्ड ने इसकी ट्रेनिंग के लिए सीबीएसई स्कूलों के प्राचार्यो के लिए वेबीनार का भी आयोजन किया. इस किताब को चार यूनिट में बांटा गया है, जो कि फाइनेंशियल अवेयरनेस से जुड़े टॉपिक को कवर करेगी.

बेसिक फाइनेंसियल कॉन्सेप्ट करेंसी बैंकिंग, सिक्योरिटी, सेविंग, इन्वेस्टमेंट, यूपीआई, कार्ड, बैलेंस लेकर आईएमपीएस, यूएसएसडी, एनएसीएच, पीओएस और अन्य को कवर करेगी. इस किताब की मदद से स्टूडेंट्स का इंटरेस्ट आज के समय में बैंकिंग और पेमेंट को जानने और समझने में जगाया जाएगा. बैंकिंग के प्रकार और अन्य जानकारियां विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी मिलेगी.

बच्चों का हर निर्णय पेरेंट्स लेते हैं बच्चों की हर जिद को वह पूरा करने की कोशिश करते हैं. लेकिन, अगर बच्चों में यह समझ पैदा हो जाए कि पैसे पेड़ पर नहीं उगते और कमाने के लिए मेहनत करनी पड़ती है तो, उनके लिए समझना आसान होगा. एजुकेशनिस्ट डॉ प्रवीण शर्मा ने बताया कि प्राइमरी सेक्शन यानी पहली से पांचवी कक्षा तक के छोटे बच्चों को लेवल अनुसार फाइनेंशियल लिटरेसी के बारे में पढ़ाया जाएगा. पहली कक्षा में करेंसी से जुड़ी जानकारी दी जाएगी दूसरी में यह आती कहां से है. तीसरी में उनके साथ एक्सरसाइज चौथी में मैथ के सवालों के जरिए निवेश का महत्व सिखाया जाएगा.

पैसे कहां खर्च करना है? क्यों करना है? कैसे करना है? जैसी बातें बताई जाएगी. पहली क्लास से उन्हें पैसे की अहमियत समझ आने लगेगी तो, उनमें निवेश की सोच भी बढ़ेगी. यह सब उन्हें नाटक कहानी के साथ स्टिमुलेशन एक्टिविटी से बताया जाएगा. जिससे उन्हें किसी दृश्य में निर्णय लेने का अधिकार होगा.

कठपुतली की मदद से पढ़ाई

सीबीएसई ने हैंडीक्राफ्ट एंड कैपिटल मॉड्यूल के साथ मिलकर छठी से सातवीं के स्टूडेंट्स के लिए एल मॉड्यूल भी लॉन्च किया है. बच्चों को इंडस्ट्री विजिट का मौका मिलेगा. कठपुतली के जरिए मुगल अंपायर पढ़ाया जा सकता है. इस किताब के जरिए भारतीय ट्रेडीशन और कल्चरल हेरिटेज के बारे में जागरूक किया जाएगा.

सिक्के करेंसी का इतिहास

एजुकेशनिस्ट सतीश नारायण ने बताया कि स्कूली बच्चों के बीच फाइनेंशियल अवेयरनेस डिवेलप करने के उद्देश्य से लांच की गई. बुक को मुख्यतः चार भागों में बांटा गया है. स्टूडेंट्स को करेंसी बैंकिंग के तहत सिक्कों से लेकर वर्तमान कागजी-करेंसी तक का इतिहास भी इस बुक के माध्यम से मालूम हो सकेगा.

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