गगनयान मिशन में भारत का सहयोग करेगा ऑस्ट्रेलिया

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New Delhi: ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसी के उप प्रमुख एंथनी मर्फेट ने सोमवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया भारत के गगनयान मिशन (Gaganyaan Mission) में कोकोस कीलिंग द्वीप (Cocos Keeling Islands) से निगरानी करने में सहयोग करेगा. 

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की तरफ से आयोजित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष सम्मेलन में मर्फेट ने कहा कि दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग बढ़ रहा है और भारत तथा ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसियों ने हाल में अपने समझौता ज्ञापन को अपडेट किया है.

उन्होंने कहा कि हम ऑस्ट्रेलिया के क्षेत्र कोकोस कीलिंग द्वीप के जरिए निगरानी करके गगनयान मिशन में सहयोग करेंगे.

इस साल की शुरुआत में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के प्रमुख के सिवन ने कहा था कि इसरो ऑस्ट्रेलिया की अंतरिक्ष एजेंसी के साथ गगनयान मिशन के लिए कोकोस कीलिंग द्वीप समूह में एक ग्राउंड स्टेशन बनाने के लिए भी बातचीत कर रहा है. कक्षा में उपग्रह अपनी जानकारी को पृथ्वी पर स्थित स्टेशन तक नहीं पहुंचा सकते हैं अगर उनके पास जमीनी स्टेशन का स्पष्ट दृश्य नहीं हो.

उपग्रह की सूचनाओं को डेटा रिले उपग्रह प्रसारित करने का कार्य करता है. ब्लाइंड स्पॉट के कारण कई बार सिग्नल नहीं पहुंचते हैं. कोकोस कीलिंग द्वीप से डेटा रिले उपग्रह की निगरानी से इन मुद्दों के समाधान में मदद मिलेगी, गगनयान भारत का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशन है, जिसका उद्देश्य तीन भारतीयों को पृथ्वी की निचली कक्षा (लीओ) में ले जाना है.

2022 तक भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना

गगनयान मिशन के तहत 2022 तक भारत के अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है. मिशन के लिए इंडियन एयरफोर्स के चार पायलट को चुना गया था. वो पिछले साल फरवरी से ही मास्को के नजदीक यूरी गगारिन रिसर्च ऐंड टेस्ट कॉस्मोनॉट ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग ले रहे थे.

गगनयान मिशन का लक्ष्य भारत की स्वतंत्रता के 75 साल पूरे होने के अवसर पर 2022 में 4 सदस्यीय दल को 5 से 7 दिन के लिए अंतरिक्ष में भेजना है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में स्‍वतंत्रता दिवस पर राष्‍ट्र के नाम संबोधन में इस मिशन का ऐलान किया था. इसरो ने उसी हिसाब से योजना पर काम करना शुरू कर दिया था.

कोरोना महामारी की वजह से इस मिशन में पहले ही देरी हो चुकी है. दरअसल इसरो ने दिसंबर 2020 में पहली मानव रहित उड़ान, जुलाई 2021 में दूसरी और दिसंबर 2021 में पहला मानव अंतरिक्ष यान मिशन की योजना बनाई थी.

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