Assotech Hills पर 10 लाख का जुर्माना, कंपनी का निबंधन रद्द करने के लिए है पर्याप्‍त कारण

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Ranchi: रांची के बोड़ेया में आवास निर्माण करने वाले एसोटेक हिल्‍स (Assotech Hills) पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. एसोटेक हिल्‍स पर यह कार्रवाई झारखंड रियल इस्‍टेट रेगुलेट्री ऑथरिटी की ओर से की गई है. एसोटेक हिल्‍स पर ग्राहकों से सही जानकारी छिपाकर फ्लैट की बुकिंग करने का दोषी पाया गया है.

झारेरा ने जुर्माना लगाने के अपने फैसले में कहा है कि कंपनी द्वारा सूचना छिपाने की वजह से एसोटेक हिल्‍स कंपनी का रजिस्‍ट्रेशन रद्द करने का पूरा आधार है. फ्लैट बुक करने वाले ग्राहकों की स्थिति पर विचार करने के बाद कंपनी पर सिर्फ अर्थदंड लगाने का फैसला लिया गया है.

झारेरा के चेयरमैन सीमा सिन्‍हा ने जानकारी दी कि कंपनी को 30 दिनों के अंदर जुर्माने की रकम जमा करने का आदेश दिया गया है. तय समय सीमा में जुर्माने की रकम जमा नहीं करने पर 12 फीसदी प्रति महीने की दर से ब्‍याज के साथ पेनाल्‍टी वसूल की जाएगी.

एसोटेक हिल्‍स कंपनी (Assotech Hills Compony) पर यह कार्रवाई पूर्व निदेशक मनोज श्रीवास्‍तव द्वारा की गई शिकायत के मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद किया है. झारेरा के आदेश में कहा गया है कि नियम के मुताबिक निबंधन के समय कंपनी को इस बात की सूचना देना जंयरी है कि उससने पिछले पांच साल के दौरान कौन-कौन से प्रोजेक्‍ट शुरू किये. प्रोजेक्‍ट पूरा हुआ या नहीं. प्रोजेक्‍ट के निवेशकों का बकाया है या नहीं. कंपनी के खिलाफ कोई शिकायत या मुकदमा है या नहीं.

सूचना छिपाना निबंधन रद्द करने के लिए पर्याप्‍त

एसोटेक हिल्‍स रांची ने झारेरा में रजिस्‍ट्रेशन के लिए दिए गए आवेदन में इन बातों की जानकारी नहीं दी है. नियमानुसार यह कंपनी का निबंधन रद्द करने के लिए पर्याप्‍त है. लेकिन, फ्लैट बुक करानेवालों की स्थिति को देखते हुए निबंधन रद्द करने के बदले सिर्फ जुर्माना लगाया जा रहा है. कंपनी के पूर्व निदेशक ने झारेरा से की गई शिकायत में इस बात  का उल्‍लेख था कि दिल्‍ली हाईकोर्ट ने कंपनी के लिए लिक्विडेटर निुयुक्‍त कर दिया है. इसकी नियुक्ति के बाद कंपनी के निदेशकों की शक्तियां जब्‍त हो जाती हैं.

लिक्विडेटर की नियुक्ति के बाद परिसंपत्तियों का ट्रांसफर

इसके बावजूद एसोटेक हिल्‍स रांची के एमडी संजीव श्रीवास्‍तव ने कंपनी की परिसंपत्तियों को हस्‍तांतरित किया है. साथ ही इन तथ्‍यों को छिपाकर झारेरा से निबंधन लिया है. उनकी तरफ से अधिवक्‍ता अमृतांश वत्‍स ने दलील पेश की. पूर्व निदेशक द्वारा की गई शिकायतों के मद्देजनजर एसोटेक हिल्‍स, रांची के एमडी संजीव श्रीवास्‍तव की ओर से अधिवक्‍ता दीपक कुमार ने कंपनी का पक्ष रखा.

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