अयोध्या फैसले पर वेस्ट यूपी के चप्पे-चप्पे की निगरानी

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Meerut: अयोध्या में राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir Verdict) मामले में शनिवार को फैसला आने की घोषणा के बाद जनपदों को पुलिस छावनियों में तब्दील कर दिया गया है. जमीन और आसमान से वेस्ट यूपी के सभी जिलों के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी. धारा 144 (Article 144) लागू करके सार्वजनिक स्थलों, घर व दुकान के बाहर चार से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है.

अयोध्या मामले (Ayodhya Ram Mandir Case) पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का फैसला आने की संभावना के चलते पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था की स्थिति बनाने की जुगत में लगा था. वेस्ट यूपी के सभी जिलों का पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था के लिए संवेदनशील स्थानों को चिहिन्त करके सुरक्षा बल तैनात करने की योजना बना रहे थे. खासकर मेरठ में 183 संवेदनशील स्थान और 163 बवाल कराने वाले संदिग्ध व्यक्तियों को चिहिन्त किया गया है. हिंदु और मुस्लिम समाज के लोगों की बैठक करके सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने पर सांप्रदायिक सौहार्द बनाने की अपील की गई है. मेरठ के जिलाधिकारी अनिल ढींगरा और एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि संवेदनशील स्थानों पर पुलिस, पीएसी, आरआरएफ, आरएएफ को तैनात किया जा रहा है.

ड्रोन कैमरे से रखी जा रही निगरानी

पूरे वेस्ट यूपी में जमीन और आसमान से चप्पे-चप्पे पर निगाह रखी जा रही है. ड्रोन कैमरे से संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नजर है. सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं. सभी थानों की गाड़ियां सड़कों पर होगी. थाने में एक मुंशी व सिपाही को छोड़कर सभी पुलिसकर्मी सड़क पर होगी. शहरों से लेकर देहात तक सुरक्षा की योजना बनाई गई है. मेरठ जनपद को 11 जोन व 31 सेक्टरों में बांटकर मजिस्ट्रेट व पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं. छह जोन शहर व पांच जोन देहात में बनाए गए हैं. 15 सेक्टर शहर और 16 सेक्टर देहात में बने हैं. जनपद में एक कंपनी पीएसी, एक कंपनी बीएसएफ, दो कंपनी आरएएफ, 200 कांस्टेबल, 100 हेड कांस्टेबल, 80 दरोगा और 32 इंस्पेक्टर तैनात रहेंगे. 25 रिजर्व टीमें बनाई गई है.

भड़काऊ मैसेज पर रहेगी पूरी निगाह

पुलिस प्रशासन ने सोशल साइट्स पर भड़काऊ मैसेज पोस्ट करने वालों पर शिकंजा कस दिया है. अभी तक भड़काऊ पोस्ट वायरल करने वाले चार लिंक बंद कराए गए हैं. पुलिस कार्रवाई करने के लिए इन लोगों के बारे में फेसबुक से जानकारी मांगी गई है. मेरठ रेंज के आईजी आलोक सिंह के अनुसार, किसी भी दशा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जा रहा है.

प्रदेश सरकार ने नौ से 13 नवंबर तक शिक्षण संस्थाओं को बंद करा दिया है. मेरठ में डीएम अनिल ढींगरा ने सभी बोर्ड के स्कूलों को बंद कराने का आदेश दिया है. स्कूल खोलने की कोशिश करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

छावनी की सुरक्षा पर सेना सतर्क

अयोध्या फैसले को देखते हुए कैंट क्षेत्र में भी सेना ने सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया है. कैंट क्षेत्र में स्थित धार्मिक स्थलों के साथ-साथ संवेदनशील स्थानों पर सेना के जवान तैनात किया गया है. जिला प्रशासन के साथ सेना के अधिकारी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

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