जॉब्स इंडेक्स में UP सबसे नीचे, जानिए बाकी राज्‍यों का हाल

जॉब्स इंडेक्स में UP सबसे नीचे, जानें बाकी राज्‍यों का हाल

New Delhi: भारत की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है लेकिन नौकरियों के अवसर उस तेजी से पैदा नहीं हो रहे हैं. हालांकि अर्थव्यवस्था से नौकरियों के अवसर मिले, बस यही पर्याप्त नहीं है. नौकरियों की क्वॉलिटी भी काफी मायने रखती है.

असंगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार मिलते हैं. ज्यादातर राज्य लिंग और आय की असमानता का सामना कर रहे हैं.

सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च और अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी द्वारा हाल में तैयार किए गए जॉब्स इंडेक्स से पता चलता है कि कौन से राज्य बेस्ट जॉब्स के अवसर पैदा कर रहे हैं और क्यों यह जरूरी नहीं कि एक मजबूत अर्थव्यवस्था से बड़ी तादाद में रोजगार के अवसर भी पैदा हों.

जॉब्स इंडेक्स में आंध्र टॉप पर, UP सबसे नीचे

0 से 100 तक तैयार किए गए जस्ट जॉब्स इंडेक्स में पांच बड़े इंडिकेटर्स का विश्लेषण किया गया है, जिसमें रोजगार, संगठित या असंगठित, लाभ, आय असमानता, लिंग असमानता शामिल हैं. इसके तहत 2010 और 2018 के बीच के सरकारी सर्वे से मिले डेटा का इस्तेमाल करते हुए 21 राज्यों में पैदा हुए नौकरियों के अवसर की क्वॉलिटी का आकलन किया गया.

इंडिकेटर्स पर राज्यों का प्रदर्शन

  1. रोजगार
    – छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश रोजगार देने के मामले में टॉप पर हैं.
    – छत्तीसगढ़ राज्य में निर्माण सेक्टर में आई तेजी से लेबर फोर्स बढ़ा है.
    – गोवा और केरल को रोजगार पर काफी कम स्कोर मिले. यहां खासतौर से महिलाओं में बेरोजगारी की दर अधिक है.
    – देश में सबसे ज्यादातर साक्षरता दर वाला राज्य होने के बावजूद केरल रोजगार देने में पीछे है. हालांकि ज्यादा पढ़े-लिखे लोग अच्छी नौकरी की उम्मीद करते हैं और ऐसे में राइट जॉब के लिए इंतजार करना पसंद करते हैं.

    2. फॉर्मल सेक्टर जॉब्स

– भारत में रोजगार दो क्षेत्रों में मिलते हैं. पहला, असंगठित क्षेत्र है जिसमें कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं और वर्किंग कंडीशन भी खराब होती है. दूसरा असंगठित क्षेत्र है जिसमें काम करने वालों को सैलरी मिलती है और सुरक्षा की गारंटी भी मिलती है.
– रोजगार सेक्टर में गोवा और केरल का प्रदर्शन भले ही खराब रहा लेकिन संगठित क्षेत्र के रोजगार देने में ये राज्य टॉप पर हैं.
– यूपी और झारखंड का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है और इसकी बड़ी वजह कृषि क्षेत्र, होलसेल और रिटेल ट्रेड सेक्टरों का दबाव है.

3. लिंग असमानता

– पिछले दो दशकों में महिला लेबर फोर्स की भागीदारी लगातार घटी है.

– लिंग समानता पर हिमाचल प्रदेश और छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है. इन राज्यों में महिलाओं और पुरुषों के बीच रोजगार के स्तरों और वेतन को लेकर ज्यादा स्थायित्व है.
– इस इंडिकेटर पर बिहार और UP का स्कोर सबसे कम है.

4. आय समानता

– लंबे आर्थिक विकास के बावजूद आय में असमानता बनी हुई है. छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र का प्रदर्शन आय असमानता इंडेक्स में सबसे अच्छा है क्योंकि यहां अपेक्षाकृत न्यूनतम वेतन की दर अधिक और खर्च करने की असमानता कम है.
– केरल और जम्मू-कश्मीर सबसे पीछे हैं क्योंकि यहां खर्च करने की असमानता काफी ज्यादा है.

5. लाभ

– सामाजिक सुरक्षा पाने वाले वर्कर्स और सामूहिक सौदेबाजी से अधिक उत्पादन होता है.
– जम्मू और कश्मीर राज्य बेनिफिट्स इंडेक्स में सबसे ऊपर है. यहां पेंशन पर पर सरकार ज्यादा खर्च करती है. वहीं, केरल में यूनियर मेंबरशिप का आंकड़ा ज्यादा है.
– इस मामले में गुजरात और छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन काफी खराब है. यहां 2010 से मिल रहे लाभ घटते ही जा रहे हैं.
(स्रोत- just jobs index)

साभार: एनबीटी

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