लॉकडाउन में लोन वसूली बंद करने का निर्देश दे सरकार, नहीं तो कई किसान मजदूर कर लेंगे आत्महत्या

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Ranchi: सिल्ली, कोरोना संकट के बीच जहां सरकार की ओर से किसानों को मदद करने की बात कही जा रही है. वहीं जिला कई बैंक शाखा प्रबंधक ने अपने सदस्य व पुलिस प्रशासन से ऋण वसूली के आदेश जारी कर दिए हैं। यही नहीं वसूली लक्ष्य के अनुरूप न होने पर कार्रवाई के लिए चेताया है.

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार की ओर से 25 मार्च से शुरू हुआ लॉकडाउन अभी खत्म नहीं हुआ. लिहाजा, केंद्र सरकार से लेकर प्रदेश सरकार तक किसान, मजदूर, व्यापारी आदि सभी को राहत दी जा रही है. यहां तक कि सरकार ने आगामी तीन माह तक किसी भी प्रकार के ऋण की वसूली न करने की बात कही है. लेकिन, लेकिन क्षेत्र के गरीब महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए प्राइवेट बैंक द्वारा लोन दिया गया है. भारत बैंक, बंधन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया आदि शामिल है. लेकिन बैंक द्वारा लॉकडाउन के सभी कार्य बंद रहने के कारण महिलाओं द्वारा ऋण देने में परेशानी हो रही है.

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सरकार का दिया मुफ्त अनाज बेच रहे हैं

ऋण वापस ना मिलने पर अभद्र व्यवहार किया जा रहा है. जिससे महिलाएं परेशानी में है. ऐसे में घर का सामान बेचकर तथा भूखा रहकर सरकार द्वारा मुफ्त में दिया गया राशन बेचकर ऋण चुकता करने में बिवस है. ऋण नहीं देने पर बैंक के सदस्यों द्वारा महिलाओं के पतियों से मारने पीटने का उतारू हो जाते है.

यही हाल बैंक ऑफ इंडिया मुरी के एक टुटकी निवासी ऋणधरि के साथ है, जिसे प्रशासन जाकर गाली गलौज एवं जेल में भेज देने की धमकी दिया जा रहा है.

महिलाओं एवं किसान वर्ग ऋणधारियों का कहना है कि इसी तरह का परेशानी रहा तो बाध्य होकर आत्महत्या करने को बिवस होने पड़ेगा.

  1. चाइना चक्रवर्ती 2. पूजा चक्रवर्ती 3. दीप्ति देवी 4. भादु देवी 5. रिंकी देवी
    नीलगिरी टोली बुंडू रांची.
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